२०२०-२१ की वित्तीय समय सीमा जो आपको पता होना चाहिए

अगले कुछ महीनों में कुछ समय सीमाएं आ रही हैं जो आपके कर नियोजन उद्देश्यों को प्रभावित कर सकती है

२०२०-२१ की वित्तीय समय सीमा जो आपको पता होना चाहिए

सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट और लॉकडाउन द्वारा बनाई गई अभूतपूर्व स्थिति के कारण कर और निवेश की समय सीमा बढ़ा दी है। जैसे-जैसे हम 2020-21 में आगे बढ़ रहे हैं,यहाँ बताया गया है कि कौन सी वित्तीय समय-सीमाएँ निकट आ रही है ।

1. आयकर रिटर्न (आई.टी.आर.)

वर्तमान स्थिति के कारण, आई.टी.आर. दाखिल करने के लिए चार महीने की सीमा बढ़ाने की घोषणा की गई थी। समय सीमा 31 जुलाई 2020 से बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दी गई थी। विलंब पर ब्याज भी 12% से घटाकर 9% कर दिया गया है। इस एक्सटेंशन के दौरान, आयकर विभाग संशोधित आई.टी.आर. दाखिल करने के लिए निर्धारितियों को अनुमति देगा, यदि किसी भी सुधार की आवश्यकता हो |

2. जी.एस.टी. रिटर्न

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सी.बी.डी.टी.) ने वार्षिक जी.एस.टी. रिटर्न दाखिल करने की नियत तारीख को बढ़ाने की घोषणा की है । फॉर्म जी.एस.टी.आर. -9 और वित्त वर्ष 2018-19 के लिए संधि विवरण अब 30 जून 2020 तक दर्ज किया जा सकता है। इसे पिछली तारीख ,31 मार्च 2020 से बढ़ाया गया है।

3. फॉर्म 15 जी और 15 एच

केंद्र सरकार ने फॉर्म 15 जी और 15 एच की वैधता को भी 30 जून 2020 तक बढ़ा दिया है। यह एक्सटेंशन वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान जमा किए गए फॉर्म के लिए लागू होगा। यह लाभ सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के जमाकर्ताओं को मिलेगा।

4. कर बचत करने वाले निवेश

वित्त मंत्री ने करदाताओं को अपनी कर योजना के अभ्यास को पूरा करने के लिए तीन महीने की अतिरिक्त अवधि की अनुमति दी है। अपना आयकर प्रतिशत कम करने की कोशिश कर रहे करदाताओं को अपना निवेश 31 मार्च 2020 तक पूरा करना था। वे अब 30 जून 2020 तक वित्त वर्ष 2019-20 के लिए अपने निवेश को पूरा कर सकते हैं।

5. डाक जीवन बीमा के लिए प्रीमियम

डाक जीवन बीमा निदेशालय ने ग्रामीण डाक जीवन बीमा और डाक जीवन बीमा पॉलिसियों के प्रीमियम के भुगतान की समय सीमा बढ़ा दी है। यह एक्सटेंशन मार्च और मई 2020 के बीच भरे जाने वाले प्रीमियम पर लागू होता है। प्रीमियम का भुगतान 30 जून 2020 तक किया जा सकता है और इस पर कोई जुर्माना या डिफ़ॉल्ट शुल्क नहीं लिया जाएगा।

6.पीपीएफ, आरडी, और एसएसवाई योजनाएं

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड और सुकन्या समृद्धि योजना के सब्सक्राइबर अब 30 जून 2020 तक वित्त वर्ष 2019-20 के लिए राशि जमा कर सकते हैं। यह आवर्ती जमा पर भी लागू होता है। छोटे जमाकर्ताओं, जिन्हें 31 मार्च 2020 तक अपनी जमा राशि देनी थी, वे अब इस तीन महीने के विस्तार का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा, सभी पीपीएफ निवेशक जिनके खाते 30 मार्च 2020 को मैच्योर हो गए थे, अब वे उन्हें 30 जून 2020 तक बढ़ा सकते हैं।

7. विवाद से विश्वास

कर विवादों को निपटाने के लिए शुरू की गई विवाद से विश्वास योजना को भी तीन महीने का एक्सटेंशन दिया गया है। कर विवाद जिसकी पहले 31 मार्च 2020 की समय सीमा थी, अब 30 जून 2020 तक पूरा किया जा सकता है। इन विवादों पर लागू 10% ब्याज माफ कर दिया गया है, और कोई जुर्माना लागू नहीं होगा।

8. पैन-आधार लिंकिंग

पैन और आधार की अनिवार्य लिंकिंग 31 मार्च 2020 तक पूरी होने वाली थी। हालांकि, सरकार ने अब इस समय-सीमा को बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया है, क्योंकि कई नागरिक होम क्वारंटाइन में फंस गए हैं।