30 की उम्र से पहले जानने के लिए पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी 7 ज़रूरी बातें

जैसे ही आप 30 साल के होते हैं, आपको अपने पैसों को लेकर ज़्यादा ध्यान देना ज़रूरी हो जाता है. साथ ही, अपना बैंक बैलेंस बढ़ाने के लिए आपको कुछ फाइनेंशियल क़दम भी उठाने पड़ सकते हैं.

7 Personal financial moves you wish you knew before turning 30

अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक मज़बूत फाइनेंशियल प्लान का होना सच में एक उपलब्धि है, लेकिन अगर आपने 30 साल के होने के बावजूद ऐसा नहीं किया है, तो अब इस पर विचार करने का समय आ गया है. जब आप अपने 30वें वर्ष में प्रवेश करते हैं, तब तक आपकी ज़िम्मेदारियाँ भी बढ़ जाती हैं - आप अपना कैरियर बदल सकते हैं, शादी करने की योजना बना सकते हैं. इसके अलावा, एक परिवार शुरू कर सकते हैं या घर खरीदने के लिए डाउन पेमेंट कर सकते हैं. पूरी तरह से तैयार होने के लिए, अपने फाइनेंस पर कंट्रोल रखना आवश्यक है. 

अगर आप सोच रहे हैं कि अपने पर्सनल फाइनेंस को कैसे मैनेज करें, तो यहां कुछ तरीके बताए गए हैं जो एक गाइड के रूप में काम करेंगे. 

1. अचानक आने वाले खर्चों के लिए प्लान करें

किसी भी बड़े अनजान ख़र्चे की पहचान करना और उन्हें पूरा करने की रणनीति बनाना ज़रूरी है. इससे आपको यह पता चल जाएगा कि आपको उन ख़र्चों को पूरा करने के लिए कितनी रकम की ज़रूरत पड़ेगी. उदाहरण के लिए, यह ख़र्चे आपके घर या कार खरीदने या अपने बच्चे की हायर स्टडीज़ के लिए पेमेंट करने से जुड़े हो सकते हैं. पहले से योजना बनाकर आप एक अच्छी शुरुआत कर सकते हैं। इस तरह, आप शुरू करने के लिए ज़रूरी क़दमों के लिए आसानी से रोडमैप तैयार कर पाते हैं.

2. इमरजेंसी फंड तैयार रखें

घरेलू मरम्मत या अस्पताल के बिल जैसे अचानक आने वाले खर्च किसी भी समय हैरान कर सकते हैं. या आपकी नौकरी जा सकती है और आप कुछ समय के लिए बेरोज़गार हो सकते हैं. ऐसी इमरजेंसी के लिए आपके पास पैसा मौजूद होना चाहिए. भरपूर बचत करें और इसे इमरजेंसी फंड में डालें, ताकि आप कुछ महीनों के खर्चों को पूरा कर सकें। बेहतर होगा अगर आपके पास छह महीने या एक वर्ष तक गुज़ारा करने के लिए काफ़ी पैसे हों. इस पैसे को एक ऐसे सेविंग्स अकाउंट में रखें जो ज़्यादा ब्याज देता हो. आप चाहें तो स्टेबल, लिक्विड इंस्ट्रूमेंट में भी निवेश कर सकते हैं ताकि ज़रूरत के समय आप आसानी से पैसे निकाल सकें. 

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3. घर का बजट बनाएं

यह बहुत ही ज़रूरी है और आपके फाइनेंस को नियंत्रित करने की दिशा में पहला कदम होता है, क्योंकि इससे आपको यह पता चलता है कि आपका पैसा कहां ख़र्च हुआ. अपनी खर्च करने की आदतों के बारे में जागरूक होकर आप यह जान सकेंगे कि आप खर्चों में कहाँ कटौती कर सकते हैं और ज़्यादा पैसे बचा सकते हैं. अपनी आय को खर्चों और बचत और निवेश जैसे वित्तीय लक्ष्यों के बीच, बेहतर तरीके से आवंटित करने का प्लान बनाएं - और सुनिश्चित करें कि आप इसका कड़ाई से पालन करें! समय के साथ, आप लालच में आकर होने वाले और अनावश्यक खर्चों से बचने में सक्षम होंगे. बेशक, जैसे-जैसे आपकी आय और ख़र्च बढ़ेंगे, आपको इन बदलावों के साथ मिलकर चलना होगा. 

4. अपनी ज़रूरतों से ज़्यादा ख़र्च न करें

सांसारिक चीज़ों में लिप्त होना और कभी-कभी उन अनुभवों का आनंद लेना एक अच्छी ज़िंदगी के लिए ज़रूरी है, लेकिन अपनी जेबें ज़्यादा ढीली करना आपके लिए लंबे समय में नुकसानदायक हो सकता है. महीने के अंत तक अपने बटुए को कभी खाली न करें; केवल उतना ही खर्च करने की आदत डालें जितना आप अपनी आय से खर्च कर सकते हैं और अपनी ज़रूरतों से ज़्यादा ख़र्च न करें. यह अच्छी आदत आपके आर्थिक भविष्य को मज़बूत बनाने में मदद करेगी और आपको इसे बिना देर किए अपनाना होगा.

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5. रिटायरमेंट फंड को अलग रखें

आपके प्रोफेशनल करियर में 30 के आस-पास की उम्र एक महत्वपूर्ण समय है, और बहुत संभव है कि आपने रिटायरमेंट के बारे में अभी सोचा नहीं हो. हालाँकि, 30 की उम्र के आस-पास आपके पास अभी भी समय है, इसलिए इसे बर्बाद न करें. अगर आप चाहते हैं कि रिटायर होने से पहले आपके पास बहुत से पैसे हों, तो अपने रिटायरमेंट कॉर्पस को जल्दी बनाना शुरू करें, भले ही इसमें आप थोड़ा-थोड़ा पैसा जोड़ें. अपनी कंपनी के रिटायरमेंट कॉन्ट्रिब्यूशन और पेंशन प्लान का लाभ उठाना न भूलें. आप जितना जल्दी शुरू करेंगे, आप उतना अधिक ब्याज कमाएंगे.

6. एक अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाएँ 

आपका क्रेडिट स्कोर आपके जीवन के फाइनेंस से जुड़ी लगभग हर चीज़ पर असर डालता है. इसके आधार पर वह ब्याज तय होता है जो लोन देने वाले आपके लोन पर लगाते हैं. एक अच्छी पेमेंट हिस्ट्री का मतलब है सस्ते रेट पर लोन मिल पाना. इसलिए एक अच्छा क्रेडिट स्कोर बनाने पर काम करें; इससे कैश में आपको ज़्यादा बचत होती है क्योंकि आप प्रतिस्पर्धी मॉर्गेज रेट्स का बेहतर लाभ उठा सकते हैं. 700 से ऊपर का सिबिल स्कोर आमतौर पर अच्छा माना जाता है. बकाया लोन समय पर चुकाएं और अपना क्रेडिट कार्ड बैलेंस सुझाई गई लिमिट से कम रखें.

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7. नियमित निवेश करें

एक ऐसा इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो बनाएं जो आपके लक्ष्यों के साथ सेट हों. अपनी 30 की उम्र के आस-पास, आप अपने करियर में तेज़ी से आगे बढ़ रहे होंगे और रिटायरमेंट से काफ़ी दूर होंगे. इससे आप अपने इन्वेस्टमेंट के साथ ज़्यादा जोखिम ले पाते हैं. इसका मतलब है कि आपको शेयरों में जमकर निवेश करना चाहिए. वैकल्पिक रूप से, प्रोफेशनली मैनेज किए गए म्यूचुअल फंड, एक बड़ी बास्केट है जो हाई रिटर्न देते हैं. आप कम लागत वाले इंडेक्स फंड्स और टैक्स-सेविंग इंस्ट्रूमेंट्स में भी निवेश कर सकते हैं. जैसे ही आप अपने 35-40 की उम्र की ओर बढ़ते हैं, अपने पोर्टफोलियो मिक्स में सुरक्षित इंस्ट्रूमेंट्स (जैसे बॉन्ड) को जोड़कर अपने पोर्टफोलियो को फिर से बैलेंस करें. 

अंततः, आपको पैसे बचाने के महत्व के बारे में अपने-आप को शिक्षित करना चाहिए और ऊपर दिए गए सुझावों का पालन करना चाहिए. ये कदम, खासतौर पर अगर आप करियर की शुरुआत में उठाते हैं, तो इससे आपको फाइनेंशियल ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी. इन युवा उम्र में कमाने के साथ-साथ 10 स्मार्ट फाइनेंशियल उपायों को देखें. 

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