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टेक्नोलॉजी और बैंकिंग में लगातार हो रहे सुधार की वजह से यूपीआई की मदद से भुगतान और ट्रांसफर और भी तेज, सस्ता और सबसे सुविधाजनक विकल्प बन गया है। पता लगाते हैं कैसे

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जो लोग ऑनलाइन भुगतान करने से डरते थे अब वो राहत की सांस ले सकते हैं। 11 अप्रैल 2016 को आरबीआई गवर्नर डॉ रघुराम राजन द्वारा 21 बैंकों के साथ मिलकर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च किया गया यूपीआई आजकल का सबसे बेहतर और सुरक्षित भुगतान प्रणाली बन गया है। आइए यूपीआई के बारे में और जानकारी लेते हैं और इसकी विशेषताओं को समझते हैं।

क्या है यूपीआई?

यूपीआई या युनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस एक तात्कालिक रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम है जो मोबाइल प्लैटफॉर्म की मदद से दो बैंकों के बीच तुरंत पैसे ट्रांसफर करने में मदद करता है। यानि, यूपीआई के जरिए एक मोबाइल ऐप्प में ही कई बैंक खातों को शामिल किया जा सकता है। इसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने बनाया है और ये आरबीआई और आईबीए (इंडियन बैंक एसोसिएशन) के नियंत्रण में है।

यूपीआई की विशेषताएं

यूपीआई की कुछ विशेषताएं नीचे दी जा रही हैं:

  • इमीडीइट पेमेंट सर्विस (आईएमपीएस) के जरिए तुरंत पैसे ट्रांसफर किए जा सकते हैं और ये एनईएफटी से तेज है।
  • ये पूरी तरह से डिजिटल है, इसलिए यूपीआई को दिन के 24 घंटे और छुट्टियों के दिन भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • एक ही मोबाइल ऐप्प के जरिए कई बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • ये वर्चुअल पेमेंट एड्रेस का इस्तेमाल करता है जो बैंक द्वारा दिया गया यूनीक आईडी है।
  • ये आईएफएस कोड के साथ खाता नंबर और मोबाइल मनी आइडेंटिफायर (एमएमआईडी) के साथ मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करता है।
  • हर भुगतान के लिए एमपिन या मोबाइल बैंकिंग पर्सनल आइडेंटिफिकेशन नंबर अनिवार्य है।
  • ये यूएसएसडी सर्विस पर भी उपलब्ध है, जहां ग्राहक *99# डायल करके इस सेवा का लाभ उठा सकता है और फंड ट्रांसफर, पैसे भेजने, पैसे की मांग करने, गैर-वित्तीय सेवाएं, बैलेंस पता करने, एमपिन बदलने, आदि जैसी सेवाओं में से चुनाव कर सकता है।
  • हर बैंक अपना खुद का यूपीआई एंड्रॉइड, विंडोज और आईओएस प्लैटफॉर्म पर मुहैया करा रहा है। बैंक यूपीआई सेवा के लिए पैसे ले या नहीं ले सकते हैं।
  • बिल शेयर सुविधा
  • ये मर्कंट पेमेंट, यूटिलिटी बिल पेमेंट, इन-ऐप्प पेमेंट, ओटीसी पेमेंट, बारकोड आधारित पेमेंट के लिए बेहतर जरिया है।
  • मोबाइल ऐप्प के जरिए ग्राहक सीधा शिकायत दर्ज कर सकता है।

क्या बात यूपीआई को सुरक्षित प्लैटफॉर्म बनाती है?

ये इंटरफेस सीमलेस क्लिक पेमेंट वाले 2 फैक्टर ऑथेन्टकैशन पर आधारित है। ये विशेषता नियामकों के दिशा-निर्देश से जुड़ी हुई है जो इसे सबसे सुरक्षित बनाती है। 2 फैक्टर ऑथेन्टकैशन ओटीपी से मिलता-जुलता है। यूपीआई ओटीपी के बजाय एमपिन का इस्तेमाल करता है।

एनपीसीआई सलाहकार नंदन निलेकणि के मुताबिक यूपीआई काफी सुरक्षित है क्योंकि इसमें लेनदेन जटिल एंक्रिप्टेड फॉरमैट में होता है। एनपीसीआई के आईएमपीएस नेटवर्क पर पहले ही हर रोज 8 हजार करोड़ से ज्यादा लेन-देन होते हैं और मोबाइल फोन के इस्तेमाल बढ़ने से इस आंकडे में और बढ़ोतरी होगी।

ये कैसे काम करता है?

यूपीआई सेवा को इस्तेमाल करने के लिए ग्राहकों को अपनी पसंद का वर्चुअल पेमेंट एड्रेस या वीपीए बनाना होता है। ग्राहकों को फिर वीपीए को अपने बैंक खाते के साथ जोड़ना होता है। वीपीए ग्राहक का वित्तीय पता बन जाता है और उन्हें पैसे भेजने या पाने के लिए लाभार्थी का बैंक खाता नंबर, आईएफएससी कोड, नेट बैंकिंग यूजर कोड और उसका पासवर्ड याद रखने की जरूरत नहीं पड़ती है। पुल (पैसे पाने) और पुश (पैसे भेजने) के लिए ग्राहक के वर्चुअल एड्रेस की जरूरत होने से लेने-देन और सुरक्षित बन जाता है। ग्राहक बार-बार जानकारी भरने की जरूरत नहीं पड़ती है और क्रेडेंशियल साझे नहीं होते हैं।

आप इस वीडियो के जरिए यूपीआई के बारे में और जानकारी पा सकते हैं और जान सकते हैं कि कैसे यूपीआई ऐप्प के जरिए पेमेंट करते हैं।

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