Adani Wilmar IPO: What is the experts' opinion

अदानी विल्‍मार और अदानी ग्रुप के बीच एक ज्‍वांइट वेंचर है और भारत में शीर्ष 10 एफएमसीजी कंपनियों में से एक है। 230 रुपये प्रति शेयर के शेयर प्राइस के साथ 3,600 करोड़ रुपये का आईपीओ लाया गया था। यह इश्यू 27 जनवरी को खुला और 31 जनवरी को बंद हो गया। कुल मिलाकर 17 गुना सब्‍स्‍क्राइब किए गए इस आईपीओ को निवेशकों और संभावित निवेशकों दोनों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली। विशेषज्ञ यहां उसके बारे में क्या कहते हैं।

क्या आपको अदानी विल्‍मार खरीदना चाहिए जानिए विशेषज्ञ क्या कहते हैं

अदानी विल्‍मार, विल्‍मार और अदानी ग्रुप के बीच एक संयुक्त उद्यम है और भारत की शीर्ष 10 एफएमसीजी कंपनियों में से एक है। यह अपने उत्पादों को तीन श्रेणियों में पेश करता है - खाद्य तेल, उद्योग के लिए आवश्यक वस्‍तुएं और पैकेज्ड फूड।

230 रुपये प्रति शेयर (218 रुपये से 230 रुपये की मूल्य सीमा) के शेयर प्राइस के साथ 3,600 करोड़ रुपये का आईपीओ लाया गया था। पूंजीगत व्यय के अलावा, कंपनी की 1,059.9 करोड़ रुपये की उधारी को चुकाने/पूर्व भुगतान करने और रणनीतिक अधिग्रहण और निवेश में 450 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना है।

आईपीओ के बाद, दो प्रमोटर, अदानी और विल्‍मार, कंपनी में बराबर शेयर्स रखेंगे और 12% की सार्वजनिक हिस्सेदारी होगी।

विश्लेषकों ने क्या कहा, और उनकी क्‍या प्रतिक्रिया थी?

इश्यू के बाद का P/E इश्यू प्राइस बैंड की ऊपरी सीमा से 37.6x तक निकल जाता है। वित्त वर्ष 2019-21 के दौरान, अदानी विल्‍मार का ऐतिहासिक लाभ और राजस्व सीएजीआर को क्रमशः लगभग 13% और लगभग 39% देखते हुए यह उचित है। इसके अलावा, लगभग सभी विश्‍लेषकों ने इस शेयर को बाय रेटिंग दी है।

यह इश्यू 27 जनवरी को खुला और 31 जनवरी को बंद हो गया। इस आईपीओ को निवेशकों और संभावित निवेशकों दोनों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली, आईपीओ को कुल मिलाकर 17 गुना अभिदान मिला। रिटेल पोर्शन को 3.92 गुना सब्‍स्‍क्राइब किया गया, जबकि योग्य संस्थागत खरीदारों और उच्च शुद्ध संपत्ति वाले व्यक्तियों ने क्रमशः 5.7 गुना और 56.3 गुना सब्‍स्‍क्राइब किया।

इसके वित्तीय का अवलोकन

राजस्‍व की वृद्धि कंपनी के साथ-साथ, इसके टॉपलाइन के लिए भी अच्छी रही है। वित्त वर्ष 2019 में राजस्व 28,797 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2021 में 37,090 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2019 में शुद्ध लाभ 376 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2021 में 728 करोड़ रुपये हो गया। पिछले तीन वित्तीय वर्षों का औसत ईपीएस और आरओएनडब्ल्यू क्रमशः 4.56% और 19.26% है। इश्‍यू के बाद अदानी विल्‍मार का निहित बाजार पूंजीकरण 28,528 करोड़ रुपये से 29,900 करोड़ रुपये के बीच था।

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अदानी विल्‍मार की लिस्टिंग

जैसा कि ऊपर बताया गया है, इश्‍यू प्राइस 230 रुपये था, और यह 8 फरवरी को कम कीमत पर खुला था। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) 221 रुपये पर खुला था, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) 227 रुपये पर खुला था। मुख्य रूप से अडानी विल्‍मार की टेपिड लिस्टिंग का कारण बाजार की कमजोर धारणा थी। जिस समय कंपनी लिस्टिड हुई, उस समय सेंसेक्स में 300 अंक से अधिक गिरावट थी।

टेपिड लिस्टिंग ने निवेशकों को इश्यू प्राइस से नीचे स्टॉक खरीदने की अनुमति दी, जिससे रैली शुरू हुई। स्‍टॉक में अगले दो दिनों में अपर सर्किट को हिट कर गया, यहां तक कि शुक्रवार को भी 419.90 रुपये प्रति शेयर के अपने अब तक के सबसे उच्च स्तर तक पहुंच गया। स्‍टॉक शुक्रवार को 1.75 फीसदी की गिरावट के साथ 379.50 रुपये पर बंद हुआ।

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विशेषज्ञ की राय- अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?

रिलायंस सिक्योरिटीज़ का मानना है कि जिन निवेशकों ने आवंटन के बाद शेयर्स खरीदे हैं या जिन्‍होंने आईपीओ आवंटन के माध्यम से प्राप्त किए हैं, उन्हें इसे होल्‍ड करना चाहिए। अदानी विल्‍मार में निवेश करने वाली फर्म एक लंबी अवधि का खेल है, क्योंकि अदानी विल्‍मार मजबूत क्षमता के साथ अपने भाग में एक अग्रणी खिलाड़ी है। यह अपने उत्कृष्ट उत्पाद मिश्रण, मजबूत वितरण नेटवर्क, स्थापित ब्रांड के नाम, विविध ग्राहक आधार और साबित किए गए वित्तीय प्रदर्शन के कारण इस उद्योग में अपेक्षित वृद्धि हासिल करने के लिए अच्छी स्थिति में है।

आईआईएफएल सिक्योरिटीज़ ने कहा है कि इसे टेक्‍नीकल फ्रंट पर 300 रुपये के स्तर पर बने रहना चाहिए। जो निवेशक अभी भी अदानी विल्‍मार के शेयर्स होल्‍ड करते हैं, उन्हें 325 रुपये से 330 रुपये के निकट अवधि के लक्ष्य के लिए 268 रुपये के स्टॉप लॉस के साथ काउंटर रखना चाहिए। निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि लक्ष्य पहले ही पूरा हो चुका है।

संवादपत्र

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