पी.एम. किसान योजना के बारे में सबकुछ जानें

प्रधानमंत्री किसान योजना को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के नाम से भी जाना जाता है। इस योजना के तहत भारत सरकार, लघु और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता देती है। इस योजना द्वारा किसान परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6000 की दर से प्रत्यक्ष आय मदद मिलती है।

पी.एम. किसान योजना के बारे में सबकुछ जानें

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार द्वारा बनाई गयी है। यह सरकार की अब तक की सबसे बड़ी योजना है। इसमें 100 फीसदी पैसा केंद्र सरकार देती है। इस योजना से किसानों को उनकी निवेश संबंधी जरूरतों एवं अन्य ज़रूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। साथ ही यह योजना किसानों को साहूकारों और ऋणदाताओं के चंगुल से भी बचाने में मदद करती है। भारत सरकार ने इस योजना की शुरुआत हालांकि 1 फरवरी 2019 को पेश किये गए अपने अंतरिम बजट से की थी, लेकिन इसे 1 दिसंबर 2019 से लागू किया गया। पहले इस योजना को दो हेक्टेयर वाले छोटी जोत वाले किसान परिवारों के लिए लागू किया गया था, लेकिन बाद में इसे देशभर के किसानों के लिए लागू कर दी गयी।

इस योजना के तहत 2 हेक्टेयर तक भूमि वाले छोटी जोत वाले किसान परिवारों को ₹6,000 प्रति वर्ष की दर से प्रत्यक्ष आय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यह आय सहायता ₹2,000 की तीन समान किस्तों में लाभान्वित किसानों के बैंक खातों में सीधे ही हस्तांतरित कर दी जाती है। किसानों के बैंक खातों में सरकार द्वारा राशि जमा किये जाने में प्रधानमंत्री जन धन योजना ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस योजना से जिन परिवारों को लाभ होगा उनमे पति, पत्नी और बच्चे शामिल किये गए हैं। इसके योजना में हालांकि कुछ भू-स्वामियों को शामिल नहीं किया गया है। जैसे ऐसे भू स्वामी जो संवैधानिक पदों पर हैं या जो रह चुकें हैं, पूर्व और वर्तमान लोक सेवक, संस्थागत भू-स्वामी, जिला पंचायत और उनसे ऊपर के जन-प्रतिनिधि। 

इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान परिवारों को किसान कॉमन सर्विस सेंटर जाकर निर्धारित शुल्क का भुगतान कर अपना पंजीकरण करवाना होगा। इस योजना का लाभ लेने का एक और तरीका है। लाभार्थियों को अपना डाटा भारत सरकार द्वारा विकसित की गयी पोर्टल (HTTP://PMKISAN .NIC.IN ) पर फार्मर्स कॉर्नर में जाकर अपलोड करना होगा। इसके लिए उनके पास आधार कार्ड, बैंक खाते का होना जरूरी है। इस पोर्टल में पंजीकरण के बाद, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा दी गयी राशि लाभार्थियों के खाते में 48 घंटे के भीतर जमा कर दी जाती है। सरकार ने इस योजना के तहत देशभर के 14 करोड़ किसानों को मदद पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इस योजना से लाभार्थी किसानों को क्रेडिट कार्ड भी आसानी से मिल सकता है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने प्रधानमंत्री किसान योजना के एक वर्ष पूर्ण होने पर पीएम -किसान मोबाइल एप्लीकेशन लांच किया है, जिसका उद्देश्य इस लाभ को हर किसान तक सुलभ कराना है। पीएम - किसान मोबाइल एप्लीकेशन के जरिये किसान इस योजना से जुड़े अनेक बातों को जान सकता है, अपना पंजीकरण करा सकता है और अपने भुगतान की स्थिति भी पता कर सकता है। यह ऍप किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रहा है।

कोरोना संकट ने आम लोगों के साथ साथ देशभर के किसानों को भी काफी नुकसान पहुंचाया है। बेमौसम बारिश ने भी उनकी फसलों को बर्बाद कर दिया है। ऐसे में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना द्वारा दी जा रही ₹2000 की किस्त उनके लिए काफी मददगार साबित हो रही है। इस योजना को प्रधान मंत्री गरीब कल्याण पैकेज में शामिल किया गया है। परन्तु देश में ऐसे बहुत से किसान हैं जिन तक यह योजना नहीं पहुंच पा रही है। इसका कारण है इस योजना का लाभ लेने के लिए उनका पंजीकृत ना होना और बैंक खातों और आधार कार्ड से जुड़ी समस्या की वजह से किस्त का समय पर नहीं मिलना। प्राप्त जानकारी के अनुसार केवल 21 फीसदी किसानों को ही इस योजना का लाभ मिल पा रहा है। इसलिए जरूरी है कि सरकार किसानों के डाटा का अच्छे से मिलान करे और उन्हें इस योजना के प्रति जागरूक करे। ऐसा नहीं करने पर इसका लाभ उन जरूरतमंद किसानों को नहीं मिल पायेगा, जो इस महामारी में अपने जीवनयापन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इससे हो सकता है कि यह योजना अपना लक्ष्य हासिल करने से वंचित रह जाए।

इस योजना की कुछ सीमाएं भी हैं, जैसे कि इससे मिलने वाली धन राशि से किसानों की समस्याओं का कोई स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। ये राशि उनके लिए प्रतिवर्ष की जरूरत के हिसाब से कम है। हालांकि यह कुछ समय के लिए उनके जीवन को थोड़ा आसान जरूर बना देती है। इस योजना के अंतर्गत बटाईदार किसानों, भूमिहीन किसानों और कृषि मजदूरों को शामिल नहीं किया गया है जिसके कारण एक बड़ा वर्ग इस योजना के तहत मिलने वाले लाभ से वंचित हो गया है। पीएम किसान मोबाइल ऍप का फायदा भी उन किसानों को होगा जिनके पास स्मार्ट फोन है। ऐसे में सरकार को इस योजना की अनिश्चितता को देखते हुए दूसरे तरीकों से इसे किसानों तक पहुंचाने की जरूरत है।

निष्कर्ष - पीएम किसान जैसे केंद्र पोषित एवं कल्याणकारी योजना किसानों को आर्थिक  मदद उपलब्ध कराने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। इसलिए इस योजना को और व्यापक बनाने और इसे देशभर के किसानों तक पहुंचाने की जरूरत है। इसके लिए सरकार को इसे लागू करने के रास्ते में आने वाली मुश्किलों का पता लगाकर उसका समाधान निकालना चाहिए। इस योजना से मिलने वाली सहायता राशि से किसान अपने खेतों में नई तकनीक और अच्छे बीजों का इस्तेमाल कर उत्पादन को बढ़ा सकते हैं। सरकार को ये भी देखना चाहिए कि दी जा रही सहायता राशि प्रभावित समुदाय को गरीबी से बाहर निकालने के लिए पर्याप्त है या नहीं। यह योजना किसानों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।




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