भारत में घर खरीदने या किराए पर लेने के लिए 5 किफायती शहर

आइये हम भारत के पांच प्रमुख शहरों पर एक नज़र डालते हैं, जहाँ आज संपत्ति खरीदना या किराए पर लेना ,दोनों ही सस्ता है।

भारत में घर खरीदने या किराए पर लेने के लिए 5 किफायती शहर

हम में से कई लोगों को इस दुविधा का सामना करना पड़ा है कि एक घर खरीदने या उसके बजाय एक घर किराए पर लेने,दोनों में से किस में अधिक वित्तीय समझदारी होगी । यहां, हमने उन पांच शहरों की सूची तैयार की है, जहां दोनों में से कोई भी एक विकल्प चुनना काफी सस्ता हो सकता है।

1. इंदौर, मध्य प्रदेश

रियल एस्टेट में देर से ही सही, इंदौर में तेजी देखने को मिली है। शहर सरकार द्वारा समर्थित मेहनती योजना के साथ, इंदौर हमारे देश में कुछ सबसे सस्ती एकीकृत टाउनशिप प्रदान करता है ,जिनकी कीमतों का कोई मुकाबला नहीं है। आइए ,इंदौर के अपील के कुछ कारणों पर नज़र डालें:

जब जीवन में आराम और गुणवत्ता की बात आती है तो जलवायु एक प्रमुख कारक हो सकता है। इंदौर में मौसम एकदम सही है - न तो बहुत गर्म और न ही बहुत ठंडा। जब बुनियादी ढांचे और शिक्षा की बात आती है, तो इसके पास देने के लिए सबसे अच्छे विकल्प है और यह भारत के किसी भी शहर को अच्छी टक्कर दे सकता है।

और क्या चाहिए, इंदौर भारत के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक के रूप में लगातार स्थान बना  रहा है। महिलाओं के खिलाफ अपराध विशेष रूप से कम है।

2. जयपुर, राजस्थान

जयपुर को किसी संपत्ति को खरीदना या किराए पर लेने के लिए एक आदर्श स्थान माना गया है। जयपुर में घर खरीदना किसी भी अन्य महानगरों की तुलना में बहुत अधिक किफायती है। इस शहर के अद्वितीय खिंचाव आपको कहीं और नहीं मिल सकता है। इसे जयपुर द्वारा प्रदान किये गए लाभ से जोड़ें और आपके पास जो बचता है ,वह है जीतने का एक सूत्र:
हालाँकि, शहर की अर्थव्यवस्था , बड़े पैमाने पर पर्यटन द्वारा संचालित है, फिर भी यहां रहने की लागत बहुत कम है। इस पर विचार करें: सुंदर जयपुर में रहने वाले सूचकांक की लागत नोएडा की तुलना में 8.46% कम है। एक समृद्ध संस्कृति अपने निवासियों की जीवन की गुणवत्ता में चार चाँद लगाती है।

प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान, बढ़िया स्वास्थ्य सेवा, एक मजबूत औद्योगिक उपस्थिति और हवा में शुद्धता का स्तर केवल जयपुर में रहने के मानक स्तर को और बढ़ाता है।

3. अहमदाबाद, गुजरात

अन्य बड़े शहरों की तुलना में अहमदाबाद में अचल संपत्ति का बाजार छोटा है, लेकिन फिर भी यह कारण, इसे  रहने के लिए कम किफायती नहीं बनाता। यहां कुछ कारक हैं, जो अहमदाबाद के पक्ष में तराजू को झुकाते हैं:

अहमदाबाद एक आधुनिक शहर है, जिसका दिल अभी भी परंपरा से लिप्त  है। नतीजतन, लोगों को दोनों दुनिया का आनंद लेने का मौका मिलता है। यह एक शैक्षिक केंद्र भी है, जिसमें भारत के कुछ शीर्ष कॉलेज और विश्वविद्यालय मौजूद हैं: आई.आई.एम.अहमदाबाद , एन.आई.डी., एम.आई.सी.ए., आई.आई.टी., जी.एन.एल.यु.।

तेल, गैस, ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल और ऑटोमोटिव उद्योगों द्वारा संचालित, इस शहर में अत्यधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर कई आवासीय संपत्तियां हैं।

4. कोच्चि, केरल

इस सुखद तटीय शहर में आवासीय अचल संपत्ति बाजार का एक बड़ा हिस्सा (अनुमानित 60%) वर्तमान में किफायती आवास खंड पर हावी है। कोच्चि के हिस्से आने वाली कुछ अच्छी चीजें हैं:

मेट्रो के आगमन ने शहर में भ्रमण करना सस्ता और सुविधाजनक कर दिया है।इसके केंद्र में तेजी से बढ़ते आई.टी. क्षेत्र के साथ, कोच्चि ने हाल के वर्षों में हजारों नौकरियां उपलब्ध कराने में कामयाबी हासिल की है, जो कामकाजी जीवन को गुणवत्ता प्रदान करती है। यह केरल की वाणिज्यिक राजधानी भी है।

शहर अपने कई मनोरंजन क्षेत्रों और मनोरंजक पार्कों के माध्यम से कला और संस्कृति के जीवंत वातावरण का आनंद देता  है।

5. हैदराबाद, तेलंगाना

हैदराबाद,एक टियर-1 शहर जो विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे का दावा करता है, एक अच्छे जीवन की गुणवत्ता चाहने वाले लोगों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनने के रास्ते पर है। यहाँ कुछ आकर्षक कारण हैं, जिस कारण  किसी को हैदराबाद में रहने पर विचार करना चाहिए:

यह आमतौर पर एक अनुकूल और शांतिपूर्ण शहर माना जाता है,जो सुरक्षित जीवन को बढ़ावा देता है। हैदराबाद के बारे में एक विशिष्ट सकारात्मक बात यह है कि इसकी आबादी शहर के अंदर समान रूप से विभाजित की गई  है, जिसके कारण सुबह और शाम को शायद ही कोई यातायात भीड़ या 'भारी भीड़ का समय होता  ’हो।

अच्छे स्कूलों की उपलब्धता, कम प्रदूषण स्तर और संपन्न नौकरी बाजार ,कुछ अन्य कारक हैं, जो हैदराबाद को रहने के लिए सर्वश्रेष्ठ भारतीय शहरों में से एक बनाते हैं।

खरीदें या किराए पर लें: कौन सा विकल्प बेहतर है?

एक परिवार की कुल आय के अलावा, खरीदने या किराए का फैसला करने पर विचार करने लायक एक और अच्छा निर्धारणकर्ता कारक है  'तत्काल खरीदने की चाह (यु.टी.बी.)' - एक अनुपात जो खरीदने की औसत मासिक लागत के साथ किराए की औसत मासिक लागत की तुलना करता है ,समान मासिक किस्तों में (ई.एम.आई.)। यदि अनुपात बहुत अधिक है, तो यह इंगित करता है कि खरीदना बेहतर विकल्प है; जबकि यदि अनुपात कम है, तो किराए पर लेने का रास्ता ज्यादा ठीक है। इस सूची में शामिल सभी शहरों के लिए, यु.टी.बी. अनुपात न तो बहुत अधिक है और न ही बहुत कम है।

शहर औसत मासिक किराया (रुपये में)   औसत इ.एम.आई.(रुपये में)   यु.टी.बी. अनुपात
इंदौर 11,660 25,885 0.450
जयपुर 14,771 36,974 0.400
अहमदाबाद 15,446  39,106   0.395
कोच्चि 15,005  42,027   0.357
हैदराबाद 16,795     42,995   0.391
दिल्ली 23,264   75,665  0.307
चेन्नई 21,018     68,998  0.305
मुंबई 44,041    1,86,611 0.236

स्रोत: 'अर्थायंत्र' खरीद बनाम किराया रिपोर्ट 2019

जैसा कि आप देख सकते हैं, औसत मासिक किराया और औसत मासिक ई.एम.आई. 3 महानगरों में काफी अधिक है। इसलिए, घर खरीदना या किराए पर लेना, दोनों इस लेख में उल्लेखित 5 किफायती शहरों में व्यवहार्य विकल्प हैं। अंततः, यह सभी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं और धन की उपलब्धता पर निर्भर करता  है।

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