केंद्रीय बजट 2019 - मुख्य विशेषताएं

केंद्रीय बजट 2019 से सभी महत्वपूर्ण घोषणाओं पर एक नज़र

केंद्रीय बजट 2019

भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद के निचले सदन में केंद्रीय बजट 2019 पेश किया। खास बात यह रही कि उन्‍होंने बजट दस्‍तावेजों को रखने के लिए चार तह वाला पारंपरिक कपड़ा चुना, यह रहस्‍यमय बजट ब्रीफकेस जैसी औपनिवेशिक विरासत का अंत था।

इस बजट पर कुल सरकारी खर्च 27.86 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान व्‍यक्‍त किया गया है, यह 2018-19 के लिए संशोधित अनुमानों के मुकाबले 13.4% अधिक है। आइए, मोदी सरकार 2.0 के पहले केंद्रीय बजट की कुछ मुख्य बातों पर एक नजर डालते हैं।

10 वर्षीय विज़न और 5 ट्रिलियन डॉलर्स

वित्‍त मंत्री ने अगले दशक के लिए सरकार के 10 सूत्रीय विज़न को पेश किया और उम्मीद जताई कि भारत अगले पांच वर्षों में 5 ट्रिलियन डॉलर का मुकाम हासिल करने की राह पर है।

बुनियादी ढांचा

    •    अगले 5 वर्षों में बुनियादी ढांचे के लिए 100 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं
    •    बुनियादी ढांचे से जुड़ी घोषणाएं प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना, भारतमाला और सागरमाला परियोजनाएं आदि और नए औद्योगिक गलियारों, डेडिके‍टेड फ्रेट कॉरिडोर, नदी कार्गो मार्गों आदि के तहत की गई हैं।
    •    सरकार ने घरेलू कार्गो आवाजाही के लिए जलमार्ग का उपयोग करने और अगले चार वर्षों में आवाजाही को चार गुना तक बढ़ाने की योजना बनाई है।
    •    सीपीएसई और मंत्रालयों के पास मौजूद जमीनों में सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण में सरकार के साथ भागीदारी के लिए अवसर पैदा होगा।
विमानन एवं उससे आगे
  

 •    वित्‍त मंत्री ने यह भी खुलासा किया कि भारत एयरक्राफ्ट की फाइनेंसिंग और लीज़ पर देने वाली गतिविधियों में प्रवेश करना चाहता है। विमानन क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए, रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल उद्योग के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित किया जाएगा।
    •    न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड अंतरिक्ष विभाग की नई वाणिज्यिक शाखा के रूप में कार्य करने जा रहा है।

परिवहन

    •    300 किमी की नई मेट्रो रेल को मंजूरी दे दी गई है और विभिन्‍न माध्‍यमों में काम आने वाला परिवहन कार्ड पेश किया जाएगा।
    •    भारतमाला के दूसरे चरण में, राज्यों को राज्य सड़क नेटवर्क विकसित करने में मदद की जाएगी।
    •    परिवहन के सस्‍ते और पर्यावरण अनुकूल माध्‍यम पर जोर देने के लिए, इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट के लिए 10,000 करोड़ रुपये के खर्च का प्रावधान किया गया है।
    •    उपनगरीय परिवहन के लिए, पीपीपी पहलों के माध्यम से निर्मित स्‍पेशल पर्पज़ व्‍हीकल संरचनाएं तैयार की जाएंगी। संभव है कि यह शहरी विकास के लिए आवंटित 48,032 करोड़ रुपये का हिस्सा होगा।
    •    बड़े पैमाने पर रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।
 

गुणवत्‍तापूर्ण एवं आसान जीवन

    •    बिजली क्षेत्र के टैरिफ और सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले संरचनात्मक सुधारों के लिए पैकेज।
    •    मौजूदा समय में चल रहे पुरातन किरायेदारी कानूनों को बदलने के लिए एक मॉडल किरायदार कानून राज्यों को परिचालित किया जाएगा।
    •    गांधी जयंती 2019 तक भारत को खुले में शौच मुक्त बनाया जाएगा।
    •    सफल एलईडी बल्ब मिशन के अनुरूप सौर स्टोव और बैटरी चार्जर्स के उपयोग को बढ़ावा देना।
 

एमएसएमई और उद्यमी
 

   •    वित्‍त मंत्री ने एमएसएमई के लिए ईज़ ऑफ क्रेडिट स्‍कीम घोषित की है, जिसमें 59 मिनट के भीतर 1 करोड़ रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाएगा। सभी जीएसटी पंजीकृत एमएसएमई को ब्याज छूट देने के लिए 350 करोड़ उपलब्ध कराए गए हैं।
    •    सरकारी भुगतानों के तेजी से भुगतान की सुविधा प्रदान की जाएगी और विशेष रूप से एमएसएमई के लिए एक पेमेंट प्‍लेटफॉर्म आएगा। 
    •    सरकार प्रधानमंत्री करम योगी मानधन योजना के तहत 1.5 करोड़ रुपये तक के वार्षिक टर्नओवर वाले खुदरा व्यापारियों और दुकानदारों को पेंशन लाभ प्रदान करेगी।
    •    कम लागत की पूंजी की उपलब्धता को विशेष उपायों जैसे क्रेडिट गारंटी इन्‍हांसमेंट कॉरपोरेशन के जरिए सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही कॉर्पोरेट बॉन्ड रेपो, क्रेडिट डिफ़ॉल्ट स्वैप आदि सहित दीर्घकालिक बांड के लिए बाजार को मजबूती प्रदान करने की एक कार्य योजना पेश की जाएगी।
    •    दूरदर्शन के विभिन्‍न चैनलों पर स्टार्ट-अप के लिए टेलीविजन कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।

एफडीआई सहित निवेश

    •    सेबी को सार्वजनिक कंपनियों में न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी सीमा 25% से बढ़ाकर 35% करने पर पुनर्विचार करने को कहा जाएगा।
    •    सरकार ने आरबीआई और सेबी के साथ सरकार द्वारा जारी ट्रेजरी बिल और प्रतिभूतियों में खुदरा निवेश को बढ़ाने के लिए चर्चा करने की योजना बनाई है। 
    •    सरकार की योजना है कि हितधारकों के साथ परामर्श के बाद विमानन, मीडिया और बीमा जैसे क्षेत्रों में एफडीआई आमंत्रित किया जाए। इसके अलावा, बीमा मध्यस्थों में 100% एफडीआई की अनुमति दी जाएगी, वहीं एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में स्थानीय खरीद से जुड़े मानदंडों को आसान बनाया जाएगा। 
    •    वित्‍त मंत्री ने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के लिए निवेश के अवसर उपलब्ध कराने के महत्व पर प्रकाश डाला है। इससे एनआरआई की इक्विटी मार्केट तक पहुंच आसान हो जाएगी।
 

ग्रामीण

    •    सरकार ने कृषि के लिए 151,718 करोड़ रुपये, ग्रामीण विकास के लिए 140,762 करोड़ रुपये और सामाजिक कल्याण के लिए 50,850 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
    •    2022 तक हर ग्रामीण परिवार के पास खाना पकाने की सुविधा और बिजली कनेक्शन होना चाहिए।
    •    प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के माध्यम से, मत्स्य पालन विभाग एक मजबूत मत्स्य प्रबंधन प्रबंधन ढांचा स्थापित करने में सक्षम होगा।
    •    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 80,250 करोड़ रुपये की लागत से अगले पांच वर्षों में सड़क की लंबाई में 1,25,000 किलोमीटर की वृद्धि की जाएगी।
    •    पारंपरिक उद्योगों के उन्नयन और उत्थान के लिए फंड की स्कीम के तहत, बांस, हनी और खादी पर लाइवलीहुड बिजनेस इनक्यूबेटर्स और टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटरों के माध्यम से ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
    •    अगले पांच वर्षों में 10,000 नए किसान उत्पादक संगठन बनाए जाएंगे।
    •    वित्‍त मंत्री ने ज़ीरो बजट फ़ार्मिंग की आवश्यकता का उल्लेख किया और 2022 तक किसान की आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा।
    •    2024 तक सभी ग्रामीण घरों कोर पाइप से जलापूर्ति मिलेगी।
    •    प्रत्येक गांव में टिकाऊ ठोस कचरा प्रबंधन करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन का विस्तार किया जाएगा।
    •    सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) व्यवस्था के माध्यम से देश की प्रत्येक पंचायत के स्थानीय निकायों में इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी।

शिक्षा एवं कौशल विकास

सरकार शिक्षा पर बजट का 3.4%, और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों पर 2.3% रुपए आवंटित करेगी, लगभग 94 और 65 हजार करोड़ रुपये।

    •    उच्च शिक्षा में बदलाव के लिए नई शिक्षा नीति, अनुसंधान को फंड करने, समन्‍वय करने और बढ़ावा देने के लिए नेशनल रिचर्स फाउंडेशन, शिक्षण की गुणवत्‍ता में सुधार के लिए ग्लोबल इनिशिएटिव ऑफ एकेडमिक नेटवर्क्स, भारत में विश्व स्तर के संस्थानों के निर्माण के लिए 400 करोड़ रुपए और उच्च शिक्षा नियामक प्रणाली के सुधार जैसी पहल बजट में की गई।
    •    खेलों के विकास के लिए खेलो इंडिया स्‍कीम के तहत एक राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड की स्थापना की जाएगी।
    •    प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स, बिग डेटा, 3 डी प्रिंटिंग, वर्चुअल रियलिटी और रोबोटिक्स जैसे उद्योग प्रासंगिक नए-पुराने कौशल प्रदान किए जाएंगे।

बैंकिंग और वित्‍तीय क्षेत्र

सरकार ने कर्ज पर ब्याज के भुगतान के रूप में 6,60,471 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।

    •    एनबीएफसी की उच्च-रेटेड पूल्‍ड एसेट्स की खरीद के लिए क्रेडिट गारंटी की पेशकश की गई है। एनबीएफसी पर आरबीआई के नियामक प्राधिकरण में वृद्धि की संभावना है। एनबीएफसी पर आरबीआई के नियामक अधिकार में वृद्धि की जा सकती है। एनबीएफसी को डिबेंचर रिडेम्पशन रिजर्व बनो से छूट देने की घोषणा की गई।
    •    सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में सरकार के स्‍वामित्‍व की सीमा में बदलाव का प्रस्ताव किया गया, जिसके तहत अगल-अलग मामलों न्यूनतम सरकारी हिस्सेदारी को मौजूदा 51% से घटाने का प्रस्‍ताव किया गया है। 51% में सरकार-नियंत्रित निगमों की हिस्सेदारी भी शामिल होगी।
    •    केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों में सार्वजनिक भागीदारी में प्रोत्साहन - रणनीतिक विनिवेश योजनाएं, विनिवेश प्राप्तियों में 1,05,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य, सीपीएसई में दीर्घकालिक ईटीएफ निवेश योजनाएं इस दिशा की ओर बढ़ने का संकेत दे रहे हैं।
    •    400 करोड़ रुपये (250 करोड़ से) तक के वार्षिक टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए 25% के कॉर्पोरेट टैक्‍स की निम्न दर लागू की गई है। इसमें भारत की सभी कंपनियों का 0.7% हिस्सा शामिल है।
    •    भारत में मेगा मैन्‍युफैक्‍चरिंग प्‍लांट स्थापित करने हेतु वैश्विक कंपनियों को आमंत्रित करने के लिए सरकार एक योजना शुरू करेगी।
    •    बैंकिंग प्रणाली में कम या शून्य शुल्क के साथ डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित किया जाएगा क्योंकि नकद भुगतान को भी साथ ही साथ हतोत्साहित किया जा रहा है।
    •    सरकारी बैंकों को क्रेडिट बूस्ट के रूप में 70,000 करोड़ रुपये मिलेंगे।

ड्यूटी और टैक्‍स

कर व्‍यवस्‍था के लिए बजट में 117,285 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 
    •    सरकार ने "एंजल टैक्‍स" मुद्दे को हल करने और स्टार्ट-अप के लिए जांच की कठोरता में कमी लाने की योजना बनाई है। इसके अलावा, स्टार्ट-अप द्वारा वैकल्पिक निवेश कोष को जारी किए गए शेयरों का मूल्यांकन पूरी तरह से आयकर जांच के दायरे से बाहर होगा। स्टार्ट-अप को नुकसान को समायोजित करने या आगे ले जाने में छूट का फायदा मिलेगा।
    •    मुफ्त अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर, स्वचालित रिफंड, इलेक्ट्रॉनिक चालान प्रणाली और यहां तक कि जनवरी 2020 तक ई-वे बिल को खत्म करने के साथ ही जीएसटी के तहत रिटर्न फाइलिंग में छूट प्रस्तावित की गई है।
    •    इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कम जीएसटी और इलेक्ट्रॉनिक वाहन की खरीद पर दिए गए ब्याज पर अतिरिक्त आयकर कटौती (1.5 लाख रुपये) प्रस्‍तावित है।
    •    किफायती आवास योजना के तहत मकान मालिकों के लिए 15 वर्षों की अवधि में 7 लाख रुपये तक का कर लाभ।
    •    प्रोफिट लिंक्‍ड टैक्‍स कटौती के माध्यम से गिफ्ट सिटी में अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र को बढ़ावा देना।
    •    ऑप्‍शन में कारोबार के मामले में सिक्‍योरिटी ट्रांजेक्‍शन टैक्‍स से राहत।
    •    आयकर रिटर्न दाखिल करने जैसी अन्‍य गतिविधियों में पैन और आधार को समान मान्‍यता।
    •    रक्षा उपकरणों के आयात को मूल सीमा शुल्क से छूट दी जाएगी।
    •    आयातित किताबों पर ज्यादा टैक्स लगेगा।
    •    पेट्रोल और डीजल पर एक रुपये प्रति लीटर का विशेष उपकर।
    •    सोने और कीमती धातुओं के सीमा शुल्क में 10 से 12.5% की वृद्धि।
    •    फेसलेस मूल्यांकन जैसी पहलों के साथ, कर प्रशासन और मूल्यांकन प्रक्रियाओं का सरलीकरण।
    •    आयकर तभी लागू होगा जब आय 5 लाख रुपये से अधिक हो।
    •    पूर्व-भरे हुए कर रिटर्न को करदाताओं को उपलब्‍ध कराया जाएगा, जिसमें आय और कर कटौती की मदों को शामिल किया जाएगा। 

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