क्या आपने गलत बैंक खाता में पैसे ट्रांसफर कर दिया है? तो, उसे वापस पाने का तरीका यहां जानिये।

अगर आप गलती से गलत बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर कर देते हैं तो यहां जानिये उसे वापस पाने के लिए आपको क्या करना चाहिए।

गलत बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए अपने पैसों को वापस पाने के तरीके

गलत बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करना आपको मुश्किल में डाल सकता है, खासकर अगर बहुत ज्यादा पैसे हों। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का साफ कहना है कि पैसे भेजते समय सभी विवरण, जैसे लाभार्थी खाता संख्या, लाभार्थी का नाम और आईएफएससी कोड सही सही दर्ज करने की जिम्मेदारी पैसे भेजने वालों की होती है। हालांकि, अगर आप कोई गलती करते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप अपने पैसे को फिर से वापस पा सकते हैं। पैसे वापस पाने में आपको ये तरीके मदद करेंगे।  

यदि आप गलत बैंक खाता संख्या दर्ज करते हैं, तो दो स्थिति संभव है:

  • यदि आप गलत खाता संख्या दर्ज करते हैं और वह खाता अमान्य है, तो लेनदेन विफल हो जाएगा और बैंक अपने आप पैसे वापस कर देगा यानी स्वचालित रूप से लेनदेन को उलट देगा।
  • यदि आप गलत खाता संख्या दर्ज करते हैं और वह खाता वैध है, तो पैसा गलत लाभार्थी के पास चला जाएगा। इस मामले में, आप पैसे के ट्रांसफर को रोकने या उसे वापस पाने के लिए कुछ झटपट कार्रवाई कर सकते हैं।

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गलत अकाउंट में ट्रांसफर होने की स्थिति में क्या करें 

यहां कुछ झटपट करने वाले उपाय बताए गए हैं:

1. बैंक को अपनी गलती के बारे में बताएं 

अपना पैसा वापस पाने के लिए आपको जल्द से जल्द अपने बैंक ग्राहक सेवा से संपर्क करके उन्हें ऑनलाइन ट्रांसफर के बारे में जानकारी देनी चाहिए। उन्हें बैंकिंग लेनदेन के सारे विवरण देना जरूरी है, जैसे कि ट्रांसफर की तिथि और समय, लाभार्थी का खाता संख्या, लाभार्थी का नाम और बैंक शाखा का आईएफएससी कोड।

यदि स्थानांतरण उसी शाखा या बैंक के खाते में किया गया है जिसमें आपका है, तो बैंक के लिए पैसा वापस पाना आसान हो सकता है। ऐसे में आप व्यक्तिगत रूप से बैंक शाखा में जाकर उनसे मदद मांग सकते हैं। यदि ट्रांसफर किसी अन्य बैंक में किया गया है, तो आप अपने बैंक से लाभार्थी का नाम और बैंक शाखा पूछ सकते हैं। फिर आप संबंधित बैंक या लाभार्थी से संपर्क करके पैसे वापस करने के लिए कह सकते हैं। 

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2. गलत लाभार्थी के खिलाफ शिकायत दर्ज करें 

गलत लाभार्थी की अनुमति के बिना अपने पैसे को वापस पाना काफी मुश्किल हो सकता है। इसलिए, यदि लाभार्थी गलती को स्वीकार नहीं करता है और ट्रांसफर किए गए पैसे को वापस करने से मना करता है, तो आप कानूनी सहारा ले सकते हैं और उनके खिलाफ मामला दर्ज करा सकते हैं।

गलत ऑनलाइन ट्रांसफर के मामले में बैंकों के लिए आरबीआई के नियम

अक्टूबर 2010 के आरबीआई दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंकों को पैसे जमा करने से पहले यह जांचना होगा कि लाभार्थी का नाम और खाता संख्या मेल खाती है या नहीं। इसके बाद ही वे दूसरे खाते में फंड ट्रांसफर कर सकते हैं। इसलिए, यदि खाता संख्या और नाम मेल नहीं खाते हैं और पैसा गलत खाता संख्या में चला जाता है, तो आप जानकारी की पुष्टि नहीं करने के लिए बैंक को जिम्मेदार ठहरा सकते हैं। इस मामले में, सुरक्षा चूक को सुधारने की जिम्मेदारी बैंक की होगी। 

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आखिरी शब्द 

गलती से गलत खाते में पैसा भेजना हालांकि नुकसान पहुंचाता है, लेकिन ऐसी गलती हममें से कोई भी कर सकता है। इससे बचने का सबसे सही उपाय है कि कहीं भी पैसा ट्रांसफर करने से पहले खाते के विवरण की दोबारा जांच करें और ऐसा करने में जल्दबाजी मत दिखायें। इससे आपको इस गलती और इससे होने वाली परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है। 

संवादपत्र

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