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अपने जीवन में सपनों का एक घर खरीदना सभी की एक इच्छा होती है।

अपने जीवन में सपनों का एक घर खरीदना सभी की एक इच्छा होती है। इस प्रक्रिया में पर्याप्त समय, ऊर्जा, और सबसे जरूरी धन की जरूरत होती है। इस प्रकार का बड़ा निवेश करने के लिए उचित रिसर्च और तैयारी की जरूरत होती है। होम लोन इस प्रकार का निवेश करने में सहायक होता है और इस प्रक्रिया में एक घर खरीदने का सपना कई लोगों के लिए साकार हो जाता है। इसलिए, यह समझना महत्वपूर्ण है कि ऋण देने वाले संस्थान होमलोन के आवेदन का मूल्यांकन किस प्रकार करते हैं और लोन को आसानी से प्राप्त करने के लिए क्या चाहिए।

दस्तावेज
एक ऋण देने वाला संस्थान सबसे पहले उस घर का विवरण मांगते हैं जिसे आप खरीदना चाहते हैं। वह संस्थान यह जानना चाहता है कि क्या आप जिस प्रोप्रटी को खरीदना चाहते हैं उसके पास स्थानीय सरकार के सभी क्लीयरेंस हैं। एक बार यह सुनिश्चित  करने के बाद आपको आय का प्रमाणपत्र, कम से कम 6 माह की वेतन स्लिप, पिछले तीन सालों के आयकर रिटर्न दस्तावेज और अन्य विवरण देने होते हैं जैसे जन्म तिथि, वर्तमान पता, पैन, बैंक विवरण, आदि। आवश्यक दस्तावेजों की सूची बनाइए और उनकी प्रतियां आॅरिजिनल सहित अपने पास तैयार रखिए।

ऋण के अनुपात में आय
आपके लिए यह घोषणा करना अनिवार्य है कि क्या आप आवेदन के समय पर किसी अन्य लोन की ईएमआई (मासिक किस्तें) भर रहे हैं। आपके लोन के आवदेन के लिए निर्णय करने का यह एक निर्णायक कारक है। एक लोन आवेदन की समीक्षा किस प्रकार की जाती है यह समझने के लिए यहां पर दो उदाहरण दिए गए हैं।


दो लोग, अशोक कुमार और मनीष शर्मा प्रत्येक 30 लाख रुपये के होमलोन के लिए आवेदन करते हैं। उनकी लोन की स्थिति की जांच करने के बाद मान लीजिए दोनों होम लोन प्रदान करने वाले संस्थान के अनुसार क्रेडिट स्कोर के अंतर्गत आते हैं। ऋणदाता इस प्रकार से अशोक के आवेदन का मूल्यांकन करेगा|

मान लीजिए अशोक की मासिक आय 1 लाख रुपये है। वह पहले से एक लोन की 20,000 रुपये मासिक किस्त का भुगतान कर रहा है। इसलिए उसकी ईएमआई और आय का अनुपात 20 प्रतिशत है और एक ऋणदाता अनुमान लगाएगा कि अशोक 50000 रुपये का ऋण लेने में सक्षम है। जो उसके वेतन का आधा है। इसलिए अशोक 30000 रुपये मासिक किस्त भरने में सक्षम है। एक ईएमआई कैल्कुलेटर का प्रयोग करके आप कैल्कुलेट कर सकते हैं कि 20 वर्ष के लिए 10 प्रतिशत की ब्याज दर पर अशोक को ऋण के रूप में दी जाने वाली कुल राशि 30 लाख रुपये होगी। परिणामस्वरूप उसका लोन आवेदन स्वीकार किया जाएगा यदि उसके दस्तावेज स्वीकार्य हो जाते हैं।
यह देखना महत्वपूर्ण है कि सामान्य नियम के रूप में ऋणदाता आपके आवेदन की नकारात्मक समीक्षा कर सकता है यदि आपकी आय और मासिक किस्तों में 50 प्रतिशत का अनुमान है।
आइए अब देखें कि मनीष के लोन आवेदन का मूल्यांकन किस प्रकार किया जाएगाः
मनीष की मासिक आय 2 लाख रुपये है जो अशोक की आय से दोगुणा है। मनीष पहले से ही एक लोन की किस्तें भर रहा है जिसकी मासिक किस्त 1 लाख रुपये है। इसलिए उसकी ईएमआई और आय में 50 प्रतिशत का अनुपात है और एमआई में वृद्धि करने की उसकी क्षमता शून्य है क्योंकि अगर यह लोन 300000 रुपये का है, तो उसे अतिरिक्त 30000 रुपये की ईएमआई भरनी होगी जिससे उपरोक्त ईएमआई और आय का अनुपात स्वीकार्य से अनुपात से अधिक हो जाएगा।
संभव है कि मनीष का लोन आवेदन अस्वीकार्य किया जाएगा। इसलिए अगर आपकी वर्तमान कुल ईएमआई आपके मासिक वेतन से  50 प्रतिशत अधिक हो जाती है तो लोन मिलने के अवसर कम हो जाते हैं।

क्रेडिट रिपोर्ट एवं स्कोर
सारांश के रूप में एक अधिक क्रेडिट स्कोर, अच्छा क्रेडिट इतिहास और उच्च आय लोन के स्वीकार किए जाने में आपकी सहायता करेगा, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है। नियंत्रित ऋण स्तर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऋणदाता हमेशा अनुशासित ग्राहकों को लोन और क्रेडिट कार्ड प्रदान करना चाहते हैं जिनका क्रेडिट स्कोर उच्च होता है और क्रेडिट इतिहास अच्छा होता है।
क्रेडिट स्कोर ऋणदाता के लिए फस्र्ट इम्प्रेशन के रूप में कार्य करता है, स्कोर जितना अधिक होता है, आपके लोन की समीक्षा और अनुमति की संभावनाएं उतनी ही अधिक होती हैं। लेकिन व्यक्ति को याद रखना चाहिए कि लोन देने का निर्णय एक मात्र ऋणदाता पर निर्भर है और क्रेडिट सूचना एजेंसी यह निर्णय नहीं करती कि लोन मंजूर होगा या नहीं।
प्रत्येक व्यक्ति के लिए अपने क्रेडिट स्कोर को बढाना और इसे बनाए रखना महत्वपूर्ण है ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसे लोन मिल सके। व्यक्ति को अपने सभी क्रेडिट कार्ड बकाया और ईएमआई का भुगतान समय पर करना चाहिए ताकि उसका क्रेडिट स्कोर और रिपोर्ट कमजोर न हो। समय पर बकाया का भुगतान न करने पर अंत में स्कोर खराब हो सकता है और लोन के लिए आपके आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है।


यह भी अनिवार्य है कि लोन के लिए आवेदन करने से पहले एक व्यक्ति अपने क्रेडिट स्कोर की जांच कर ले। इससे क्रेडिट स्कोर और इतिहास को सही करने में व्यक्ति को पर्याप्त समय मिल जाएगा।
(हरशाला चंदोरकर, मुख्य संचालन अधिकारी, सीआईबीआईएल द्वारा)
 

स्रोत: इकनॉमिक टाइम्स

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