7th Pay Commission Dearness Allowance Hike: 7वें वेतन आयोग के लिए महंगाई भत्ते में वृद्धि

केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 1 जुलाई 2022 से 38 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा।

आयोग के लिए महंगाई भत्ते में वृद्धि

7th Pay Commission Dearness Allowance Hike 2022: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2022 के त्योहारों के मौसम में दशहरे से पहले, आज केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा की है। महंगाई भत्ता की नई प्रभावी दर अब 4% बढ़ा दी गई है। केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए भी महंगाई राहत की दर अब बढ़कर 38% हो गई है। 

केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 1 जुलाई 2022 से अतिरिक्त 4% महंगाई भत्ता मिलेगा और जुलाई से अब तक के लिए इस रकम पर ब्याज भी मिलेगा। इससे केंद्र सरकार के लगभग 41.85 लाख कर्मचारियों और 69.76 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा।

पिछले कई हफ्तों से, केंद्र सरकार के कर्मचारी अपने महंगाई भत्ते की दर में वृद्धि की उम्मीद कर रहे थे। और अब यह निर्णय ले लिया गया है। सरकार द्वारा यह निर्णय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।

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केंद्र सरकार और केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर इस वृद्धि का असर

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में इस वृद्धि से वित्तीय वर्ष 2022-23 में 4,394.24 करोड़ रुपए (जुलाई, 2022 से फरवरी, 2023 तक की अवधि के लिए) प्रति वर्ष 6,591.36 करोड़ रुपए अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है। इसके अलावा पेंशनभोगियों के महंगाई राहत में इस वृद्धि के कारण वित्तीय वर्ष 2022-23 में 4,174.12 करोड़ रुपए (जुलाई, 2022 से फरवरी, 2023 तक की अवधि के लिए) और प्रति वर्ष 6,261.20 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है।

महंगाई भत्ता और महंगाई राहत दोनों के कारण संयुक्त रूप से राजकोष से वित्तीय वर्ष 2022-23 में 8,568.36 करोड़ रुपए (जुलाई, 2022 से फरवरी, 2023 तक की अवधि के लिए) और प्रति वर्ष 12,852.56 करोड़ रुपए का प्रावधान करना होगा।

मौजूद घोषणाएं 

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने जून, 2022 को समाप्त होने वाली अवधि के लिए भारत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में 12 महीने औसत में प्रतिशत वृद्धि के आधार पर 01.07.2022 से केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 4% की दर से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की अतिरिक्त किस्त जारी करने को मंजूरी दी है। 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक बयान में कहा: "केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी 01.07.2022 से क्रमश: महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की अधिक राशि के हकदार हो जाएंगे।"

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज कहा कि दशहरे से पहले रेलवे कर्मचारियों के लिए भी महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा की जाएगी।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "कैबिनेट ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 01.07.2022 से देय महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में 4% की अतिरिक्त किस्त जारी करने की मंजूरी दी है।" 

महंगाई भत्ता वृद्धि का वेतन पर प्रभाव 

आइए आंकड़ों से समझते हैं कि कर्मचारियों के लिए इसका या मतलब होता है-

अगर किसी का मूल वेतन/पेंशन 25,000 रुपए है, तो 38% की दर से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की कुल राशि 9500 रुपए होगी। वर्तमान प्रभावी दर 34% की दर से महंगाई भत्ता/महंगाई राहत की राशि 8500 रुपए है। इसका मतलब है कि वेतन में 9500 रुपए (38%)-8500 रुपए (34% की वर्तमान दर)= 1000 रुपए की वृद्धि होगी।

यह भी पढ़ेंऑडिट अपने व्यक्तिगत वित्त का

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केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 1 जुलाई 2022 से अतिरिक्त 4% महंगाई भत्ता मिलेगा और जुलाई से अब तक के लिए इस रकम पर ब्याज भी मिलेगा। इससे केंद्र सरकार के लगभग 41.85 लाख कर्मचारियों और 69.76 लाख पेंशनभोगियों को लाभ होगा।

पिछले कई हफ्तों से, केंद्र सरकार के कर्मचारी अपने महंगाई भत्ते की दर में वृद्धि की उम्मीद कर रहे थे। और अब यह निर्णय ले लिया गया है। सरकार द्वारा यह निर्णय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया।

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केंद्र सरकार और केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर इस वृद्धि का असर

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में इस वृद्धि से वित्तीय वर्ष 2022-23 में 4,394.24 करोड़ रुपए (जुलाई, 2022 से फरवरी, 2023 तक की अवधि के लिए) प्रति वर्ष 6,591.36 करोड़ रुपए अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है। इसके अलावा पेंशनभोगियों के महंगाई राहत में इस वृद्धि के कारण वित्तीय वर्ष 2022-23 में 4,174.12 करोड़ रुपए (जुलाई, 2022 से फरवरी, 2023 तक की अवधि के लिए) और प्रति वर्ष 6,261.20 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ने का अनुमान है।

महंगाई भत्ता और महंगाई राहत दोनों के कारण संयुक्त रूप से राजकोष से वित्तीय वर्ष 2022-23 में 8,568.36 करोड़ रुपए (जुलाई, 2022 से फरवरी, 2023 तक की अवधि के लिए) और प्रति वर्ष 12,852.56 करोड़ रुपए का प्रावधान करना होगा।

मौजूद घोषणाएं 

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने जून, 2022 को समाप्त होने वाली अवधि के लिए भारत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में 12 महीने औसत में प्रतिशत वृद्धि के आधार पर 01.07.2022 से केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 4% की दर से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की अतिरिक्त किस्त जारी करने को मंजूरी दी है। 

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक बयान में कहा: "केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनभोगी 01.07.2022 से क्रमश: महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की अधिक राशि के हकदार हो जाएंगे।"

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज कहा कि दशहरे से पहले रेलवे कर्मचारियों के लिए भी महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा की जाएगी।

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "कैबिनेट ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 01.07.2022 से देय महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में 4% की अतिरिक्त किस्त जारी करने की मंजूरी दी है।" 

महंगाई भत्ता वृद्धि का वेतन पर प्रभाव 

आइए आंकड़ों से समझते हैं कि कर्मचारियों के लिए इसका या मतलब होता है-

अगर किसी का मूल वेतन/पेंशन 25,000 रुपए है, तो 38% की दर से महंगाई भत्ता और महंगाई राहत की कुल राशि 9500 रुपए होगी। वर्तमान प्रभावी दर 34% की दर से महंगाई भत्ता/महंगाई राहत की राशि 8500 रुपए है। इसका मतलब है कि वेतन में 9500 रुपए (38%)-8500 रुपए (34% की वर्तमान दर)= 1000 रुपए की वृद्धि होगी।

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