डेटिंग और वित्त: पैसे के बारे में बात करने के लिए सही समय कब होता है और आपको इसे किस दृष्टिकोण से पेश करना चाहिए

एक बार जब आप उनकी राशि, कद, शौक और सपनों को जान जाएं , तो अब और गहराई में जाने का समय है।

डेटिंग और वित्त: पैसे के बारे में बात करने के लिए सही समय कब होता है और आपको इसे किस दृष्टिकोण से पेश करना चाहिए

जब आप पहली बार किसी को डेट करना शुरू करते हैं, तो सवाल जैसे कि उनका जन्मदिन कब है, वे किन देशों की यात्रा करना चाहते हैं, उनकी पसंदीदा बचपन की यादें क्या है, आदि किये जाते हैं । जब थोड़ा समय बीत जाता है, तो आप शायद उनसे कुछ गहरे सवाल पूछ सकते हैं, जैसे कि उनका सबसे बड़ा डर क्या है, उनके परिवार किस तरह के है, और वे क्या सोचते हैं कि जीवन में उनका उद्देश्य क्या है।

किसी को जानने और उन्हें अपने बारे में बताने की प्रक्रिया रोमांचक और सुंदर लग सकती है। हालांकि, एक विषय जिस के बारे में आप सवाल पूछने पर विचार नहीं करते होंगे ,वह पैसे हो सकता है । यह पहली बार में अनावश्यक और अजीब लग सकता है। लेकिन अगर आपको लगता है कि आपका रिश्ता गंभीर और स्थायी होता जा रहा है, तो आपके लिए पैसे के मामलों में बात करने का समय आ गया है ।

यहां बताया गया है कि जब आप ऐसा करते हैं तो आपको क्या ध्यान में रखना चाहिए:

1. धीमी गति से आगे बढ़ें और इस प्रक्रिया को सावधानी से आगे बढ़ने दें 

डेटिंग करते समय पैसे के मामलों में बात करने का कोई निश्चित सही समय नहीं होता है । इसका कारण यह है कि हर किसी के रिश्ते बहुत अलग तरह से आगे बढ़ते है, और केवल आप ही जान सकते हैं कि आपके लिए कौन सा समय सही है। कुछ के लिए, यह डेटिंग में तीन महीने हो सकता है; दूसरों के लिए, इसमें एक पूरे साल लग सकता है । आपको एहसास होगा कि पैसे के मुद्दे अंततः आ ही जाएंगे, आपको इसके लिए जरूरी बैठक की व्यवस्था नहीं करनी होगी । उदाहरण के लिए, यदि आप एक वीकेंड ट्रिप की योजना बनाते है, तो इससे आप समझ पाएंगे कि वे किस बजट में सहज हैं और वे पैसे के प्रति कैसा दृष्टिकोण रखते हैं । आर्थिक रूप से एक दूसरे से खुलना उतना ही संवेदनशील और धीरे से संभालना चाहिए जैसा भावनात्मक रूप से खुलने पर आप पेश आते हैं  ।

2. सिर्फ उनकी सैलरी से ज्यादा जानने कि कोशिश करें 

आप दोनों कितना कमाते हैं, शायद उन पहली चीजों में से एक है जो आर्थिक रूप से सामने आएगी । लेकिन केवल इतना जानना ही पर्याप्त नहीं है| यह जानना आवश्यक है कि उन्होंने कितना ऋण ले रखा है , उनके पास किस तरह के निवेश है, वे किस प्रकार बचत करते हैं, आदि। इसका कारण यह है कि एक व्यक्ति बहुत कमा सकता है, लेकिन अगर वे पैसे को संभालने में बुरे हैं और उनके पास कोई बचत नहीं है, तो उनपे हमेशा कड़की छाई रह सकती है,उसी के विपरीत ऐसे लोग भी होते हैं जो कम कमाते हैं  लेकिन बड़े रूप में बचत करते है। यह याद रखना भी महत्वपूर्ण है कि जैसे ही वे इन आंकड़ों को आपके साथ साझा करते हैं, आपको भी करना चाहिए।

3. एक दूसरे के पैसे के प्रति दृष्टिकोण का पता लगाएं 

हर व्यक्ति बचपन और किशोरावस्था से ही अपने मन में कुछ धन की कीमत और मान्यताएं बना लेता हैं जिसे वो मानने लगता है । यह आमतौर पर जिस तरह से उनके माता पिता के पैसे की प्रति रवैय्ये की वजह से होता है । उदाहरण के लिए, जो लोग अपने माता पिता को देखकर बड़े होते हैं,वे लगातार ज़रूरतों को पूरा करने के बारे में चिंतित होते हैं,साथ ही, वित्तीय स्थिरता और निश्चितता के बारे में बहुत परवाह कर सकते हैं । वे बचत पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकते है और एक ठोस आपातकालीन कोष होने पर भी,जो वित्तीय चिंता के साथ बड़े नहीं हुए लोगो की तुलना में अलग रवैय्या हो सकता है। पैसे के साथ अपने साथी के इतिहास को समझने से आपको उनके पैसे की मानसिकता को समझने में मदद मिलेगी।

4. दीर्घकालिक लक्ष्यों पर चर्चा करें

वित्तीय लक्ष्यों को अक्सर जीवन में किसी के दीर्घकालिक लक्ष्यों से जोड़ा जाता है । यह जानना कि आपका साथी अपने भविष्य से क्या चाहता है, आर्थिक और अन्य, दोनों रूप से आवश्यक है। क्या वे अपनी नौकरी छोड़कर अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं; क्या वे किसी दूसरे देश में रहकर काम करना चाहते हैं; क्या वे अपने 40 के दशक में रिटायर करना चाहते हैं? ये कुछ सवाल हैं जिनके आपको भी जवाब देना चाहिए क्योंकि यह आपके और आपके साथी द्वारा निकट भविष्य में किए गए निर्णयों को काफी प्रभावित करेगा।

5. उनके जीवन स्तर को समझें

यदि आप उनके साथ जीवन बिताना चाहते हैं, तो उनके जीवन स्तर को जानने और स्वयं से तुलना करना आवश्यक है । यदि वे जीवन में केवल बेहतरीन चीजों का उपयोग करते  हैं और केवल उच्च ब्रांडों का उपयोग करते हैं, तो यह आपको उनके बारे में बहुत कुछ बताएगा। यह सब जानकार भी मदद मिलेगी कि वे ये सब उनकी आय का उपयोग कर फाइनेंस कराते हैं या उपभोक्ता ऋण लेकर करते हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात, यह आपको यह तय करने में मदद करेगा कि उनका जीवन स्तर आपके समान है क्योंकि इससे प्रभावित होगा कि आप अपने जीवन को उनके साथ कैसे जियेंगे  - जहां आप रहते हैं, जिस रेस्तरां में आप खाते हैं, आप जिस तरह की छुट्टियों पर जाते हैं, आदि।

6. उनके वित्तीय निर्णयों में हस्तक्षेप न करें

एक बार जब आप एक-दूसरे के आंकड़ों को जान लेते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपको उन्हें यह बताने का अधिकार है कि उन्हें क्या करना चाहिए । यदि वे एक पुरानी महंगी कार खरीदना चाहते है और आपको लगता है कि यह एक बेकार निर्णय है,तो भी अभी अपने रिश्ते में ऐसे मामलों में कुछ कहना जल्दबाज़ी हो सकती है । इसी तरह, अगर वे अपने परिवार के सदस्यों को पैसे उधार देते हैं, तो यह एक और विषय है जिससे आप को दूर रहना चाहिए क्योंकि यह बहुत व्यक्तिगत और संवेदनशील है । यह आपके वित्तीय निर्णयों पर भी लागू होता है। उन्हें अपने पैसे खर्च करने के निर्णय मत लेने दो।

7. तय करें कि कौन क्या खर्च संभालेगा  

पहले कुछ डेट्स के दौरान, उन्होंने कुछ खर्च का भुगतान किया होगा या आपने। लेकिन जब आप एक दूसरे के लिए समर्पित हो जाते हैं, इस बारे में बात करना महत्वपूर्ण है कि आप बिल से कैसे निपटेंगे - क्या आप इसे हर बार विभाजित करेंगे या आप बारी बारी भुगतान करेंगे ? इस पर चर्चा करते समय ईमानदार और व्यावहारिक होना सबसे अच्छा है क्योंकि शुरुआत में आप विनम्र होना छह सकते हैं , लेकिन बाद में छिपी हुई अपेक्षाओं और असंतोष चीजों को  बिगाड़ सकती है । यदि आपका रिश्ता एक ऐसे बिंदु तक पहुंचता है जहां आप एक साथ रहने का फैसला करते हैं, तो आप दोनों लो यह बातचीत कर लेनी चाहिए कि आप में से प्रत्येक वेतन के कितने प्रतिशत किराए और उपयोगिताओं के खर्च के लिए देंगे , आप अपने बैंक खातों का प्रबंधन कैसे करेंगे, और संयुक्त खाता बनाना चाहेंगे या नहीं।

अंत में, ध्यान रखें कि जबकि आपके वित्तीय व्यक्तित्व अलग हो सकते हैं, फिर भी आपका रिश्ता अच्छा चल सकता है| यह सब ईमानदार बातचीत करने के बारे में है, यह समझने के बारे में है कि दूसरा व्यक्ति किस पृष्ठभूमि से आ रहा है, स्पष्ट सीमाओं की स्थापना, और दोष खेल में लिप्त नहीं होने के बारे में है ।




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