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सुनने में ये असंभव लगे लेकिन इन टिप्स की मदद से आप अपने साथी के साथ वित्तीय संगतता पा सकती हैं।

money issues

आपसी संबंधों में वित्तीय मामलों का काफी ज्यादा महत्व होता है। आपका साथी कैसे पैसों को खर्च, बचत और निवेश करता है, इसका असर आपकी वित्तीय हालत पर भी पड़ता है। अगर आपके साथ और आप वित्तीय मामलों को लेकर सहमत नहीं है तो इन टिप्स के जरिए आप अपने संबंधों में वित्तीय संगतता ला सकती हैं।

  1. बातचीत करें

जोड़ों में सबसे ज्यादा झगड़े तभी होते हैं जब दोनों ही व्यक्ति खुलकर बातचीत नहीं करते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर आपके साथी को बार-बार महंगे रेस्त्रां में खाना खाना पसंद है और वहीं आपको घर का बना खाना ज्यादा अच्छा लगता है तो इस बात को अपने साथी से न छुपाएं। वित्तीय मामलों को लेकर असहमति को अनदेखा करना आगे चल बड़ी मुश्किलों में बदल सकता है।

इसके बजाय वित्तीय मामलों पर चर्चा करने के लिए हर हफ्ते कुछ वक्त अलग रखें। अपने वित्तीय लक्ष्य, कर्ज, खर्च की आदतों, आदि की सही जानकारी अपने साथ को दें। इससे आप किसी परेशानी को स्वीकार और पहचान पाएंगी और मुश्किलें बढ़ने के पहले ही उनका हल निकाल सकेंगी।

  1. मिलकर बजट बनाएं

हो सकता है कि आपके साथी को फिजूलखर्ची की आदत हो और वहीं आप पैसों को सावधानी के साथ खर्च करना पसंद करती हो या फिर ठीक इसका उल्टी हो। पैसों के लेकर नजरिया में अंतर होने पर साथ मिलकर बजट बनाना बेहतर रहता है।

आपको भी वित्तीय मामलों में कुछ स्वतंत्रता चाहिए होगी, इसलिए इस तरह बजट बनाएं कि दोनों को दबाव का एहसास न हो। अगर आप चाहें तो आम खर्चों के लिए साझा बजट और दूसरे व्यक्तिगत खर्चों के लिए अलग बजट बना सकती हैं। इससे आप दोनों वित्तीय मामलों पर सहमति की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

स्त्री-पुरुषों को कौन से वित्तीय आदतें आकर्षित करती हैं?

वित्तीय आदत

पुरुष

महिलाएं

पूरी जानकारी के साथ चुस्त फैसले लेना

55.4%

68.2%

सावधानी के साथ खर्च करना और आय के अंदर रहना

 

60%

36%

अच्छे सौदे ढूंढ़कर पैसों का ज्यादा मूल्य पाना

31.1%

18.8%

 

उदार और दान में काफी पैसे देना

21%

18.8%

पैसों को लेकर खुला हाथ और खर्च को तैयार

10.5%

18.4%

 

  1. दूसरे के फैसलों का आदर करें     

काफी लोगों के मुताबिक उन्हें बुरा लगता है और गुस्सा आता है जब उनका साथी उनसे पूछे बिना निवेश करता है या बड़ी रकम खर्च करता है। ये अनादर आगे चलकर भरोसे में कमी में बदल सकता है। अगर आपका साथी वित्तीय मामलों में सहभागी है तो उनकी राय लेना और भी जरूरी हो जाता है।

इसलिए, दोनों को साथ बैठकर अपने वित्तीय फैसलों की चर्चा करनी चाहिए, चाहे वो पैसों के निवेश हो या खर्च करना हो। इस तरह आप दोनों को एक-दूसरे के पैसों के बारे में जानकारी होगी। और अगर आप साथी के फैसले से सहमत नहीं हैं तो इसपर परिपक्व तरीके से चर्चा करें, लेकिन तब ही जब आपको खर्च अतर्कसंगत लगता है।

  1. समझौता करना सीखें

असहमित दर्शाना तो ठीक है, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं है अगर आप दोनों ही समझौता नहीं करेंगे। आप सोचेंगे कि ये कहना आसान है लेकिन करना मुश्किल। आप सही हैं। ये एक प्रक्रिया है और इसकी आदत पड़ने के लिए कुछ वक्त की जरूरत होगी।

इसलिए कुछ समझौते करना शुरू करें। उदाहरण के तौर पर आप दोनों हफ्ते के पांच दिन घर पर खाना बना सकते हैं और साप्ताहांत में बाहर खाना खा सकते हैं। हालांकि, ये सुनिश्चित करें एक ही व्यक्ति हमेशा समझौता न कर रहा हो।

  1. मदद लें 

सभी जोड़ों को कभी न कभी पैसों की दिक्कत का सामना कर पड़ता है। इसलिए मदद मांगने से न शरमाएं। आप अपने अच्छे मित्र, सहयोगी या किसी विशेषज्ञ से बात कर सकती हैं और अपने साथी के साथ वित्तीय मामलों को सुलझाने पर सलाह ले सकती हैं। इससे न सिर्फ आपको राह मिलेगी बल्कि अपनी वित्तीय आदतों और हालत को सुधारने के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा।

निष्कर्ष में

अगर आप किसी भी सुसंगत जोड़ों को पूछेंगी और वो आपको यही बताएंगे कि रिश्ते को कारगर बनाने के लिए मेहनत लगती है। इसलिए थोड़ा धीरज रखें और बातचीत के जरिए संतुलन बनाएं रखें जिससे आप दोनों की वित्तीय हालत में सुधार होगा।

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