Important news regarding EPFO Claim rejection: ईपीएफओ (EPFO) के क्लेम रिजेक्शन से परेशान हैं, तो ज़रूर पढ़ें

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा बार-बार होने वाले क्लेम रिजेक्शन से बचने के लिए नए दिशा निर्देश दिए गए हैं।

EPFO new Guidelines

EPFO News: सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) उल्लेखनीय काम करता है। लेकिन देखा गया है कि ईपीएफ निधि के दावे बार-बार निरस्त या अस्वीकृत हो जाते हैं। इस दिशा में संगठन के क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए कई दिशानिर्देश जारी किए हैं जिनसे अब इस समस्या से बचा जा सकता है। 

भविष्य निधि संगठन द्वारा कठोर दिशानिर्देश दिए गए हैं जिनका उद्देश्य दावों पर जल्द से जल्द कार्यवाही सुनिश्चित करने का है। संगठन का प्रयत्न होगा कि दावे बार-बार खारिज या निरस्त न हों। संगठन से मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक दावे की पहली बार में ही अच्छी तरह से जाँच होनी चाहिए और खारिज होने के कारणों को विवरण सहित ग्राहक को दिया जाना चाहिए। ऐसा करने से एक ही दावा बार-बार अलग-अलग कारणों से निरस्त होने के अवसर खड़े न हों। 

यह भी पढ़ें: ७ वित्तीय नियम

जारी किए गए दिशानिर्देश (गाइडलाइन)

क्षेत्रीय कार्यालयों को अब भविष्य निधि के दावों के खारिज किए जाने पर मासिक रिपोर्ट ज़ोनल ऑफिस को समीक्षा के लिए भेजनी होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि अनुमानित समय सीमा (एक्सपेक्टेड टाइमलाइन) के अंदर दावों पर कार्यवाही हुई है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने बताया कि सदस्यों से प्राप्त शिकायतों से फ़ील्ड कार्यालयों में होने वाली गलत कार्य पद्धति की ओर इशारा मिलता है। इन गलत प्रथाओं के कारण समुचित लाभ एवं सेवाएँ देने में विलंब होता है। साथ ही दस्तावेजों की अनावश्यक माँग भी विलंब होने का कारण है। 

मंत्रालय द्वारा इन सभी समस्याओं से निपटने के लिए कठोर दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। 

दावा खारिज (क्लेम रिजेक्शन) न हो

कई बार पाया जाता है कि किसी एक दावे को एक विशेष कारण से निरस्त किया गया है लेकिन जब संशोधन या सुधार के बाद पुनः दावा किया जाए तो अन्य किसी कारण से वह दावा खारिज कर दिया जाता है। दिशानिर्देश में जिम्मेदार अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश हैं जिससे दावे इस प्रकार निरस्त न हों। पहली बार में ही दावे के निरस्त होने के कारण पूरे विवरण के साथ ग्राहक को भेजने होंगे।

आशा की जा रही है कि गाइडलाइन जारी करने के बाद दावों के भुगतान और निरस्त होने की दिशा में सकारात्मक सुधार होगा।

यह भी पढ़ेंनिफ़्टी ५० से रिटर्न 

EPFO News: सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) उल्लेखनीय काम करता है। लेकिन देखा गया है कि ईपीएफ निधि के दावे बार-बार निरस्त या अस्वीकृत हो जाते हैं। इस दिशा में संगठन के क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए कई दिशानिर्देश जारी किए हैं जिनसे अब इस समस्या से बचा जा सकता है। 

भविष्य निधि संगठन द्वारा कठोर दिशानिर्देश दिए गए हैं जिनका उद्देश्य दावों पर जल्द से जल्द कार्यवाही सुनिश्चित करने का है। संगठन का प्रयत्न होगा कि दावे बार-बार खारिज या निरस्त न हों। संगठन से मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक दावे की पहली बार में ही अच्छी तरह से जाँच होनी चाहिए और खारिज होने के कारणों को विवरण सहित ग्राहक को दिया जाना चाहिए। ऐसा करने से एक ही दावा बार-बार अलग-अलग कारणों से निरस्त होने के अवसर खड़े न हों। 

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जारी किए गए दिशानिर्देश (गाइडलाइन)

क्षेत्रीय कार्यालयों को अब भविष्य निधि के दावों के खारिज किए जाने पर मासिक रिपोर्ट ज़ोनल ऑफिस को समीक्षा के लिए भेजनी होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि अनुमानित समय सीमा (एक्सपेक्टेड टाइमलाइन) के अंदर दावों पर कार्यवाही हुई है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने बताया कि सदस्यों से प्राप्त शिकायतों से फ़ील्ड कार्यालयों में होने वाली गलत कार्य पद्धति की ओर इशारा मिलता है। इन गलत प्रथाओं के कारण समुचित लाभ एवं सेवाएँ देने में विलंब होता है। साथ ही दस्तावेजों की अनावश्यक माँग भी विलंब होने का कारण है। 

मंत्रालय द्वारा इन सभी समस्याओं से निपटने के लिए कठोर दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। 

दावा खारिज (क्लेम रिजेक्शन) न हो

कई बार पाया जाता है कि किसी एक दावे को एक विशेष कारण से निरस्त किया गया है लेकिन जब संशोधन या सुधार के बाद पुनः दावा किया जाए तो अन्य किसी कारण से वह दावा खारिज कर दिया जाता है। दिशानिर्देश में जिम्मेदार अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश हैं जिससे दावे इस प्रकार निरस्त न हों। पहली बार में ही दावे के निरस्त होने के कारण पूरे विवरण के साथ ग्राहक को भेजने होंगे।

आशा की जा रही है कि गाइडलाइन जारी करने के बाद दावों के भुगतान और निरस्त होने की दिशा में सकारात्मक सुधार होगा।

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