कर्मचारी भविष्य निधि के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आइए कर्मचारी भविष्य निधि के सभी सवालों पर एक नज़र डालें; इसके नियमों, पात्रता, निकासी, कर लाभ, आदि को शामिल कर ।

कर्मचारी भविष्य निधि के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दशकों से, कर्मचारी भविष्य निधि (ई.पी.एफ.) ने भारत में वेतनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय 'कवच ' प्रदान किया है। वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए यह कीमती निवेश, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ई.पी.एफ. ओ.) द्वारा संभाला जाता है।

न्यूनतम 20 कर्मचारियों वाली कंपनी को ई.पी.एफ. ओ. के साथ पंजीकरण करना होगा और कर्मचारियों को भविष्य निधि प्रदान करनी होगी। ई.पी.एफ. कर्मचारियों को उनकी सेवानिवृत्ति के बाद के लिए, एक कोष जमा करने में मदद करता है, जिसमे फंड पर ब्याज इकठ्ठा भी होता है। एक विशिष्ट राशि उनके मासिक वेतन से काट ली जाती है और ई.पी.एफ. खाते में स्थानांतरित कर दी जाती है। नियोक्ता द्वारा उतनी ही राशि का योगदान दिया जाता है।

ई.पी.एफ. के बारे में कुछ ऐसे सवाल हैं जो हर कर्मचारी को जानना चाहिए:

1. कर्मचारी को ई.पी.एफ. में कितना योगदान देना चाहिए?

एक कर्मचारी अपने वेतन (मूल वेतन और महंगाई भत्ता मिलाकर) का 12% ई.पी.एफ. में योगदान देता है। एक अतिरिक्त 12% राशि नियोक्ता द्वारा योगदान दिया जाता है, जो इस प्रकार तोडा गया है:

ए. ई.पी.एफ. के लिए 3.67% और

ख. कर्मचारियों की पेंशन योजना के लिए 8.33%

नियोक्ता निम्नलिखित फीस और शुल्क भी अदा करता है:

  • ई.पी.एफ. प्रशासन शुल्क के रूप में 1.1%
  • कर्मचारियों के डिपाजिट लिंक्ड इंश्योरेंस (इ.डी.एल.आई. ) की ओर 0.5%
  • इ.डी.एल.आई. प्रशासन शुल्क की ओर 0.01%

2. क्या कर्मचारी के लिए ई.पी.एफ. में योगदान करना अनिवार्य है?

15,000 रुपये तक मासिक वेतन वाले कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से ई.पी.एफ. के लिए योगदान करना होगा। 15,000 रुपये प्रति माह से अधिक वेतन वाले कर्मचारी इसके लिए योग्य कर्मचारी नहीं हैं और उनके लिए ई.पी.एफ. का सदस्य बनना अनिवार्य नहीं है। यदि वे फिर भी इच्छुक हैं, तो उन्हें नियोक्ता की सहमति से पंजीकरण करना होगा और सहायक पी.एफ. आयुक्त से अनुमोदन प्राप्त करना होगा।

3. ई.पी.एफ. के लिए कौन पात्र है?

ई.पी.एफ. के लिए पात्र होने के लिए, एक भारतीय निवासी होना अनिवार्य है और कम से कम 18 वर्ष की आयु होनी चाहिए।

4. कर्मचारी ई.पी.एफ. से पैसे की निकासी कैसे कर सकता है?

अंतिम पी.एफ. भुगतान का दावा करने के लिए 55 साल की उम्र के बाद ,आप को नौकरी से सेवानिवृत्त होना ज़रूरी होता है। सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचे लोगों के लिए, एक आंशिक राशि निकालने की सुविधा है। 54 वर्ष से अधिक उम्र का कोई भी व्यक्ति, ब्याज के साथ संचित शेष राशि का 90% तक निकाल सकता है। लेकिन क्या होगा अगर कोई कर्मचारी 55 तक पहुंचने से पहले ही नौकरी छोड़ दे? 55 वर्ष से कम आयु का कर्मचारी, ई.पी.एफ. निकासी के लिए आवेदन कर सकता है, यदि वे कम से कम 2 महीने से बेरोजगार रहा हो। 60 साल की उम्र के बाद ही पूरी राशि निकाली जा सकती है।

5. ई.पी.एफ. निकासी के कर निहितार्थ क्या हैं?

ई.पी.एफ. निकासी के निम्नलिखित चार घटक हैं:

  • कर्मचारी द्वारा योगदान - कर योग्य नहीं
  • कर्मचारी द्वारा योगदान पर अर्जित ब्याज - कर योग्य
  • नियोक्ता द्वारा योगदान - कर योग्य
  • नियोक्ता द्वारा योगदान पर अर्जित ब्याज - कर योग्य

6. क्या होता है जब एक कर्मचारी नौकरी बदलता है?

यदि कोई कर्मचारी नौकरी बदलता है, तो उनका ई.पी.एफ. योगदान और ब्याज भी स्वचालित रूप से हस्तांतरित हो जाता है - बशर्ते नए नियोक्ता ने अपने मासिक ई.पी.एफ. रिटर्न में कर्मचारी का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यू.ए.एन.) शामिल किया हो। यू.ए.एन. ई.पी.एफ.ओ. द्वारा जारी किया गया एक अद्वितीय नंबर है और यह जीवन भर के लिए कर्मचारी के पास रहता है। यह ऑनलाइन पी.एफ. ट्रांसफर करते समय, अपडेटेड पी.एफ. स्टेटमेंट देखने के लिए , यू.ए.एन. कार्ड डाउनलोड करने, के.वाई.सी. जानकारी अपडेट करने आदि के लिए मदद करता है।

7. पी.एफ. बैलेंस से कोई क्या कर सकता है?

कर्मचारियों के पास दो विकल्प हैं। व्यक्ति या तो पी.एफ. बैलेंस के साथ पूरा ब्याज वापस ले सकता है या अगले नियोक्ता को पूरी राशि हस्तांतरित कर सकता है। सेवानिवृत्ति के लिए इस योगदान को स्थानांतरित करना उचित होता है। साथ ही, अगर कोई रकम निकालना चाहता है, तो उसे 60 दिनों के लिए बेरोजगार रहना होगा।

8. स्थानांतरण प्रक्रिया क्या है?

यह एक बहुत ही सरल प्रक्रिया है। कर्मचारी को केवल अपने यू.ए.एन. और पासवर्ड के साथ https://epfindia.gov.in/ पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। उन्हें 'वन ई.पी.एफ. अकाउंट (ट्रांसफर रिक्वेस्ट) ’ का चयन करना होगा, हस्तांतरण दावा आवेदन फॉर्म को सत्यापित करने के लिए पिछले या वर्तमान नियोक्ता का चयन करना होगा, एक ओ.टी.पी. से पुष्टि करें, और ' सबमिट करें ’ दबाएं। फिर उन्हें फॉर्म 13 और ऑनलाइन दावा फॉर्म को साक्षात जमा करना होगा।

9. क्या कोई कर्मचारी अपना पी.एफ. बैलेंस ऑनलाइन चेक कर सकता है?

एक कर्मचारी अपने यू.ए.एन. और पासवर्ड के साथ https://epfindia.gov.in/ पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं और अपने प्रोविडेंट फंड बैलेंस को ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।

10. ई.पी.एफ. खातों के लिए वर्तमान ब्याज दर क्या है?

ई.पी.एफ.ओ. वर्तमान वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए 8.65% की ब्याज दर से भुगतान कर रहा है।

11. क्या ई.पी.एफ. के लिए कोई मोबाइल ऐप है?

हां, ऐप 'आई-एकॉन ’है। यह एंड्रॉइड पर प्ले स्टोर और आई.ओ.एस. पर ऐप स्टोर के माध्यम से उपलब्ध है। इसमें आप कर्मचारियों को पी.एफ. बैलेंस की जांच, ई.पी.एफ.ओ. की वेबसाइट पर लॉग इन कर सकते हैं , उनके यू.ए.एन. को सक्रिय कर, पी.एफ. दावे की स्थिति की जांच कर सकते है।

12. क्या कोई कर्मचारी अपने वेतन का 12% से अधिक योगदान दे सकता है?

हां, एक कर्मचारी 'स्वैच्छिक योगदान' कर सकता है। लेकिन उनके नियोक्ता द्वारा उस के समान योगदान नहीं किया जाएगा।

 

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