फुल फॉर्म ऑफ एसटीपी, सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान, एसटीपी इन्वेस्टमेंट | Funds to invest in but market valuations seem high

क्या होता है म्युचुअल फंड में सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान यानी एसटीएफ। निवेशक इसका फायदा कैसे उठा सकते हैं। यहां सबकुछ जानिये।

शेयर खरीदना चाहते हैं लेकिन महंगा लग रहा है, ऐसे में शेयर बाजार का कैसे फायदा उठायें

अगर आप सीधे शेयर बाजार या शेयरों में पैसे लगाने से बचना चाहते हैं तो म्युचुअल फंड के जरिये निवेश करके शेयर बाजार से मुनाफा कमा सकते हैं। इसके लिए आपको म्युचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में पैसे लगाने होंगे। म्युचुअल फंड में निवेश करने के कई तरीके होते हैं। आप बैंक एफडी की तरह किसी भी स्कीम में एक बार में एक खास रकम (₹ 10 हजार या ₹ 20 हजार या ₹ 50 हजार या अधिकतम सीमा तक) निवेश कर सकते हैं या फिर बैंक आरडी की तरह किश्तों में हर महीने की खास तारीख को खास रकम (₹ 10 हजार या ₹ 20 हजार या ₹ 50 हजार या अधिकतम सीमा तक) किसी स्कीम में निवेश कर सकते है, इसे एसआईपी यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान कहते हैं। म्युचुअल फंड में ही निवेश करने का एक और तरीका होता है एसटीपी यानी सिस्टैमिक ट्रांसफर प्लान।  

>एसटीपी क्या है?

एसटीपी में म्युचुअल फंड की किसी खास स्कीम में पहले एकमुश्त राशि का निवेश किया जाता है। फिर उसी राशि में से एक खास राशि को पूर्व निर्धारित अंतराल में म्युचुअल फंड की किसी दूसरी स्कीम में स्थानांतरित की जाती है। अगर बाजार बहुत अस्थिर है और आप कम अवधि में अपने पैसे के साथ जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं, तो आप एसटीपी के जरिये इक्विटी म्युचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं। इस तरह अस्थिर बाजार स्थितियों के तहत, एसटीपी योजना में निवेश करना बेहतर है। 

>एसटीपी से कैसे फायदा मिलेगा?

एसटीपी से कैसे फायदा मिलेगा, इसको एक उदाहरण से समझिये। मान लिया आपके पास ₹1 लाख है। लेकिन रिकॉर्ड ऊंचाई की वजह से आप इन पैसों को शेयर बाजार में नहीं लगाना चाहते हैं। हालांकि, आप इक्विटी से फायदा भी उठाना चाहते हैं। तो ऐसे में इन पैसों को सबसे पहले किसी अच्छे डेट म्युचुअल फंड स्कीम में लगा दें। डेट स्कीम में वैसे तो 16 तरह की स्कीम हैं लेकिन जानकार लो ड्यूरेशन, अल्ट्रॉ शॉर्ट टर्म और लिक्विड फंड को अच्छा विकल्प बताते हैं। इसके बाद आप उन पैसों को थोड़ा थोड़ा हर महीने किसी खास इक्विटी स्कीम में ट्रांसफर करते जाइये। 

जब आप एसटीपी करेंगे तो शुरू में आपको बताना होगा कि कितना पैसा हर महीने किस खास स्कीम में आप ट्रांसफर करना चाहते हैं। मान लिया आप किसी खास स्कीम में हर महीने ₹10 हजार ट्रांसफर करना चाहते हैं। एक महीने के बाद आपकी डेट स्कीम में ₹90 हजार रह जाएंगे और उसके अगले महीने आपकी डेट स्कीम में ₹80 हजार रह जाएंगे, जबकि जिस स्कीम में आपके पास ट्रांसफर हो रहे हैं वहां वह बढ़ते जाएगा और साथ ही शेयर बाजार के बढ़ने से उसकी फंड वैल्यू यानी आपका मुनाफ भी बढ़ता जाएगा। इस तरह से 10 महीने में डेट स्कीम में लगा आपका पूरा पैसा इक्विटी स्कीम में ट्रांसफर हो जाएगा। हालांकि जिस डेट स्कीम में आपने शुरू में पैसा लगाया है वहां से भी आपको रिटर्न मिलता रहेगा, लेकिन इक्विटी के मुकाबले कम। 

>किस समय एसटीपी ज्यादा उपयोगी होता है:

बाजार जब काफी ऊंचाई पर कारोबार कर रहा हो, या फिर इसका वैल्यूएशन काफी महंगा हो या फिर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव है, तो ऐसे में आप किसी डेट स्कीम में एकमुश्त रकम पैसे लगा दें और फिर उसमें से छोटी-छोटी रकम को धीरे-धीरे इक्विटी स्कीम में ट्रांसफर करें। अगर आपका अतिरिक्त पैसा बचत बैंक खाते में यूं बेकार पड़ा हुआ है तो आप उस पैसे को एकमुश्त किसी अच्छी डेट स्कीम में लगाकर उसमें से छोटी-छोटी रकम को हर महीने किसी सही इक्विटी स्कीम में ट्रांसफर कर सकते हैं यानी एसटीपी कर सकते हैं। आप किसी भी फंड हाउस की इक्विटी स्कीम से डेट स्कीम में भी एसटीपी शुरू कर सकते हैं। यानी इक्विटी स्कीम में एकमुश्त पैसा लगा दीजिए और फिर उसमें से छोटी-छोटी रकम को धीरे-धीरे डेट स्कीम में ट्रांसफर करें। ऐसा तब करना सही होगा जब आप अपने वित्तीय लक्ष्य को हासिल करने के एकदम करीब पहुंचने वाले होंगे। 

>एसटीपी कैसे कराएं:

पहले फंड हाउस और दोनों तरह के फंड स्कीम का चुनाव कर लें। फिर एसटीपी फॉर्म भरें। अलग-अलग प्लांस, स्कीम्स और ऑप्शंस के लिए अलग-अलग फॉर्म भरें।जिस स्कीम में फंड ट्रांसफर करना चाहते हैं उस स्कीम का जिक्र करें। उस अंतराल की जानकारी दें। जितने अंतराल पर फंड ट्रांसफर करना चाहते हैं जैसे-मासिक, तिमाही बगैरह उसके बारे में बताएं। एसटीपी शुरू करने और बंद करने की तारीख की जानकारी दें।साथ ही उस तारीख का भी जिक्र करें जिस तारीख को आपके एक फंड से दूसरे फंड में पैसे ट्रांसफर करना है। निश्चित अंतराल पर निश्चित तारीख को जितनी रकम ट्रांसफर करवाना चाहते हैं, उस रकम का जिक्र करें। एसटीपी बंद करने की तारीख तक या फिर फंड में पैसे खत्म होने तक एक फंड से दूसरे फंड तक रकम ट्रांसफर होती रहेगी। 

>एसटीपी के बारे में ध्यान देने लायक कुछ बातें:

एक फंड से दूसरे फंड में रकम ट्रांसफर करने पर कैपिटल गेंस टैक्स या एक्जिट लोड देना पड़ सकता है। एक फंड हाउस के एक फंड या कई फंड में एसटीपी किया जा सकता है।

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