घर खरीदने से पहले ध्यान देने वाली बातें: रेरा पंजीकरण, बिल्डर की प्रतिष्ठा, स्ट्रक्चरल ऑडिट

यदि इमारत के निर्माण की गुणवत्ता खराब है, तो आपका सपनों का घर दुःस्वप्न साबित हो सकता है। इसलिए, जब आप साइट पर जाएं, तो बिल्डर या डेवलपर से पूछने के लिए सवालों की एक सूची भी जरूर साथ में रखें।

चिंटेल पारादीसो हादसा: कोई भी घर खरीदने से पहले चार बातों पर जरूर ध्यान दें

10 फरवरी 2022 को गुरुग्राम के चिंटेल पारादीसो में छठी मंजिल पर एक अपार्टमेंट का एक हिस्सा ढह गया। छत गिरने की इस अप्रिय घटना ने दो महिलाओं की जान ले ली। चूंकि इमारत रहने के लिए असुरक्षित है, इसलिये निवासियों को वैकल्पिक आवास में स्थानांतरित करना पड़ा। एक अन्य घटना में, गुरुग्राम प्रशासन ने एनबीसीसी ग्रीन व्यू के निवासियों को 1 मार्च 2022 तक इमारत खाली करने के लिए कहा, क्योंकि यह रहने के लिए सुरक्षित नहीं है।

दिल्ली के आईआईटी के स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, एनबीसीसी ग्रीन व्यू रहने के लिए असुरक्षित था। इसी तरह, चिंटेल पारादीसो के निवासियों ने निर्माण की गुणवत्ता के बारे में शिकायत करने के लिए जुलाई 2021 में बजघेरा पुलिस स्टेशन का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया था। इस लेख में उन बातों की चर्चा की जा ही है, जिन पर आपको घर खरीदते समय विचार करना चाहिए, ताकि आपको उपरोक्त समस्या का सामना ना करना पड़े। गुरुग्राम की चिंटेल पारादीसो परियोजना एक निजी रियल एस्टेट डेवलपर द्वारा बनाई गई थी, जबकि एनबीसीसी ग्रीन व्यू प्रोजेक्ट को एक पीएसयू ने विकसित किया था। इसलिए, चाहे आप किसी निजी बिल्डर या पीएसयू से घर खरीदें, आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्माण की गुणवत्ता अच्छी हो।

घर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें

यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपको गुरुग्राम के चिंटेल पारादीसो या एनबीसीसी ग्रीन व्यू के घर खरीदारों जैसी स्थिति का सामना ना करना पड़े, आपको घर खरीदते समय निम्नलिखित बातों पर विचार करने की आवश्यकता है।

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1) बिल्डर की प्रतिष्ठा

हमेशा एक ऐसे बिल्डर से घर खरीदें, जो अच्छी गुणवत्ता के निर्माण के लिए जाना जाता हो। यदि आप किसी विशिष्ट परियोजना पर विचार कर रहे हैं, तो बिल्डर द्वारा दी गई पिछली परियोजनाओं के बारे में पता करें। यह जानने के लिए कुछ शोध करें कि क्या पहले दी गई किसी भी परियोजना में खराब गुणवत्ता के निर्माण के कारण कोई अप्रिय घटना हुई है। यह भी पुष्टि करें कि क्या बिल्डर स्वयं परियोजना का निर्माण कर रहा है या इसे किसी तीसरे पक्ष की कंपनी को आउटसोर्स कर रहा है। किसी तीसरे पक्ष की कंपनी को काम आउटसोर्स करने की घटना इन दिनों बहुत आम है। यदि निर्माण आउटसोर्स किया गया है, तो तृतीय-पक्ष कंपनी के बारे में सब कुछ पता करें।

2) रेरा पंजीकरण

अगला कदम यह जांचना है कि परियोजना का रेरा पंजीकरण किया गया है या नहीं। रेरा अधिनियम में घर खरीदारों की सुरक्षा के लिए अंतर्निहित सुरक्षा उपाय हैं। परियोजना पंजीकरण को मंजूरी देने से पहले, रेरा प्राधिकरण परियोजना योजना के संबंध में कुछ मापदंडों की जांच करता है। इसलिए, यह कुछ सुरक्षा उपाय करता है, हालांकि यह आपको पूरी तरह से सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त नहीं है।

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3) निर्माण के दौरान की गुणवत्ता रिपोर्ट

यदि आपने किसी निर्माणाधीन परियोजना में कोई अपार्टमेंट बुक किया है, तो निर्माण स्थल पर नियमित रूप से जाना सुनिश्चित करें और उपयोग की गई निर्माण सामग्री के बारे में गुणवत्ता रिपोर्ट मांगें। आप डेवलपर की तकनीकी टीम से मिल सकते हैं और उनसे उन गुणवत्ता नियंत्रण प्रणालियों के बारे में पूछ सकते हैं, जिनका वे निर्माण स्थल पर भवनों की सुरक्षा के लिए अपना रहे हैं। साइट इंजीनियर या परियोजना प्रबंधक निर्माण सामग्री जैसे रेत, सीमेंट आदि की नियमित गुणवत्ता जांच करते हैं, इसलिए इन परीक्षण रिपोर्ट के बारे में पूछें।

4) घर में शिफ्ट होते समय की ऑडिट रिपोर्ट

अधिकारियों द्वारा ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) जारी करने के बाद, नए घर खरीदार भवन और अपार्टमेंट के ऑडिट के लिए तीसरे पक्ष के जानकार को नियुक्त कर सकते हैं। ऑडिटर विभिन्न मापदंडों के आधार पर निर्माण की गुणवत्ता की जांच करेगा और विस्तृत रिपोर्ट देगा। कोई भी स्ट्रक्चरल कंसल्टेंट व्यापक पैमाने पर स्ट्रक्चरल ऑडिट कर सकता है और स्ट्रक्चरल डिजाइन के लिए स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट दे सकता है। भवन का स्तर जमीन के तल से थोड़ा ऊपर होना चाहिए ताकि भारी बारिश के दौरान जलजमाव ना हो। सीवेज सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, फायर सेफ्टी सिस्टम आदि को सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। बिल्डर के साथ रिपोर्ट के निष्कर्षों पर चर्चा करें और यदि आवश्यक हो तो सुधारात्मक कार्रवाई करने के लिए कहें।

5) प्लॉट खरीदते समय जमीन की गुणवत्ता की जांच 

यदि आप अपना घर बनाने के लिए प्लॉट खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपको जमीन की गुणवत्ता की जांच करने की जरूरत है। आपको मिट्टी, नमी की मात्रा, हवा की मात्रा आदि की जांच करने की आवश्यकता होगी। ये गुणवत्ता जांच यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि भूमि आने वाले वर्षों के लिए उस पर घर या भवन संरचना को धारण करने में सक्षम है या नहीं। आप राज्य की भौगोलिक सूचना प्रणाली से भूमि की गुणवत्ता की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह आपकी जानकारी देगा कि क्या भूमि का उपयोग आवासीय निर्माण, मिट्टी के प्रकार, क्षेत्र में जल स्तर का स्तर आदि के लिए किया जा सकता है या नहीं।

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अंतिम शब्द 

 चिंटेल पारादीसो हादसा ऐसी कोई पहली घटना नहीं है। निर्माण सामग्री की घटिया गुणवत्ता के कारण इस तरह की दुर्घटनाएं लगातार हो रही हैं। एनबीसीसी ग्रीन व्यू के कुछ निवासी अपार्टमेंट के लिए होम लोन ईएमआई का भुगतान कर रहे हैं, जिसे उन्हें खाली करने के लिए कहा गया है। वे अब दूसरे अपार्टमेंट की तलाश करेंगे, जिसके लिए उन्हें किराया देना होगा। इसलिए, यदि आप एक संभावित होमबॉयर के रूप में पैसा बचा रहे हैं, तो सतर्क रहना आपके हित में है। चाहे आप एक निर्माणाधीन प्रॉपर्टी खरीद रहे हों या तैयार प्रॉपर्टी, यह आपकी जिम्मेदारी है कि आप एक संरचनात्मक ऑडिट करके निर्माण की गुणवत्ता की जांच करें।खाली प्लॉट खरीदते समय जमीन की गुणवत्ता की भी जांच करें। 

संवादपत्र

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