महामारी के दौरान अपने बच्चों को कैसे सफलतापूर्वक होमस्कूल करें

महामारी के दौरान पारंपरिक शिक्षा प्रणाली की कमियों को दूर करने और अपने बच्चों के लिए शिक्षा को अधिक मजेदार और प्रभावी बनाने का यह सही अवसर है।

महामारी के दौरान अपने बच्चों को कैसे सफलतापूर्वक होमस्कूल करें

जब कोरोनावायरस महामारी की खबर आयी और देश में लॉकडाउन लागू हो गया , तो किसी को भी उम्मीद नहीं थी कि यह इतने लंबे समय तक चलेगा । जब लॉकडाउन शुरू हुआ तो आपके बच्चों को गर्मी की छुट्टी चल रही होगी, इसलिए इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं हुई । लेकिन अब जून आ गया है और अब एक नया अकादमिक वर्ष शुरू होने का समय है । हालांकि महामारी अभी भी बनी हुई है, लेकिन आप अपने बच्चों की शिक्षा को और प्रभावित नहीं होने दे सकते हैं ।

अधिकांश स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया है, जहां वे या तो पहले से वीडियो लेक्चर अपलोड करते हैं या लाइव कक्षाएं लेते हैं। इसके बाद वे छात्रों से उम्मीद करते हैं कि वे इन वीडियो को देखें और समीक्षा के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपना होमवर्क अपलोड करें । समय सीमा आमतौर पर सप्ताह विशिष्ट होती हैं, तो आपके बच्चे दैनिक क्या करते हैं और कैसे लगन से वे अध्ययन करेंगे,ये उन पर निर्भर करेगा  ।

इसमें कोई शंका नहीं है कि छात्रों को यदि ढील दिया जाएगा, तो वे भले किसी भी उम्र के हो, सुस्त हो जाएंगे और स्कूली शिक्षा का यह नया ऑनलाइन प्रणाली बस इसी कि अनुमति दे रहा है । यही कारण है कि आपको उनकी होमस्कूलिंग की जिम्मेदारी लेनी होगी और यह जांचना होगा कि उनकी ऑनलाइन पढाई पटरी पर है या नहीं। यहां कुछ संकेतक दिए गए हैं:

1. उनके स्कूल के दिन जैसा माहौल मत बनाएं

जब आप अपने बच्चे को होमस्कूलिंग कराते है तो आपको यह देखना आवश्यक है कि वे नियमित रूप से और प्रभावी ढंग से सीखें, और ऐसा ज़रूरी नहीं है कि वे एक सख्त दिनचर्या का पालन करें । उन्हें सुबह जल्दी उठने की या 6-8 घंटे की कक्षाओं में एक साथ   लम्बे समय तक बैठने की कोई आवश्यकता नहीं है । अपने स्कूल की समय सारिणी लागू करने की कोशिश करने के बजाय, पढाई में लचीलापन और मज़ेदार तत्वों को जोड़ने का लाभ उठाएं। बच्चे दोपहर के भोजन के बाद अपनी कक्षाएं शुरू कर सकते हैं या 2 घंटे के समय में अध्ययन कर सकते हैं।

2. उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करें

एक शिकायत ज्यादातर बच्चों को वयस्कों के खिलाफ रहती ही है कि दूसरे को लगता है कि उन्हें पहले वाले से बेहतर समझ है और इसलिए वो उन्हें हमेशा निर्देश देते रहते हैं। यह आपके लिए अच्छा मौका है कि निर्णय लेने में आप अपने बच्चों को भी शामिल करने का प्रयास करें । इसमें उन्हें समस्या समाधान और टीम वर्क का जरूरी हुनर सिखाया जाएगा। अपने दैनिक कार्यक्रम तय करने से लेकर उन अतिरिक्त गतिविधियों को तय करने तक जो वे करना चाहते हैं, इन सबमे उनसे पूछें कि वे क्या चाहते हैं और संयुक्त निर्णय पर आएं। 

3. उनके शिक्षकों के संपर्क में रहें

चाहे व्हाट्सएप ग्रुप से या नियमित कॉल के माध्यम से, आपके लिए अपने बच्चों के क्लास टीचर के संपर्क में रहना महत्वपूर्ण है। बच्चों के लिए प्रोजेक्ट्स , होमवर्क आदि के बारे में झूठ बोलना आसान हो सकता है जब वे स्कूल और माता-पिता के बीच मध्यस्थ होते हैं। 'क्या किया जाना है' -इसे जानने के अलावा, आप किसी भी मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं जैसे आप कुछ विषयों में होने वाली समस्या , ऑनलाइन सीखने में समस्या आदि के बारे में बात कर सकते हैं।

4. अध्ययन सामग्री को पूरक करें 

पाठ्यपुस्तक और वीडियो लेक्चर कुछ दिनों के बाद आपके बच्चों के लिए उबाऊ लग सकता है । इतना अतिरिक्त समय अब वे घर पर बिताते हैं ,इसे देखते हुए, आप इस अवसर का लाभ उठाते हुए चीजों में थोड़ा बदलाव ला सकते हैं । मजेदार यूट्यूब वीडियो और फिल्मों से इंटरैक्टिव ऑनलाइन पाठ्यक्रम और ऑडियोबुक तक, आप अपने बच्चों की वर्तमान अध्ययन सामग्री को पूरक कर सकते हैं। फॉर्मेट और जानकारी के स्रोतों को बदलते रहने से बच्चों के लिए पढ़ाई ,रोमांचक बनी रह सकती है ।

अपने बच्चों को घर से पढ़ाई के लिए प्रेरित करने के टिप्स 

सामान्य तौर पर अध्ययन करना रोमांचक या बहुत मजेदार नहीं है। लेकिन अब इस महामारी के साथ यह और भी कठिन है,मौजूदा  सभी एडजस्टमेंट और अनिश्चितता से निपटने के साथ । यहां बताया गया है कि आप अपने बच्चों को प्रेरित करने में कैसे मदद कर सकते हैं । 

  • एक अलग से अध्ययन के लिए स्थान निर्धारित करें: जिस तरह आपको घर से काम करते समय एक अलग वर्कस्टेशन की आवश्यकता होती है, वैसे ही आपके बच्चों को भी अध्ययन स्थान की आवश्यकता होती है। यह उनके कमरे में एक स्टडी टेबल हो सकता है या सिर्फ डाइनिंग टेबल भी हो सकता है । लेकिन सुनिश्चित करें कि उनके पास सभी सामान हैं - किताबें, स्टेशनरी, लैपटॉप, आदि और कोई भी उनके अध्ययन के घंटों के दौरान उन्हें परेशान नहीं करे ।
  • एक शांत माँ बनें और कुछ नियमों में बदलाव करें : जबकि स्कूल में कला, नृत्य और संगीत कक्षाएं होती होंगी ,पर ऐसा ज़रूरी नहीं है कि आपके बच्चे को उनमें रुचि हो। उन्हें घर पर भी ये सब करने के लिए मजबूर न करें। इसके बजाय, इन समय को कुछ ऐसी चीज से बदलें, जिनमें वे वास्तव में रुचि रखते हैं - जैसे कि बेकिंग या नॉवेल पढ़ना।
  • अपने दोस्तों के साथ वीडियो कॉल निर्धारित करें: अपने दोस्तों और सहपाठियों के साथ बातचीत करना स्कूल के अनुभव का एक बड़ा हिस्सा है। उनकी माताओं के साथ चर्चा करके अपने स्कूल के दोस्तों के साथ साप्ताहिक वीडियो कॉल शेड्यूल करने की कोशिश करें। बच्चे इसमें न केवल अपने होमवर्क और कार्य पर चर्चा कर सकते हैं, लेकिन यह सबसे मेलजोल करने और मन शांत करने का अच्छा तरीका हो सकता है |
  • सप्ताहांत के लिए कुछ मजेदार योजना बनाएं: महामारी और लॉकडाउन के बावजूद, कार्यदिवसों और सप्ताहांत के बीच अंतर होने की आवश्यकता है। सप्ताह के दौरान, कुछ ऐसी योजना बनाएं कि आपके बच्चों को सप्ताहांत का इंतज़ार रहे । यह उनके पसंदीदा स्नैक्स  के साथ उनकी पसंदीदा फिल्मों को देखना , या एक ऑनलाइन नृत्य कार्यशाला में शामिल होना हो सकता है।

अंत में, सफल होमस्कूलिंग का मतलब है-पढाई और मस्ती के बीच सही संतुलन बनाए रखना। याद रखें कि यह आपके और आपके बच्चों दोनों के लिए नया है, इसलिए आपको यह करते-करते ही सीखना होगा कि क्या आपके लिए ठीक है और क्या नहीं।   

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