TomorrowMakers

क्या आपको घूमने-फिरने के लिए योजना बनाना पसंद है? आप यही शौक का इस्तेमाल अपनी वित्तीय हालत को और बेहतर बनाने के लिए कर सकते हैं।

 travelling can teach you important

‘दुनिया एक किताब है और जो लोग यात्रा नहीं करते उन्हें इस किताब का सिर्फ एक ही पन्ना पढ़ा होता है।‘ये पांचवी सदी में सेंट अगस्तीन ने कहा था। यात्रा करने से आप नई जगहें घूमते हैं, नए लोगों से मिलते हैं और आपके ज्ञान में वृद्धि होती है। लेकिन, क्या आपको पता है कि यात्रा करना आपको कई जरूरी वित्तीय शिक्षा भी दे सकता है। वर्ल्ड टूरिज्म डे के मौके पर हम आपको बताते हैं कि कैसे यात्रा करने से आप वित्तीय तौर पर चतुर बन सकते हैं।

बजट बनाना
यात्रा तय करने से पहले आप बजट बनाते हैं जिसमें यातायात, निवास, खाना और दूसरे कई तरह के खर्च शामिल होते हैं। बजट बनाने से आपके खर्च पर नियंत्रण लगता है और आप यात्रा का पूरा आनंद उठाने के साथ ही बेवजह का खर्च करने बचते हैं। 

संबंधित: अमेरिका? यूरोप? केरला? इन गर्मियों में छुट्टियों का मजा लेने के 5 तरीके

बजट बनाना आपकी रोज की जिंदगी में भी काफी मदद करता है। किराना, बिल, लोन की किश्त, बीमा प्रीमियम, आदि जैसे मासिक खर्चों का बजट बनाएं। इससे न सिर्फ आप अपने खर्चों पर नजर रख पाएंगे, बल्कि इससे भविष्य के लिए बचत करना भी आसाना होगा। ये छोटी आदत आपको अपनी वित्तीय हालत पर नियंत्रण रखने में बड़ी मदद करती है।

बजट को बेहतर बनाने के लिए टिप्स

  • यथार्थवादी रहें: ऐसी सीमाएं न बनाएं जिन्हें आप पूरा करने में अक्षम हो। यथार्थवादी बजट बनाने से उसपर अमल करने की संभावना ज्यादा होती है। 
  • जरूरतों और इच्छाओं में अंतर जानिए: जरूरतों को अहमियत दें, उसके बाद इच्छाओं पर ध्यान दें।
  • ‘बचत’ को शामिल करें: बजट में खर्चों के साथ ही बचत भी अहम है।
  • लक्ष्यों से तालमेल बिठाएं: समीक्षा करें कि क्या आपका बजट आपके छोटी और लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करेगा।

खर्च करने की आदत
ग्रीस के उपद्वीपों में छुट्टियां मनाने या बर्फ से ढकी ऐल्प्स की चोटियों पर ट्रेकिंग करने की योजना सुनने में अच्छी लगती है। लेकिन, अगर आप सही तरीके से पैसे खर्च नहीं करेंगे तो आपकी छुट्टियां बेकार हो सकती हैं। दुनिया घूमने के लिए अपनी नौकरियां छोड़ देने वाले एक दंपति के सामने ऐसी ही मुश्किल खड़ी हो गई। आखिरकार उन्हें खाने के लिए पैसे जुटाने के लिए छोटे-मोटे काम करने पड़े। सही तरीके से खर्च करने ही आप निश्चिंत हो जाएंगे कि यात्रा के बीच में ही आपके पैसे खत्म नहीं होंगे। 
जैसे आप यात्रा के दौरान रोज के खर्च के लिए पैसे अलग रखते हैं, वैसे ही आप रोजमर्रा की जिंदगी के लिए भी कर सकते हैं। दैनिक या साप्ताहिक खर्चे के लिए एक तय रकम अलग रखें और इससे ज्यादा खर्च न करें। इसलिए आप महीने के अंत में कड़के नहीं होंगे। 
टिप: छोटे-छोटे खर्चों पर भी नजर रखें, क्योंकि एक छोटा छेद भी बड़े जहाज को डुबा सकता है। 

संबंधित: विदेश में छुट्टी मनाते वक्त किन विदेशी मुद्रा विकल्पों पर ध्यान में रखें

बचत
अगर आपने पहले से बचत नहीं की हुई है तो छुट्टी मनाना मुश्किल होता है। हर महीने थोड़ी रकम अलग रखने से मासिक खर्च या बचत पर असर हुए बिना यात्रा का खर्च उठाने में आसानी होती है। यही आदत आपको अपनी वित्तीय हालत पर नियंत्रण रखने में मदद करती है। बचत करने से आप अलग-अलग फंड बना सकते हैं, जो एक साथ बड़ी रकम की जरूरत पड़ने पर आपके काम आ सकते हैं जैसे चिकित्सीय आपात स्थिति, लोन के लिए डाउन पेमेंट या ऐसे दूसरे बड़े खर्चे। 

कितनी बचत पर्याप्त है?

  • इमर्जेंसी फंड – ये आपकी 3-9 महीने की मासिक आय के बराबर हो
  • बचत – मासिक आय का 20 फीसदी हिस्सा बचत में जाना चाहिए
  • रिटायरमेंट – कम से कम 10-15 फीसदी अलग रखें

संबंधित: यात्रा बीमा से जुड़े इन मिथकों पर भरोसा न करें

रिसर्च का महत्व
यात्रा करने के लिए आप ऐसे ही कार या प्लेन नहीं बैठ जाते होगा। आप जहां घूमने जा रहे हैं उस जगह की पूरी जानकारी हासिल करते हैं – पर्यटक आकर्षण, निवास, खाने का खर्च और ऐसी कई दूसरी बातें। इसका लक्ष्य होता है कि सारा खर्च आपके बजट में पूरा हो जाए और छुट्टियां की योजना इस तरह की जाती है कि आपको ज्यादा से ज्यादा मजा आए। 
यही बात आपको निवेश योजना बनाते वक्त भी काम आएगी। रिसर्च करने से आपको अपने लिए योग्य बीमा पॉलिसी, म्युचुअल फंड और शेयर ढूंढ़ने में मदद मिलेगी। इससे आप निश्चिंत हो सकते हैं कि आपके पास पर्याप्त सुरक्षा है और आपके निवेश पर आपको बेहतर रिटर्न मिलेंगे ताकि भविष्य के जरूरतों को पूरी हो सकें। 

संबंधित: भारत में यात्रा बीमा के प्रकार

निष्कर्ष में
तो फिर अपनी अगली यात्रा की योजना बनाना शुरू करने से पहले आप रोजमर्रा की जिंदगी में ऊपर दी गई बातों का ध्यान रखना शुरू करें। आपको जल्द ही दिखेगा कि कैसे इससे आपकी लंबी अवधि की वित्तीय हालत बेहतर होगी। 

 

संबंधित लेख