AIS (एआईएस) क्‍या है? वित्तीय वर्ष 2022-23 और आगे के लिए आपकी ITR (आईटीआर) फाइलिंग को आसान बनाने के लिए AIS (एआईएस) और TIS (टीआईएस) का इस्‍तेमाल कैसे करें

क्या आपको एक वित्तीय वर्ष के दौरान विभिन्न स्रोतों से अर्जित सभी आय और भुगतान किए गए करों का ट्रैक रखना चुनौतीपूर्ण लग रहा है? AIS (एआईएस) आपको व्यापक जानकारी दे सकता है, जबकि TIS (टीआईएस) आपके ITR (आईटीआर) को पहले से भर सकता है और प्रक्रिया को आसान बना सकता है।

How to use AIS and TIS to simplify your ITR filing

लोग सैलरी, बिजनेस से आय, ब्याज, किराया, डिविडेंड, कैपिटल गेन जैसे विभिन्न स्रोतों से आय अर्जित करते हैं। कुछ लोगों के लिए अर्जित सभी आय, भुगतान किए गए टैक्‍स और देय शेष टैक्‍स, यदि कोई हो, को ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण लग सकता है। लोगों के लिए उनकी कुल आय, भुगतान किए गए टैक्‍स और देय टैक्‍स (यदि कोई हो) की गणना करना आसान बनाने के लिए, सरकार ने AIS (एआईएस) और TIS (टीआईएस) की शुरुआत की है।

इस लेख में, हम चर्चा करेंगे कि AIS (एआईएस) और TIS (टीआईएस) क्‍या हैं, वे कौन सी जानकारी प्रदान करते हैं, और वे लोगों की उनका आयकर रिटर्न फाइल करने में कैसे मदद कर सकते हैं।

एनुअल इन्फॉर्मेशन स्‍टेटमेंट (एआईएस) क्या है?

एनुअल इन्फॉर्मेशन स्‍टेटमेंट या AIS (एआईएस)  करदाता के वित्तीय लेनदेन के बारे में व्यापक जानकारी प्रदान करता है। AIS (एआईएस) में विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आय, TDS (टीडीएस) कटौती, जमा किया गया TDS (टीडीएस) आदि शामिल होता है। यह आयकर रिटर्न फाइल करते समय व्यक्ति के लिए एक बहुत ही उपयोगी दस्तावेज होता है, इसके दो भाग हैं: A और B

  • भाग A: इसमें करदाता के बारे में सामान्य जानकारी शामिल होती है, जैसे नाम, संपर्क का विवरण, पैन और आधार नंबर आदि।
  • भाग B: इसमें विभिन्न स्रोतों से प्राप्त आय और काटे और जमा किए गए टैक्‍स की जानकारी होती है। इसमें निर्दिष्ट वित्तीय लेनदेन (SFT) से संबंधित जानकारी भी होती है जैसे डिवीडेंड, सेविंग बैंक्‍स से ब्याज, फिक्‍सड डिपॉजिट से ब्याज, शेयरों और म्यूचुअल फंड्स यूनिट्स की खरीद और बिक्री, फिक्‍सड डिपॉजिट में निवेश आदि।

टैक्‍सपेयर इन्‍फॉर्मेशन समरी (TIS) क्‍या है?

टैक्‍सपेयर इन्‍फॉर्मेशन समरी (TIS) रिटर्न फाइल करने में आसानी के लिए अर्जित आय का कुल मूल्य दर्शाता है। इस जानकारी का उपयोग आयकर रिटर्न (ITR) फॉर्म में जानकारी को पहले से भरने के लिए किया जाता है। यह देय आयकर और टैक्‍स के भुगतान, यदि कोई हो, की गणना करने में मदद करता है।

आयकर रिटर्न फाइल करने में AIS (एआईएस) और TIS (टीआईएस) कैसे मदद करते हैं?

जैसा कि ऊपर दिए गए सेक्‍शन में चर्चा की गई है, TIS (टीआईएस) की जानकारी ITR (आईटीआर) फॉर्म में पहले से भरी हुई होती है। इसलिए, TIS (टीआईएस) की जानकारी के साथ, व्यक्ति विभिन्न स्रोतों से अर्जित सभी आय और उस पर पहले से भुगतान किए गए टैक्‍स की समरी प्राप्त कर सकता है। इस जानकारी का उपयोग करके, वे अपनी कुल आय की गणना कर सकते हैं।

वे अपने आयकर स्लैब के आधार पर देय आयकर की गणना कर सकते हैं। फिर उस राशि की तुलना पहले से भुगतान किए गए टैक्‍स से की जा सकती है। उसके अनुसार, व्यक्ति गणना कर सकता है कि क्या किसी अतिरिक्त टैक्‍स का भुगतान किया जाना है, या रिफंड क्‍लेम किया जाना है, या भुगतान किया गया टैक्‍स देय टैक्‍स के बराबर है। यदि किसी अतिरिक्त टैक्‍स का भुगतान किया जाना है, तो व्यक्ति इसका भुगतान कर सकता है और रिटर्न फाइल करने के लिए आगे बढ़ सकता है।

क्या होगा यदि AIS (एआईएस) की जानकारी गलत हो?

यदि AIS (एआईएस) की जानकारी में कोई विसंगति है, तो ऑनलाइन फीडबैक सबमिट करने की सुविधा है। AIS (एआईएस) फीडबैक के आधार पर, TIS (टीआईएस) में उत्‍पन्‍न जानकारी रीयल-टाइम में स्वचालित रूप से अपडेट हो जाएगी। फिर TIS(टीआईएस) से उत्‍पन्‍न जानकारी का उपयोग ITR (आईटीआर) को पहले से भरने के लिए किया जाएगा। इस तरह, करदाता AIS (एआईएस) में सुधार (यदि कोई हो) कर सकता है, जो TIS (टीआईएस) और ITR (आईटीआर) में दिखाई देगी।

AIS (एआईएस) और TIS (टीआईएस) करदाता के लिए ITR (आईटीआर) प्रक्रिया को सरल बनाता है

AIS (एआईएस) करदाता की आय के विभिन्न स्रोतों और काटे गए और जमा किए गए टैक्‍स के बारे में विस्‍तृत जानकारी प्रदान करता है। TIS (टीआईएस) ITR (आईटीआर) फाइलिंग में आसानी के लिए कुल मिलाकर मूल्य दिखाता है। TIS (टीआईएस) जानकारी का उपयोग ITR (आईटीआर) को पहले से भरने और ITR (आईटीआर) की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए किया जाता है। इसलिए, AIS (एआईएस) और TIS (टीआईएस) करदाता के लिए ITR (आईटीआर) फाइलिंग प्रक्रिया को सरल बनाने का काम करते हैं।

संवादपत्र

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