Importance of Nominee: नॉमिनी नहीं चुना तो जिंदगी भर की कमाई जाया हो सकती है!

खाता हो या बीमा, किसी को नॉमिनी अवश्य बनाएँ!

नॉमिनी अवश्य बनाएँ

Nominee for bank account, Insurance and Demat: नॉमिनी बनाना किसी व्यक्ति को अपने अकाउंट के लिए नामित करना है, जो आपके न रहने पर उस खाते या बीमे या स्टॉक्स का मालिक होगा। अगर आप चाहते हैं कि आपका अर्जित धन किसी गलत हाथ में न पड़े या व्यर्थ जाया न हो तो अपने बैंक खातों, बीमा या स्टॉक्स में किसी न किसी को नामित अवश्य करना चाहिए।

हम जीवन में बचत या निवेश करके जो भी संपत्ति जोड़ते हैं उसके दो ही उद्देश्य होते हैं। पहला कि हमें असमय में किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े और दूसरा यह कि अगर दुर्भाग्यवश हमारी असमय मृत्यु हो जाती है तो हमारे प्रियजन को किसी मुसीबत का सामना न करना पड़े। 

नॉमिनी बनाने के लाभ 

संपत्ति जोड़ने में लंबा अरसा या कह सकते है कि पूरा जीवन लग जाता है। यह संपत्ति हम अपने परिवार या वारिस के लिए छोड़ जाते हैं। नॉमिनी बनाकर आप निश्चित कर सकते हैं कि आपकी संपत्ति उसे ही मिली है जिसे आप देना चाहते हैं। बीमा हो, बैंक में जमा रकम, एसावधि जमा हो या आवर्ती खाता,या फिर पीपीएफ फंड, म्यूचुअल फंड, शेयर में लगाई गई राशि, आपके बाद यह सब आपके द्वारा नामित व्यक्ति को मिलेगा। इसलिए नॉमिनी बनाना बहुत ज़रूरी है।

किसी की मृत्यु के बाद उसके नॉमिनी को संपत्ति का कानूनी अधिकार मिल जाता है। ज्यादातर किसी संपत्ति के कई वारिस या उत्तराधिकारी होते हैं, और नामित व्यक्ति वारिस नहीं है तो वह वारिस के योग्य होने तक संपत्ति का संरक्षक रहता है। एक व्यक्ति अलग-अलग खातों में अलग-अलग लोगों को भी नॉमिनी बना सकता है।

बीमा पॉलिसी और म्यूचुअल फंड आदि के साथ ही शेयर के निवेश में भी एक से ज्यादा व्यक्तियों को नॉमिनी बनाया जा सकता है। लेकिन बैंक खाते में केवल एक नॉमिनी हो सकता है। 

बैंक बाजार.कॉम के जनरल काउंसल सौमी भट्ट का कहना है कि आमतौर पर बैंक अकाउंट में तो लोग नॉमिनी चुनते हैं, लेकिन अन्य निवेशों में किसी को नामित या उसका विवरण भरना भूल जाते हैं। नॉमिनी का चयन करते वक्त आपको यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उसे ही नॉमिनी बनायें, जिसे आप अपनी संपत्ति देना चाहते हैं। आपको यह ध्यान में रखना चाहिए कि असामयिक मृत्यु होने पर यही पैसा या संपत्ति आपके परिवार की जरूरतों को पूरा कर सकता है। 

यह भी पढ़ें: ७ वित्तीय नियम

किसे बनाया जा सकता है नॉमिनी?

आप अपनी संपत्ति के लिए पत्नी, पति, दोस्त या रिश्तेदार किसी को भी नॉमिनी बना सकते हैं। नॉमिनी को संपत्ति से जुड़े कानूनी अधिकार देना जरूरी नहीं है। अगर नॉमिनी कानूनी वारिस नहीं हैं, तो वह संपत्ति का संरक्षक रह सकता है। 

नॉमिनी न चुनने या संपत्ति की वसीयत न बनाने पर संपत्ति खतरे में पड़ सकती है। नॉमिनी चुने जाने पर आपकी संपत्ति आपके सही वारिस को ही मिलती है, पर गलत व्यक्ति को नॉमिनी बनाने से संपत्ति का दुरुपयोग हो सकता है।

एंडोमेंट पॉलिसियों में सेटलमेंट के समय संपत्ति उस नॉमिनी को दी जाती है, जिसका विवरण सबसे बाद में भरा गया है। आपको अपने सभी निवेशों से नॉमिनी के विवरण को देख कर जरूरत के हिसाब से बदलाव करने चाहिए। नॉमिनी और कानूनी वारिस होना दो अलग-अलग बातें हैं। अपनी वसीयत भी बना लेनी चाहिए, ताकि आपके सही उत्तराधिकारी को उसका हक़ मिल सके।

यह भी पढ़ें: मार्केट में निफ़्टी ५० से रिटर्न कैसे पाए?

नॉमिनी क्या होता है?

Nominee for bank account, Insurance and Demat: नॉमिनी बनाना किसी व्यक्ति को अपने अकाउंट के लिए नामित करना है, जो आपके न रहने पर उस खाते या बीमे या स्टॉक्स का मालिक होगा। अगर आप चाहते हैं कि आपका अर्जित धन किसी गलत हाथ में न पड़े या व्यर्थ जाया न हो तो अपने बैंक खातों, बीमा या स्टॉक्स में किसी न किसी को नामित अवश्य करना चाहिए।

हम जीवन में बचत या निवेश करके जो भी संपत्ति जोड़ते हैं उसके दो ही उद्देश्य होते हैं। पहला कि हमें असमय में किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े और दूसरा यह कि अगर दुर्भाग्यवश हमारी असमय मृत्यु हो जाती है तो हमारे प्रियजन को किसी मुसीबत का सामना न करना पड़े। 

नॉमिनी बनाने के लाभ 

संपत्ति जोड़ने में लंबा अरसा या कह सकते है कि पूरा जीवन लग जाता है। यह संपत्ति हम अपने परिवार या वारिस के लिए छोड़ जाते हैं। नॉमिनी बनाकर आप निश्चित कर सकते हैं कि आपकी संपत्ति उसे ही मिली है जिसे आप देना चाहते हैं। बीमा हो, बैंक में जमा रकम, एसावधि जमा हो या आवर्ती खाता,या फिर पीपीएफ फंड, म्यूचुअल फंड, शेयर में लगाई गई राशि, आपके बाद यह सब आपके द्वारा नामित व्यक्ति को मिलेगा। इसलिए नॉमिनी बनाना बहुत ज़रूरी है।

किसी की मृत्यु के बाद उसके नॉमिनी को संपत्ति का कानूनी अधिकार मिल जाता है। ज्यादातर किसी संपत्ति के कई वारिस या उत्तराधिकारी होते हैं, और नामित व्यक्ति वारिस नहीं है तो वह वारिस के योग्य होने तक संपत्ति का संरक्षक रहता है। एक व्यक्ति अलग-अलग खातों में अलग-अलग लोगों को भी नॉमिनी बना सकता है।

बीमा पॉलिसी और म्यूचुअल फंड आदि के साथ ही शेयर के निवेश में भी एक से ज्यादा व्यक्तियों को नॉमिनी बनाया जा सकता है। लेकिन बैंक खाते में केवल एक नॉमिनी हो सकता है। 

बैंक बाजार.कॉम के जनरल काउंसल सौमी भट्ट का कहना है कि आमतौर पर बैंक अकाउंट में तो लोग नॉमिनी चुनते हैं, लेकिन अन्य निवेशों में किसी को नामित या उसका विवरण भरना भूल जाते हैं। नॉमिनी का चयन करते वक्त आपको यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उसे ही नॉमिनी बनायें, जिसे आप अपनी संपत्ति देना चाहते हैं। आपको यह ध्यान में रखना चाहिए कि असामयिक मृत्यु होने पर यही पैसा या संपत्ति आपके परिवार की जरूरतों को पूरा कर सकता है। 

यह भी पढ़ें: ७ वित्तीय नियम

किसे बनाया जा सकता है नॉमिनी?

आप अपनी संपत्ति के लिए पत्नी, पति, दोस्त या रिश्तेदार किसी को भी नॉमिनी बना सकते हैं। नॉमिनी को संपत्ति से जुड़े कानूनी अधिकार देना जरूरी नहीं है। अगर नॉमिनी कानूनी वारिस नहीं हैं, तो वह संपत्ति का संरक्षक रह सकता है। 

नॉमिनी न चुनने या संपत्ति की वसीयत न बनाने पर संपत्ति खतरे में पड़ सकती है। नॉमिनी चुने जाने पर आपकी संपत्ति आपके सही वारिस को ही मिलती है, पर गलत व्यक्ति को नॉमिनी बनाने से संपत्ति का दुरुपयोग हो सकता है।

एंडोमेंट पॉलिसियों में सेटलमेंट के समय संपत्ति उस नॉमिनी को दी जाती है, जिसका विवरण सबसे बाद में भरा गया है। आपको अपने सभी निवेशों से नॉमिनी के विवरण को देख कर जरूरत के हिसाब से बदलाव करने चाहिए। नॉमिनी और कानूनी वारिस होना दो अलग-अलग बातें हैं। अपनी वसीयत भी बना लेनी चाहिए, ताकि आपके सही उत्तराधिकारी को उसका हक़ मिल सके।

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नॉमिनी क्या होता है?

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