पिछले दशक के शीर्ष 10 आईपीओ: सालासर टेक्नो इंजीनियरिंग लि., अपोलो माइक्रोसिस्टम्स लि., एस्ट्रोन पेपर एवं बोर्ड मिल लि.

हम यहां सबसे अधिक सब्सक्राइव किए गए आईपीओ, उसके लिस्टिंग लाभ, वर्तमान लाभ के अलावा, उसके प्रदर्शन की संक्षिप्त जानकारी देंगे।

IPO Performance in the last ten years

पिछले कुछ सालों में आईपीओ लाने वाली ज्यादातर कंपनियों को अच्छा सब्सक्रिप्शन मिला है। हालांकि, कुछ मामलों में तो, सब्सक्रिप्शन दीवानगी की हद तक पहुंच गई है। इससे पहले, अगर किसी कंपनी के आईपीओ को 50 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिलता था, तो यह उसके लिए बड़ी बात होती थी। लेकिन, इन दिनों ऐसा लगता है कि 50 गुना सब्सक्रिप्शन सामान्य हो गया है। इस लेख में, हमने शीर्ष 10 कंपनियों के सब्सक्रिप्शन नंबरों का विश्लेषण किया है। इस सूची की आखिरी कंपनी को 150 गुना अधिक अभिदान मिला।

इन कंपनियों का विश्लेषण करने से पहले, आइए जानते हैं कि आईपीओ क्या होता है।

आईपीओ क्या है?

जब कोई निजी कंपनी पहली बार आम जनता को अपने शेयर पेश करती है, तो इसे इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के रूप में जाना जाता है। आईपीओ प्रक्रिया के दौरान, कई विविध शेयरधारकों को जोड़कर कंपनी की शेयरधारिता व्यापक हो जाती है। नए शेयरधारक कंपनी के हितधारक बनने और कंपनी के विकास से लाभ उठाने के लिए आईपीओ में भाग लेते हैं।

आईपीओ कैसे कार्य करता है?

आईपीओ प्रक्रिया के दौरान, कंपनी कुछ विवरणों की घोषणा करती है, जैसे:

  • पेशकश किए गए शेयर: योग्य संस्थागत बोलीदाताओं (क्यूआईबी), गैर-संस्थागत निवेशकों (एनआईआई) और खुदरा निवेशकों (आरआई) के लिए आरक्षित कोटा के साथ पेशकश किए जाने वाले शेयरों की कुल संख्या।
  • आईपीओ शेड्यूल: इसमें आईपीओ खोलने की तारीख और आईपीओ बंद करने की तारीख का उल्लेख रहता है। इसमें आवंटन के लिए संभावित तिथियां, धनवापसी शुरू करना, शेयरों को डीमैट खाते में जमा करना और सूचीबद्ध करने की तारीख शामिल हो सकती है।
  • आईपीओ कीमत दायरा: उस मूल्य सीमा को बताता है जिसके भीतर निवेशक आईपीओ की बोलियां जमा कर सकते हैं।
  • मार्केट लॉट: इसमें न्यूनतम शेयरों की संख्या शामिल है जिनके लिए आवेदन किया जा सकता है। आवेदन एक लॉट या गुणकों में किया जा सकता है।

आईपीओ बंद होने के बाद शेयरों के आवंटन को अंतिम रूप दिया जाता है। आवंटियों के बैंक खातों से सब्सक्रिप्शन राशि डेबिट की जाती है। आवंटियों के डीमैट खातों में शेयरों को जमा किया जाता है। लिस्टिंग की तारीख से शेयरों में ट्रेडिंग शुरू हो जाती है।

संक्षेप में आईपीओ प्रक्रिया इसी तरह काम करती है। आइए अब कुछ आईपीओ के सब्सक्रिप्शन नंबर देखें।

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सबसे ज्यादा सब्सक्राइब किए गए आईपीओ

पिछले कुछ वर्षों में कुछ कंपनियों ने अपने शेयरों की भारी मांग देखी है। इस कारण आईपीओ इश्यू कई कई गुना ज्यादा सब्सक्राइब हुए। आइए इस संबंध में शीर्ष कंपनियों और अपने प्रदर्शन को लेकर संघर्ष कर रहीं कुछ कंपनियों पर एक नजर डालते हैं-

Most subscribed IPO

(स्रोत: https://www.moneycontrol.com/ipo/ipo-historic-table?classic=true)

नोट: 13 अगस्त 2021 तक के आंकड़े 

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प्रदर्शन का संक्षिप्त विश्लेषण

लिस्टिंग लाभ और वर्तमान लाभ के आधार पर, उपरोक्त कंपनियों को तीन वर्गों में बांटा जा सकता है:

  1. वेल्थ क्रिएटर्स: वैसी कंपनियां जो अच्छे प्रीमियम पर लिस्ट होती हैं और आगे चलकर वेल्थ क्रिएट करती हैं। सबसे बड़े वेल्थ क्रिएटर्स में हैप्पीएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (सीडीएसएल) शामिल हैं। इस श्रेणी की अन्य कंपनियों में अंबेर एंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड, सालासर टेक्नो इंजीनियरिंग लिमिटेड, बर्गर किंग इंडिया लिमिटेड और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड शामिल हैं।
  2. स्थिर प्रदर्शन करने वाली कंपनियां: वैसी कंपनियां जो प्रीमियम पर सूचीबद्ध होती हैं और जिनकी मौजूदा बाजार कीमत लिस्टिंग कीमत से कम है, लेकिन अभी भी निर्गम मूल्य से ऊपर कारोबार कर रही हैं। इस श्रेणी की कंपनियों में एस्ट्रोन पेपर एवं बोर्ड मिल लिमिटेड और मिसेज बेक्टर्स फूड स्पेशलिटीज लिमिटेड शामिल हैं।
  3. वेल्थ डिस्ट्रॉयर: ऐसी कंपनियां जो प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुई हैं और सभी लिस्टिंग लाभ छोड़ चुकी हैं, और वर्तमान में लिस्टिंग मूल्य से नीचे कारोबार कर रही हैं। जैसे अपोलो माइक्रोसिस्टम्स लिमिटेड, कैपेसाइट इंफ्राप्रोजेक्ट्स लिमिटेड और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड हैं।

चलिये, अब हम इनमें से तीन कंपनियों की पृष्ठभूमि को विस्तार से देखते हैं:

हैप्पीएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजीज लि.

यह सबसे बड़े धन सृजनकर्ताओं (वेल्थ क्रिएटर्स) में से एक है, जिसने अपनी लिस्टिंग के बाद से निवेशकों की संपत्ति को 7.4 गुना बढ़ाया। यह डिजिटल आईटी सेवाओं पर ध्यान देने के साथ सॉफ्टवेयर सेवाएं प्रदान करती है। लॉकडाउन के कारण, डिजिटल आईटी सेवाओं की भारी मांग देखी गई है, जिससे हैप्पीएस्ट माइंड्स को नए ग्राहक मिल रहे हैं और मौजूदा ग्राहकों से नए प्रोजेक्ट मिल रहे हैं। नतीजतन, कंपनी ने एक अच्छे ऑर्डर बुक के साथ राजस्व और मुनाफे में अच्छी वृद्धि दर्ज की है।

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (सीडीएसएल)

इसके बाद सीडीएसएल का नंबर आता है। उसने अपनी लिस्टिंग के बाद से निवेशकों की संपत्ति में 7.36 गुना इजाफा किया है। कंपनी डिपॉजिटरी प्रतिभागियों के लिए विभिन्न डिपॉजिटरी सेवाएं प्रदान करती है जैसे कि डीमैटरियलाइजेशन, डीमैट खाता खोलना, गिरवी रखना आदि। यह केवाईसी सेवाएं, कॉर्पोरेट कार्रवाई सुविधा आदि भी प्रदान करती है।

सीडीएसएल नए डीमैट खाते खोलने में आए उछाल का सबसे बड़ा लाभार्थी है। नए डीमैट खातों में उछाल के दो कारक हैं (ए) आईपीओ बाजारों में उछाल और (बी) और द्वितीयक बाजारों में शेयरों में प्रत्यक्ष निवेश के लिए खुदरा भागीदारी में वृद्धि।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) लि.

उज्जीवन एसएफबी धन नष्ट करने वालों (वेल्थ डिस्ट्रॉयर) में से एक है। इसके आईपीओ को हालांकि बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली और शेयर भी अच्छे प्रीमियम पर सूचीबद्ध हुए। लेकिन, इसके बाद जो हुआ वह शेयरधारकों के लिए अच्छा नहीं था। निम्नलिखित कारणों से कंपनी के शेयर की कीमत एक बड़ा अंडरपरफॉर्मर साबित हुई:

  • लॉकडाउन के कारण कई व्यवसाय बंद हो गए और लोगों की नौकरी छूट गई, जिसके परिणामस्वरूप कई लोग अपने मौजूदा ऋणों को चुकाने में चूक गए।
  • लॉकडाउन ने ऋण की ईएमआई की वसूली क्षमता को प्रभावित किया है।. 
  • कोविड-19 की तीसरी लहर का खतरा है, जिससे वर्तमान आर्थिक परिदृश्य निराशाजनक है। इसने उज्जीवन एसएफबी और अन्य ऋणदाताओं को नए ऋणों के वितरण में सतर्क कर दिया है।

हालांकि, टीकाकरण अभियान तेज होने के साथ, निकट भविष्य में कारोबारी धारणा में सुधार की उम्मीद है। इसके अलावा नौकरी के बाजार में फिर से तेजी की संभावना है। यह निश्चित रूप से उज्जीवन एसएफबी और अन्य उधारदाताओं के लिए बेहतर संभावनाएं पैदा करेगा।

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आखिरी शब्द 

सबसे अधिक सब्सक्राइब किए गए आईपीओ के हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि ज्यादा सब्सक्रिप्शन की वजह से अच्छी लिस्टिंग हो सकती है, लेकिन यह हमेशा समय के साथ धन सृजन की ओर नहीं ले जा सकता है। लिस्टिंग के बाद, शेयर की कीमत में उतार-चढ़ाव कारोबारी माहौल और कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर निर्भर करता है। यदि कोई कंपनी व्यवसाय के अवसर (उदाहरण के लिए, हैप्पीएस्ट माइंड्स और सीडीएसएल) को भुनाने में सक्षम है, तो यह शेयरधारकों के लिए धन पैदा कर सकती है।

कभी-कभी कोविड-19 जैसी अप्रत्याशित घटनाएं किसी कंपनी (जैसे उज्जीवन एसएफबी) की व्यावसायिक संभावनाओं को खराब कर सकती हैं। इससे कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में गिरावट आ सकती है और शेयरधारक की संपत्ति कम हो सकती है। ऐसे मामलों में, कंपनी को कारोबारी माहौल में सुधार की प्रतीक्षा करके सतर्क रुख अपनाना होगा और फिर अपने कारोबार को सुधारने के लिए जमकर मेहनत करनी होगी। 

संवादपत्र

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