Which Loan to apply for New Car: नई कार के लिए कौन सा लोन लें? कार लोन या पर्सनल लोन?

यदि आप नई गाड़ी खरीदना चाहते हैं तो जानिए कौन से लोन का विकल्प आपके लिए उचित है।

कार लोन या पर्सनल लोन

Car loan vs Personal loan to buy car: यदि आप नई कार खरीदना चाहते हैं और आपके पास इस समय पर्याप्त मात्रा में पैसा नहीं है तो कोई समस्या नहीं है। आप लोन लेकर नई गाड़ी खरीद सकते हैं। वैसे भी त्योहारों के मौसम में ग्राहकों के लिए कई तरह की योजनाएँ और ऑफर दिए जा रहे हैं। ऐसे में ग्राहक अक्सर इस उधेड़बुन में फँस जाता है कि कौन सा विकल्प उसके लिए बेहतर है। नई गाड़ी खरीदने के लिए कार लोन और व्यक्तिगत ऋण (पर्सनल लोन) दोनों विकल्प मौजूद होते हैं। जहाँ कार लोन के मामले में आपको नई गाड़ी बैंक या ऋणदाता कंपनियों के पास गिरवी या कोलैटरल के रूप में रखनी पड़ती है, वहीं पर्सनल लोन में किसी तरह का कोई सामान कोलैटरल के रूप में नहीं रखना पड़ता। यदि आप भी इन्हीं उलझनों से घिरे हुए हैं तो आप के लिए दोनों ही तरह के विकल्पों की जानकारी दी जा रही है। किसी भी विकल्प को चुनने से पहले दोनों लोन की विशेषताओं को अच्छी तरह से समझ लेना आवश्यक है।

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पर्सनल लोन और कार लोन में अंतर 

पर्सनल लोन में कोलैटरल नहीं होने के कारण यह एक अनसिक्योर्ड लोन (Unsecured Loan) है। दूसरी ओर कार लोन में खरीदी गई कार या गाड़ी बैंक या कंपनी के पास गिरवी रखी जाती है इसलिए वह एक सिक्योर्ड लोन (Secured Loan) है। पूरा लोन चुका देने के बाद ही कार आपके नाम की जाती है। 

पर्सनल लोन देते समय कोई भी बैंक हो या वित्तीय संस्था आवेदक की मासिक आय, क्रेडिट स्कोर और नौकरी की कंपनी पर ध्यान देती है। कार लोन के लिए इन सभी के साथ खरीदी जानेवाली गाड़ी की कीमत पर भी ध्यान दिया जाता है। 

मान लीजिए आप ऐसी कार खरीदना चाहते हैं जिसकी कीमत ₹15 लाख हो तो आप किसी बैंक से या किसी वित्तीय संस्था से 80-90 प्रतिशत तक का लोन आसानी से प्राप्त कर सकते हैं यदि आप उसकी मासिक किस्त (EMI) चुका सकते हों। कभी-कभी 100% तक का लोन भी प्राप्त किया जा सकता है।

यदि पर्सनल लोन लेना है तो आपके क्रेडिट कार्ड की हिस्टरी और लोन चुकाने की क्षमता पर ही सारा दारोमदार होता है। गिरवी रखने के लिए कुछ भी नहीं होता, सारा ध्यान आमदनी पर केंद्रित होता है। 

कार लोन की स्थिति में लोन का भुगतान पूरा होने तक कार के कागजात और मालिकाना अधिकार बैंक या वित्तीय संस्था का होता है। यदि दिए गए समय में लोन का भुगतान नहीं किया गया तो बैंक या वित्तीय संस्थाएँ कार की नीलामी करके अपना बकाया पैसा वसूल कर सकती हैं। पर्सनल लोन में जमानत के तौर पर कार, घर, जमीन-जायदाद या जेवर आदि को गिरवी नहीं रखना पड़ता। सिर्फ आपकी आमदनी और क्रेडिट स्कोर को अच्छा बनाए रखना जरूरी होता है।

पर्सनल लोन से कार लोन सस्ता 

जैसा कि हमने देखा है पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन है जिसके चलते वित्तीय संस्थाएँ या बैंक इसके लिए अधिक ब्याज की दर लगाती हैं। इसकी तुलना में कार लोन पर ब्याज की दर काफी कम होती है, कार लोन आम तौर पर पर्सनल लोन से सस्ते होते हैं। यदि आप इन दो विकल्पों में से एक चुनना चाहते हैं तो ब्याज की दर का निश्चित रूप से अध्ययन कर लेना चाहिए। इतना ही नहीं दोनों लोन लेते समय नियम, शर्तें और ज़िम्मेदारियों को भी पूरी तरह से समझ लेना चाहिए। साथ ही पर्सनल लोन और कार लोन में आनेवाली मासिक किस्त को भी ध्यान से परख लेना चाहिए।

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How To Maintain Credit Utilization Ratio Under 30%

Car loan vs Personal loan to buy car: यदि आप नई कार खरीदना चाहते हैं और आपके पास इस समय पर्याप्त मात्रा में पैसा नहीं है तो कोई समस्या नहीं है। आप लोन लेकर नई गाड़ी खरीद सकते हैं। वैसे भी त्योहारों के मौसम में ग्राहकों के लिए कई तरह की योजनाएँ और ऑफर दिए जा रहे हैं। ऐसे में ग्राहक अक्सर इस उधेड़बुन में फँस जाता है कि कौन सा विकल्प उसके लिए बेहतर है। नई गाड़ी खरीदने के लिए कार लोन और व्यक्तिगत ऋण (पर्सनल लोन) दोनों विकल्प मौजूद होते हैं। जहाँ कार लोन के मामले में आपको नई गाड़ी बैंक या ऋणदाता कंपनियों के पास गिरवी या कोलैटरल के रूप में रखनी पड़ती है, वहीं पर्सनल लोन में किसी तरह का कोई सामान कोलैटरल के रूप में नहीं रखना पड़ता। यदि आप भी इन्हीं उलझनों से घिरे हुए हैं तो आप के लिए दोनों ही तरह के विकल्पों की जानकारी दी जा रही है। किसी भी विकल्प को चुनने से पहले दोनों लोन की विशेषताओं को अच्छी तरह से समझ लेना आवश्यक है।

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पर्सनल लोन और कार लोन में अंतर 

पर्सनल लोन में कोलैटरल नहीं होने के कारण यह एक अनसिक्योर्ड लोन (Unsecured Loan) है। दूसरी ओर कार लोन में खरीदी गई कार या गाड़ी बैंक या कंपनी के पास गिरवी रखी जाती है इसलिए वह एक सिक्योर्ड लोन (Secured Loan) है। पूरा लोन चुका देने के बाद ही कार आपके नाम की जाती है। 

पर्सनल लोन देते समय कोई भी बैंक हो या वित्तीय संस्था आवेदक की मासिक आय, क्रेडिट स्कोर और नौकरी की कंपनी पर ध्यान देती है। कार लोन के लिए इन सभी के साथ खरीदी जानेवाली गाड़ी की कीमत पर भी ध्यान दिया जाता है। 

मान लीजिए आप ऐसी कार खरीदना चाहते हैं जिसकी कीमत ₹15 लाख हो तो आप किसी बैंक से या किसी वित्तीय संस्था से 80-90 प्रतिशत तक का लोन आसानी से प्राप्त कर सकते हैं यदि आप उसकी मासिक किस्त (EMI) चुका सकते हों। कभी-कभी 100% तक का लोन भी प्राप्त किया जा सकता है।

यदि पर्सनल लोन लेना है तो आपके क्रेडिट कार्ड की हिस्टरी और लोन चुकाने की क्षमता पर ही सारा दारोमदार होता है। गिरवी रखने के लिए कुछ भी नहीं होता, सारा ध्यान आमदनी पर केंद्रित होता है। 

कार लोन की स्थिति में लोन का भुगतान पूरा होने तक कार के कागजात और मालिकाना अधिकार बैंक या वित्तीय संस्था का होता है। यदि दिए गए समय में लोन का भुगतान नहीं किया गया तो बैंक या वित्तीय संस्थाएँ कार की नीलामी करके अपना बकाया पैसा वसूल कर सकती हैं। पर्सनल लोन में जमानत के तौर पर कार, घर, जमीन-जायदाद या जेवर आदि को गिरवी नहीं रखना पड़ता। सिर्फ आपकी आमदनी और क्रेडिट स्कोर को अच्छा बनाए रखना जरूरी होता है।

पर्सनल लोन से कार लोन सस्ता 

जैसा कि हमने देखा है पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन है जिसके चलते वित्तीय संस्थाएँ या बैंक इसके लिए अधिक ब्याज की दर लगाती हैं। इसकी तुलना में कार लोन पर ब्याज की दर काफी कम होती है, कार लोन आम तौर पर पर्सनल लोन से सस्ते होते हैं। यदि आप इन दो विकल्पों में से एक चुनना चाहते हैं तो ब्याज की दर का निश्चित रूप से अध्ययन कर लेना चाहिए। इतना ही नहीं दोनों लोन लेते समय नियम, शर्तें और ज़िम्मेदारियों को भी पूरी तरह से समझ लेना चाहिए। साथ ही पर्सनल लोन और कार लोन में आनेवाली मासिक किस्त को भी ध्यान से परख लेना चाहिए।

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