केंद्रीय बजट 2021-22 की ख़ास बातें

2021 को एक माइलस्टोन ईयर करार देते हुए, वित्त मंत्रीने सामाजिक रूप से समावेशी और विकास पर केन्द्रित बजट पेश किया.

केंद्रीय बजट 2021-22 की ख़ास बातें

वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने एनडीए सरकार के तहत अपना तीसरा बजट पेश किया. लीक से हटकर, भारत की स्वतंत्रता के बाद पहली बार बजट 2021-22 को डिजिटल रूप से प्रस्तुत किया गया.

वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने ने कहा कि 2021-22 का बजट छह स्तंभों पर टिका हुआ है: स्वास्थ्य और कुशल-क्षेम, भौतिक और वित्तीय पूंजी और बुनियादी ढाँचा, आकांक्षात्मक भारत के लिए समावेशी विकास, मानव संसाधन का सुदृढ़ीकरण, नवाचार और अनुसंधान एवं विकास, और अधिकतम गवर्नेंस के साथ न्यूनतम सरकारी भागीदारी.

बजट को दीर्घकालिक विकास और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करने के लिए सराहा भी गया. इसकी कुछ ख़ास बातें यह रहीं:

पर्सनल टैक्स

  • 5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा
  • 80 सी के तहत होने वाली कटौती में कोई बदलाव नहीं, जो वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भी 1.5 लाख रुपये ही रहेगा
  • 75 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनभोगियों को रिटर्न भरने से छूट दी गई है
  • छोटे करदाताओं के लिए एक फेसलेस डिस्प्यूट रेड्रेसल मैकेनिज्म बनाया जाएगा
  • किफायती आवास परियोजनाओं पर टैक्स हॉलिडे को बढ़ाकर 31 मार्च 2022 तक करने का प्रस्ताव
  • फॉरेन रिटायरमेंट फंड पर अनिवासी भारतीयों के लिए डबल टैक्सेशन को खत्म करने के लिए दिशानिर्देश
  • टैक्स असेसमेंट को फिर से खोलने की समय सीमा मौजूदा छह वर्षों से घटाकर तीन साल की जाएगी

हेल्थकेयर

  • 2021-22 में स्वास्थ्य सेवा के लिए 137% तक यानी 2.23 लाख करोड़ तक का आवंटन किया जाएगा
  • COVID-19 और न्यूमोकोकल टीकाकरण के लिए 35,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है
  • 17,000 ग्रामीण और 11,000 शहरी स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र, एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं, और प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वच्छ भारत योजना के तहत एनसीडीसी को मज़बूत बनाने पर विचार किया गया है
  • प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के लिए 6 साल की अवधि में 64,180 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा

सामाजिक विकास

  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को एक करोड़ और लाभार्थियों तक पहुंचाने की योजना
  • अगले 5 वर्षों में जल जीवन मिशन को 2.87 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे
  • अगले 5 वर्षों में 1,41,678 करोड़ रुपये खर्च के साथ स्वच्छ भारत मिशन (शहरों में का शुभारंभ किया जाएगा
  • माइग्रेंट वर्कर्स ‘वन नेशन वन राशन कार्ड' के तहत राशन पा सकते हैं
  • गिग/कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स की प्रासंगिक जानकारी एकत्र करने के लिए एक पोर्टल शुरू करने का प्रस्ताव; डेटा का उपयोग न्यूनतम मजदूरी लाभ सुनिश्चित करने, और प्रवासी श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य, आवास, कौशल, बीमा ऋण और खाद्य योजनाओं को तैयार करने के लिए किया जाएगा.
  • असम में बच्चों और महिलाओं के लिए विशेष कल्याण योजना, बंगाल और असम में चाय श्रमिकों के लिए 1000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए

बैंकिंग और फाइनेंस

  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए 20,000 करोड़ रुपये की रकम दी जाएगी
  • बैंकों के खराब ऋणों के प्रबंधन के लिए एक एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी की स्थापना की जाएगी
  • 20,000 करोड़ रुपये की पूंजी के साथ एक नई विकास वित्तीय संस्था शुरू करने का प्रस्ताव, जो अगले 3 वर्षों के भीतर कम से कम 5 लाख करोड़ रुपये के लोन पोर्टफोलियो के साथ लंबी अवधि की परियोजनाओं को फंड देगा
  • ग्रामीण विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर फंड बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये किया गया है
  • एनएचएआई, पीजीसीआईएल, रेलवे, हवाई अड्डों, गोदामों आदि का एसेट मोनेटाइज़ किया जाएगा
  • सभी गैर-रणनीतिक क्षेत्रों से सरकार को अलग करने के लिए; एयर इंडिया, बीपीसीएल, कॉनकॉर और पवन हंस का डाइवेस्टमेंट वित्त वर्ष 2021-22 में पूरा किया जाएगा

इंफ्रास्ट्रक्चर

  • इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए 20,000 करोड़ रुपये आवंटित
  • मार्च 2022 तक 11,000 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का काम पूरा किया जाएगा
  • भारतीय रेलवे को 1.10 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिनमें से 1.7 लाख करोड़ रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए रखे गए हैं
  • सार्वजनिक परिवहन (बसों) के लिए 18,000 करोड़ रुपए दिए जाएंगे
  • टियर II और टियर III शहरों में और भी हवाई अड्डों का निजीकरण किया जाएगा
  • बिजली क्षेत्र के लिए 3.05 लाख करोड़ रुपये देने का प्रावधान; सौर और नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसियों को 1000 करोड़ रुपये और 1500 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे
  • अगले 3 वर्षों में 100 और शहरों को गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में जोड़ा जाएगा

अन्य

  • डिफेंस क्षेत्र के लिए, वित्त वर्ष 2011-22 के लिए 1.4% से 4.78 लाख करोड़ रुपये का आवंटन, जिसमें से 1.35 लाख रुपये कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए आवंटित किए गए हैं
  • खेल बजट में 18% की कटौती जोकि 2596 करोड़ रुपए है
  • एमएसएमई के लिए फंड बढ़ाकर दोगुना यानी 15,700 करोड़ रुपये किया गया
  • सदस्यों, पेड-अप कैपिटल और टर्नओवर के संबंध में स्टार्टअप्स के लिए नॉर्म में ढील दी गई है
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 15,000 से अधिक स्कूलों को मज़बूत किया जाएगा
  • मार्च 2021 तक डिग्री डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए 150 से अधिक उच्च शिक्षा संस्थानों की स्थापना की जाएगी
  • वित्त वर्ष 2021-22 के लिए कृषि ऋण का अनुमान 16.5 लाख करोड़ रुपये है
  • सभी वस्तुओं पर कम से कम 1.5 गुना उत्पादन लागत सुनिश्चित करने के लिए एमएसपी रेजीम की योजना
  • 1000 मंडियों को इलेक्ट्रॉनिक नेशनल मार्किट के साथ इंटीग्रेटेड किया जाएगा

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