केंद्रीय बजट 2021-22: वित्त मंत्री द्वारा घोषित योजनाओं की सूची

2021 के केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री द्वारा घोषित ख़ास प्रस्तावों, लॉन्च, एलोकेशन और स्कीमों के बारे में जानें.

केंद्रीय बजट 2021-22: वित्त मंत्री द्वारा घोषित योजनाओं की सूची

महामारी के कहर के बाद जनता के मन को राहत देने के लिए, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2021 को, रवींद्रनाथ टैगोर की कविता की पंक्तियों के साथ केंद्रीय बजट पढ़ना शुरू किया. अर्थव्यवस्था को संकट से उबारने की पृष्ठभूमि में तैयार किए गए इस बजट का उद्देश्य, अर्थव्यवस्था को सुधारना और भारत को विकास की पटरी पर वापस लाना है.

केंद्रीय बजट 2021 में कई स्कीमों और प्रस्तावों को ख़ास महत्व दिया गया है. आइए, उनमें से सबसे अहम स्कीमों और प्रस्तावों पर एक नज़र डालें.

स्वास्थ्य

  • स्वास्थ्य क्षेत्र में कैपिटल एक्स्पेंडिचर 137% तक बढ़ाया जाएगा. इस क्षेत्र के लिए 2.23 लाख करोड़ रुपये का ख़र्च तय किया गया है.
  • COVID-19 टीकाकरण के लिए 35,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
  • प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वच्छ भारत योजना शुरू की जाएगी, जिसके लिए छह साल में 64,180 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है.
  • मिशन पोषण 2.0, सप्लीमेंट्री न्यूट्रीशन प्रोग्राम और पोषण अभियान के साथ-साथ पोषक तत्वों की कमी पूरा करने पर ध्यान देगा.
  • नर्सिंग प्रोफेशन को लाभ पहुँचाने के लिए नेशनल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कमीशन बिल पेश किया जाना है.

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बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विस

  • बीमा क्षेत्र में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) को 49% से बढ़ाकर 74% करने का प्रस्ताव है.
  • वित्तीय वर्ष 2022 में भारतीय जीवन बीमा निगम का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) भी आने की उम्मीद है.
  • एक जनरल इंश्योरंस कंपनी और दो निजी क्षेत्र के बैंकों का निजीकरण किया जाएगा.
  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की वित्तीय क्षमता को मजबूत करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये के रिकैपिटलाइज़ेशन का भी प्लान है.
  • सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को दिक्कत वाले एसेट में मदद करने के लिए, एसेट रिकंस्ट्रक्शन और मैनेजमेंट कंपनियों की स्थापना की जाएगी.
  • इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज़ सेंटर (आईएफएससी) में एक फिनटेक हब बनाया जाएगा.
  • बॉन्ड बाज़ार के लिए एक स्थायी संस्थागत ढांचा बनाया जाएगा.
  • फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स, इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड और रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट फंड में डेट फाइनेंसिंग कर सकेंगे.

कृषि

  • पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन क्षेत्रों तक पहुंचने के उद्देश्य से, कृषि लोन को 15 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 16.5 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा.
  • रूरल इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड का आवंटन 30,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 40,000 करोड़ रुपये किया जाएगा. इससे, कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों के लिए ज़्यादा फंड जुटाने में आसानी होगी.
  • माइक्रो इरीगेशन फंड का आवंटन दोगुना करके 10,000 करोड़ रुपये किया जाएगा.
  • 22 नए नाशवान उत्पादों को शामिल करने के लिए, ऑपरेशन ग्रीन स्कीम के दायरे को बड़ा गया है. इसका उद्देश्य कृषि से जुड़ी वैल्यू चेन और एक्सपोर्ट में सुधार लाना है.
  • कृषि व्यापार में प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए, ई-नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट 1000 और मंडियों के साथ, नीलामी के माध्यम से जुड़ेगा.
  • एग्रीकल्चरल इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के इस्तेमाल से एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमेटी (एपीएमसी) की इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं में सुधार किया जाएगा.
  • मछली पकड़ने के लिए पांच बड़े बंदरगाह, तमिलनाडु में एक सीवीड पार्क और असम और पश्चिम बंगाल में चाय श्रमिकों (विशेषकर महिलाओं और बच्चों) के लिए एक विशेष योजना की स्थापना की जाएगी.

नागरिक विकास

  • 5 वर्षों के अंदर, घर-घर तक जल और हर घर में नल कनेक्शन पहुँचाने के लिए, जल जीवन मिशन (शहरी) के लिए फंडिंग की जाएगी और इसे अमल में लाया जाएगा.
  • पर्यावरण के लिए सुरक्षित ऊर्जा स्रोतों से हाइड्रोजन जनरेट करने के लिए हाइड्रोजन ऊर्जा मिशन शुरू किया जाएगा.
  • उज्ज्वला योजना का कवरेज एक करोड़ नए लाभार्थियों तक पहुँचाने का लक्ष्य है और सिटी गैस कवरेज नेटवर्क के तहत 100 और शहरों को जोड़ा जाएगा. जम्मू और कश्मीर के लिए एक नई गैस पाइपलाइन परियोजना भी शुरू की गई.
  • नेचुरल गैस सेक्टर के डीरेगुलेशन और कीमतों को बाज़ार से जोड़ने के माध्यम से गैस के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा.
  • वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए 32 शहरी केंद्रों को 2000 करोड़ रुपये से अधिक का फंड आवंटित किया जाएगा.
  • बिजली वितरण कंपनियों के लिए प्रीपेड मीटरिंग, फीडर सेपरेशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने की भी योजना है.
  • अगले 5 वर्षों में, स्वच्छ भारत मिशन 2.0 (शहरी) के लिए 1.42 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे.

इन्फ्रास्ट्रक्चर

  • कैपिटल एक्सपेंडिचर को 34.5% बढ़ाकर, इन्फ्रास्ट्रक्चर क्रिएट करने के लिए फंड दिया जाएगा.
  • भारतमाला परियोजना के तहत 8500 किमी तक सड़कों का निर्माण किया जाएगा. इसके अलावा, मार्च 2022 तक नेशनल हाईवे कॉरिडोर के तहत, 11,000 किमी की सड़कों का निर्माण भी किया जाएगा.
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की फंडिंग के लिए डेवलपमेंट फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन स्थापित किए जाएंगे.
  • पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट के लिए नेशनल मोनेटाइज़ेशन पाइपलाइन स्थापित की जाएगी, जिसमें मोनेटाइज़ेशन के उपाय जैसे कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और अन्य रेलवे इन्फ्रास्ट्रक्चर एसेट्स, हवाई अड्डों के प्राइवेटाइज़ेशन, तेल और गैस पाइपलाइन, एसेट्स की वेयरहाउसिंग, आदि शामिल हैं.
  • राष्ट्रीय रेल योजना के तहत, 2030 के लिए भविष्य के लिए तैयार रेल सिस्टम का लक्ष्य बनाया गया है. भारतीय रेलवे का पश्चिमी और पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जून 2022 तक पूरा हो जाएगा.
  • शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, एयर इंडिया के साथ-साथ, इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में विनिवेश की योजना है.
  • टियर -1 परिधि और टियर -2 शहरों में मेट्रो रेल सिस्टम्स में, मेट्रोलाइट और मेट्रोनियो टेक्नोलॉजी का इंटीग्रेशन किया जाना है.
  • ग्लोबल टेंडर्स में सब्सिडी के माध्यम से भारतीय शिपिंग कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रमोशन स्कीम की योजना बनाई गई है.

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इंडस्ट्री

  • सार्वजनिक क्षेत्र की कम से कम दखल और निजीकरण और/या विलय पर ज़्यादा ध्यान के साथ, पेट्रोलियम क्षेत्र को एक रणनीतिक क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा.
  • प्रस्तावित MITRA योजना अगले 3 वर्षों में 7 मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करेगी.
  • वित्त वर्ष 2022 में, 2000 करोड़ रुपये की सात परियोजनाएं, प्रमुख बंदरगाहों में पीपीपी मॉडल के तहत शुरू की जाएंगी.
  • सरकार की विनिवेश नीति के माध्यम से, दूरसंचार के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों की उपस्थिति को बढ़ावा दिया जाएगा.
  • भारत की मैन्युफैक्चरिंग और सोर्सिंग की रणनीतियों पर असर डालने के साथ 'मेक इन इंडिया' पर फोकस जारी रहेगा.
  • कम प्रदूषण वाले और नए ऑटोमोबाइल से पुराने वाहनों को बदलने के लिए वोलंटरी वेहिकल स्क्रैपिंग पॉलिसी जारी की गई है.
  • पेट्रोल और डीजल में एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस जोड़ा गया है. इसके साथ ही, अन्य ड्यूटी घटाई गई हैं ताकि कंज्यूमर पर ज़्यादा बोझ न पड़े.
  • कुछ ख़ास देशों से मेटल के इंपोर्ट पर लगने वाली एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी कुछ समय के लिए वापस ले ली गई है.

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अन्य बातें

  • डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए 1500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
  • डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए, नेशनल डिजिटल एजुकेशनल आर्किटेक्चर की स्थापना की जाएगी.
  • लेह में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव भी किया गया है.
  • भारत में पहली बार डिजिटल जनगणना की शुरूआत की जाएगी.
  • MCA21 3.0 में डेटा एनालिटिक्स, एआई, मशीन लर्निंग आदि का ज़्यादा इस्तेमाल होगा.
  • प्लेटफ़ॉर्म और गिग वर्कर्स को कवर करने के लिए सामाजिक सुरक्षा लाभ को बढ़ाया जाएगा.
  • सरकार और उसके अधिकारियों/एजेंसियों की स्वामित्व वाली ज़मीनों के मोनेटाइज़ेशन के लिए, एक स्पेशल पर्पज़ व्हीकल स्थापित किया जाएगा.



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