कोरोनावायरस के दौरान सचेतन: 7 अभ्यास जो आपके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं

सचेतन केवल एक प्रवृत्ति मात्र से अधिक है - यह आपके दैनिक जीवन को जीने का एक बेहतर और शानदार तरीका है।

कोरोनावायरस के दौरान सचेतन: 7 अभ्यास जो आपके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं

हर कोई लॉकडाउन के दौरान खुद के हुनर को तराशने की कोशिश कर रहा है - कोई ऑनलाइन पाठ्यक्रम ले रहा है,कोई खाना बनाने में माहिर बन रहा है, कोई दर्जनों किताबें पढ़ रहा है-इससे हम यह आसानी भूल जाते है कि अभी जो हम झेल रहे हैं वह वैश्विक स्वास्थ्य संकट है और 24x7 उत्पादक होने का समय नहीं है। यदि आप इनमें से कुछ भी नहीं कर रहे हैं तो भी ठीक है क्योंकि सच्चाई यह है कि घर पर रहकर काम करता है,कभी न ख़त्म होने वाले काम,और ऐसे समय में सिर्फअपना विवेक न खोना ही काफी कठिन है।

क्या आप 2020 के शुरू होने पर अपने लिए निर्धारित किये गए किसी भी लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाने से असहाय महसूस कर रहे हैं? यह सामान्य है - खासकर जब आप अपने प्रियजनों से दूर हैं और निश्चित विद्यमान भय से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही, यह स्वस्थ या सहायक आचरण नहीं है। हालांकि, अपने दोस्तों के साथ वर्चुअल डांस पार्टी करने और अपने पसंदीदा शो को देखने से आपको उस पल के लिए बेहतर महसूस करने में मदद मिल सकती है, लेकिन इस मुश्किल समय पर आपको किसी और टिकाऊ तरीके से खुदको संभालने की आवश्यकता होगी।सचेतन ही सिर्फ इसका जवाब हो सकता है!

1. समझें कि सचेतन क्या है

बहुत सारे लोग 'माइंडफुलनेस ’शब्द का उपयोग करते हैं और यह एक ट्रेंड जैसा लगता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसका वास्तव में मतलब क्या है। माइंडफुलनेस या सचेतन जिस पल में आप जो कुछ भी कर रहे हैं उसमें सचेत रहने के गुण को कहते हैं - खाना, बात करना, आराम करना, आदि | यह अपने विचारों से अवगत होने के बारे में है, सभी व्याकुलता से मुक्त होने के बारे में, और किसी भी प्रकार के निर्णय, चिंता, या घबराहट से दूर रहने के बारे में ।

2. जान लें कि ध्यान और सचेतन अलग-अलग हैं

हालांकि, इन दोनों शब्दों का इस्तेमाल एक-दूसरे की जगह किया जा सकता है, लेकिन फिर भी ,ध्यान और सचेतन में अंतर होता है। ध्यान मन की एक अस्थायी स्थिति है जो केवल तब तक होती है जब तक आप ध्यान कर रहे होते हैं, जबकि सचेतन जीवन जीने का एक तरीका है। आप शुरुआत करने के लिए काम समय के ध्यान से अपने मन को प्रशिक्षित कर सकते हैं, लेकिन अंततः आपका लक्ष्य हर समय सचेतन का अभ्यास करना होना चाहिए।

3. स्थितियों पर बेहतर प्रतिक्रिया देने पर ध्यान दें

वर्तमान लॉकडाउन के दौरान या अन्य समय में माइंडफुलनेस की एक खासियत यह है कि यह आपके जीवन में तनाव या मुश्किल भावनाओं को दूर नहीं करता है । हालांकि, यह आपको अपने अप्रिय विचारों और भावनाओं के बारे में अधिक जागरूक बनाने में मदद करेगा ताकि आप स्थिति को बेहतर तरीके से संभाल सकें। एक बार जब आप अपने मन को शांत और स्पष्ट कर लेते हैं, तो क्रोध, चिंता, तनाव, आदि को अधिक आसानी से संतुलित किया जा सकता है।

4. ध्यान के लिएअलग से समय निर्धारित करें

जैसा कि पहले चर्चा हो चूका है, ध्यान सचेतन की शुरुआत या आधार होता है। तो, एक निश्चित समय पर हर दिन कुछ समय (जैसे, १०-१५ मिनट)निकालें। अपने घर में एक उपयुक्त स्थान चुनें और आरामदायक कपड़े पहनना याद रखें। ऐसा आसन अपनाएँ जिससे आप सहज महसूस करें - चाहे वह आपकी पसंदीदा कुर्सी पर बैठना हो या जमीन पर। अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करके शुरुआत करें और ध्यान दें कि आपका शरीर कैसा महसूस कर रहा है, इसके बारे में जागरूक रहें। आरंभ करने के लिए आप निर्देशित ध्यान ऐप का उपयोग कर सकते हैं।

5. मल्टीटास्क करने की कोशिश छोड़ दें

मल्टीटास्किंग सचेतन का सबसे बड़ा दुश्मन हो सकता है। और तो और, मल्टीटास्किंग वास्तव में एक मिथक है। आपका मस्तिष्क एक समय में एक से अधिक संज्ञानात्मक कार्य नहीं कर सकता है। इसलिए, जब आपको लगता है कि आप मल्टीटास्किंग कर रहे हैं, तो आप वास्तव में लगातार दो कार्यों के बीच स्विच कर रहे हैं। यह आपके क्षमता को बढ़ाने के बजाय आपकी उत्पादकता और दक्षता को कम करता है। अपने जीवन में अधिक विचारशील होने के लिए, आपको अपना पूरा ध्यान उस एक चीज़ पर देना होगा जो आप अभी कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप खाना खा रहे हैं, तो अपना पूरा ध्यान उसमे दें ,न कि कोई शो देखने या मित्र को टेक्स्ट करने में ।

6. करुणा से प्रेम करने का अभ्यास करें

ध्यान और सचेतन के बारे में एक कम ज्ञात तथ्य यह है कि यह केवल पद्मासन में बैठकर सांस पर ध्यान केंद्रित करने के बारे में नहीं है। दयालुता या प्रेममयी करुणा एक ऐसी तकनीक है जहाँ आप किसी की कल्पना करते हैं और उन्हें शुभकामनाएँ सकारात्मकता भेजते हैं । आप उन लोगों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं जिन्हें आप जानते हैं, जिन्हे आप नहीं जानते हैं, वे लोग जिन्हें आप पसंद करते हैं, या वे लोग जिन्हें आप पसंद नहीं करते हैं। इस कोरोनावायरस महामारी के समय में, करुणा में लिप्त होना और भी अधिक संतोषजनक साबित हो सकता है।

7. अपने लिए समय निकालें और उसके अनुसार अनुकूलित करें

जब बात ध्यान और सचेतन की आती है, तो संभवतः सभी के लिए एक ही नियम लागू नहीं हो सकता है। कई तकनीकें, दिनचर्या और युक्तियां होती हैं - और विभिन्न चीजें अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग तरीके से काम करेंगी। आप जिस तरह के व्यक्ति हैं,आपकी जिस तरह की जीवन शैली है , और आप जिस प्रकार के परेशानियों का सामना करता हैं , उसके हिसाब से आपके लिए कारगर चीजें बहुत विशिष्ट हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, कुछ लोग अपनी सचेतन की यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए योग करना पसंद करते हैं। अन्य लोग कृतज्ञता डायरी बनाना पसंद करते हैं या ध्यान के लिए साथी ढूंढते हैं। इसमें कुछ समय लगेगा, लेकिन इससे आप यह पता लगा पाएंगे कि आपके लिए सबसे कारगर तरीका क्या है।

इस तरह के समय पर, यदि सचेतन ही एकमात्र वह नई चीज है जो आप समझ पाएं हैं, तो भी यह ठीक है। वास्तव में, यह अद्भुत है। यह आपको जीवन को बेहतर तरीके से समझने में मदद करेगा - न केवल महामारी के दौरान, बल्कि इसके बाद भी जब चीजें सामान्य हो जाएगी । आपके जीवन की गुणवत्ता, रिश्ते, आंतरिक संवाद और मन की स्थिति सभी महत्वपूर्ण सुधार का अनुभव करेंगे, और परिणाम बहुत स्पष्ट होंगे।




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