कोविड-19 महामारी के दौरान क्या आपकी आय में परिवर्तन हुआ? यहां कुछ उपाय बताए गए हैं जिससे आप वापस ट्रैक पर आ सकते हैं

कोरोनोवायरस जैसा संकट घबराने का समय नहीं है; यह पैसो के मामले में रणनीतिक फैसले करने का समय है।

कोविड-19 महामारी के दौरान क्या आपकी आय में परिवर्तन हुआ? यहां कुछ उपाय बताए गए हैं जिससे आप वापस ट्रैक पर आ सकते हैं

कोरोनावायरस महामारी किसी के लिए भी आर्थिक रूप से आसान नहीं रही है। एक तिहाई से अधिक एमएसएमई बंद हो रहे हैं, और यहां तक ​​कि प्रमुख एमएनसी ने हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। संभावना है कि आपके आय पैटर्न में बदलाव आये , मामूली या महत्वपूर्ण । हालांकि वेतन में कटौती होने को संभाला जा सकता है, लेकिन वेतन न मिलना या नौकरी छूटने से मुश्किल हो सकती है। महामारी के कारण होने वाले परिवर्तनों के मद्देनजर,अपने वित्त का ध्यान रखने के लिए यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं।

वेतन में कटौती

  • विवेकाधीन खर्चों को कम करें: पहली चीज़ जो आपको करनी चाहिए, वह है कि आप अपने मासिक खर्चों को देखें और उनमे से 'अपनी चाहतों ’की पहचान करें - मूल रूप से वे चीज़ें जिनके बिना आपका काम चल सकता है या कम से कम जिसके खर्चे को काटा जा सकता है । उदाहरण के लिए, आवेग खरीदारी और बाहर खाना दो सबसे आम विवेकाधीन खर्च हैं। लॉकडाउन समाप्त होने के बाद आप सभी को बाहर जाने का मन होगा , परन्तु आप लोगों को इन क्षेत्रों में खर्च पर रोक जारी रखनी चाहिए।
  • अपनी निवेश रणनीतियों पर पुनर्विचार करें: जबकि ऐसे समय में आपके निवेशों को जारी रखना एक आदर्श विचार हो सकता है, फिर भी यदि आप उन्हें कम करते हैं या उन्हें अस्थायी रूप से रोकते हैं,तो इसमें कोई बुराई नहीं है । अभी, आपके पास नकद का जमा होना अधिक महत्वपूर्ण है और मासिक खर्चों को पूरा करने के लिए तरलता होनी चाहिए। आपके वेतन में कटौती स्थायी नहीं हो सकती है, और यह आपकी क्षमताओं को प्रतिबिंबित भी नहीं करती है, इसलिए कुछ ही समय की बात है,फिर आपको अपनी पिछली आय वापस मिलने लगेगी । एक बार जब स्थिति सामान्य हो जाती है, तो आप अपने निवेश को फिर से शुरू कर सकते हैं।
  • अपनी सेवानिवृत्ति बचत को हाथ न लगाएं: वेतन कटौती का सामना करते हुए आपके निवेश को निकालने का सोचना, ठीक बात है, लेकिन आपको आपके सेवानिवृत्ति योगदान को नहीं हाथ लगाना चाहिए । यह अभी के समय में सही लग सकता है जब आप इस मुश्किल समय का सामना करने की पूरी कोशिश कर रहे हों, लेकिन आपके रिटायरमेंट फंड को खर्च करने से आपको आगे जाकर नुकसान हो सकता है । अपनी सेवानिवृत्ति निधि में योगदान के भाग को बदलने या कम करने की कोशिश न करें - हालांकि, कम आय को देखते हुए यह परिवर्तन स्वाभाविक है।

वेतन विलम्बित करना

  • कुछ खर्चों और खरीदारी में देरी करना: जिस तरह आपके वेतन का एक हिस्सा कुछ दिनों के लिए टाल दिया जाता है, ठीक वैसे ही आपको भी कुछ खर्चों और खरीदारी को स्थगित करना होगा। चाहे वह एक नया फोन खरीदना हो या अपने घर का नवीकरण करना हो - चाहे आप कितने भी उत्साहित हों या आप इसके लिए कितने ही समय से योजना क्यों न बना रहे हैं - इन खर्चों में तब तक देरी करें जब तक आपको अपना वेतन पूरा नहीं मिलने लगता ।
  • निवेश जारी रखें: जब आपका वेतन स्थगित या विलम्बित हो जाता है, तो आपको अपने खर्चों में कटौती करनी चाहिए, लेकिन आपके निवेश पर नहीं। वेतन स्थगित होना अस्थायी होता है और इससे थोड़े समय की असुविधा हो सकती है। लेकिन आपको इसके कारण आपके दीर्घकालिक वित्तीय लक्ष्यों को प्रभावित नहीं करना चाहिए और कंपाउंडिंग की शक्ति को ध्यान रखना चाहिए।
  • दीर्घकालिक लक्ष्यों पर ध्यान दें: आपको अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए, चाहे वह एक नई कार खरीदना हो या अपने पसंदीदा छुट्टी की जगह पर जाना हो। अपने वित्तीय सलाहकार या अपने साथी के साथ बात करें और यह पता करें कि वेतन स्थगित के बावजूद इन वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आपको अपनी निवेश रणनीति में क्या बदलाव करने की आवश्यकता है।

नौकरी चले जाना

  • अलग तरीके से बजट बनाएं : पहली चीज जो आपको करने की जरूरत है वह है अपने बजट में बदलाव । आप पहले जैसे खर्च करना जारी नहीं रख सकते हैं । आपको अपनी जरूरतों को अपनी चाहतों से अलग करते समय समझदार होना होगा और कुछ समय के लिए कुछ जीवनशैली की आदतों को पूरी तरह से हटाना होगा, जैसे कि खरीदारी। पता लगाएँ कि आपको अपनी किराने का सामान, उपयोगिताओं और अन्य निश्चित खर्चों के लिए कितने पैसो की आवश्यकता होगी जो ताली नहीं जा सकती हैं।
  • अपनी बचत और निवेश का उपयोग करें: अपने बचत और निवेश को निकासित करने में संकोच न करें। आपका आपातकालीन कोष इस तरह के समय के लिए ही रखा गया है। यदि यह पर्याप्त नहीं हो, तो अपने निवेशों जैसे कि म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट से नकद निकालें । लेकिन अपने रिटायरमेंट फंड्स से दूर रहें। अपने बिलों का भुगतान करने के लिए ऋण लेना एक अंतिम उपाय होना चाहिए।
  • अपने ऋण का मूल्यांकन करें: उच्च-ब्याज वाले ऋणों का पुनर्भुगतान करना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। जबकि पेश किया गया ऋण स्थगन आपके लिए मददगार साबित हो सकता है, फिर भीआपको ये याद रखना चाहिए कि यह आपकी ईएमआई के लिए केवल एक मुहलत दी गई है और कोई छूट नहीं। आपको अंततः इसका भुगतान करना ही होगा। इसके अलावा, खरीदारी करने के लिए क्रेडिट कार्ड का उपयोग करने से बचें जिसका खर्च आप अभी वहां नहीं कर सकते।

अनियमित आय

  • आपकी न्यूनतम मासिक आय के आधार पर बजट बनाएं : आप हमेशा की तरह बजट नहीं बना सकते हैं क्योंकि आपकी आय हर महीने भिन्न हो सकती है। इसे बनाने का सबसे रणनीतिक तरीका यह होगा किआप अपने पिछले साल की सबसे कम मासिक आय लें। उदाहरण के लिए, यदि आप एक महीने में औसतन 30,000 रुपये कमाते हैं, लेकिन एक महीना ऐसा है जब आपने केवल 20,000 रुपये कमाए हैं, तो आपको इस कम राशि के आधार पर बजट बनाना चाहिए। यह तकनीक आपको सावधानी बरतने में मदद करेगी।
  • उपभोक्ता ड्यूरेबल ऋणों से दूर रहें: हालांकि सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन रिटेल स्टोर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं खरीदने के लिए आकर्षक ईएमआई ऑफ़र देते हैं, एक फ्रीलांसर या पार्ट-टाइमर के रूप में आपको उनसे दूर रहना चाहिए। आपको केवल तभी खरीदारी करनी चाहिए जब आपके पास धन हो और भविष्य की उस आय के भरोसे नहीं जिसका आप सिर्फ अनुमान लगा सकते हैं।
  • रणनीतिक रूप से बचत और निवेश करें: जिन महीनों में आप अधिक कमाते हैं, आपको अधिक खर्च करने का मन हो सकता है, लेकिन इन महीनो में आपको अपने निवेशों में अधिक पूंजी डालनी चाहिए। आप अपनी अनियमित आय के कारण एसआईपी का विकल्प नहीं चुन सकते हैं,

लेकिन जब आपके पास अतिरिक्त पैसा हो तो आप एकमुश्त म्यूचुअल फंड निवेश कर सकते हैं।

विवेकपूर्ण तरीके से अपने वित्त का प्रबंधन करने के अलावा, उम्मीद न छोड़ना और सकारात्मक मानसिकता रखना भी महत्वपूर्ण है। अपने मानसिक स्वास्थ्य और संपूर्ण स्वास्थ्य का ख्याल रखें, और अपने आय पैटर्न में बदलाव के बारे में बहुत अधिक तनाव न रखें। यह भी,सभी वक़्त की तरह, गुजर ही जाएगा।




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