कोविड-19 संकट से उबरने और आपके धन के प्रबंधन करने के 8 तरीके

कोविड-19 के वित्तीय प्रभावों का सामना करने के कुछ तरीके यहां दिए गए हैं

कोविड-19 संकट से उबरने और आपके धन के प्रबंधन करने के 8 तरीके

कोविड-19 के नतीजें बहुत भयानक रहे हैं | पूरी दुनिया में, लोगों को अपने वित्तीय लक्ष्यों में बदलाव करने की ज़रूरत पड़ी है | भारत में भी वैसी ही स्थिति है | सार्वजनिक,व्यक्तिगत और सरकारी क्षेत्रों में बहुत गहरा असर हुआ है और हर गुज़रते दिन के साथ वित्तीय बाजार सीधे नीचे गिरता जा रहा है| और ऐसा लग नहीं रहा कि स्थिति जल्दी ही बदलने वाली है |

म्यूच्यूअल फण्ड, इक्विटीज और दीर्घकालिक निवेश अपने सबसे निचले स्तर पर हैं| पहले से कई ज्यादा, अब एक वित्तीय सलाहकार रखने की ज़रूरत है | ज्यादातर चीज़ों के अप्रत्याशित और अनचाहे तरीकों से काम करने के कारण,दहशत की एक सामान्य भावना हावी हो गई है | हालंकि, क्षति पूर्ति करने के कई तरीकें हैं| यहां कुछ उपाय हैं जो आपको महामारी के बाद खोये व्यक्तिगत संपत्ति को वापस पाने में मदद करेगा|

1. अपनी निवेश पॉलिसी स्टेटमेंट को परिभाषित करें :

आपकी निवेश पॉलिसी स्टेटमेंट वित्तीय नियोजन के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है | इसमें आपके लक्ष्य, जोखिम क्षमता, रिटर्न की अपेक्षाएं, समय अवधि और उद्देश्य शामिल है | एक ठोस निवेश पॉलिसी स्टेटमेंट बनाने से आपको स्पष्ट रुपरेखा मिल सकती है | आप उसके बाद अनेक वित्तीय उत्पाद जैसे कि म्यूच्यूअल फंड, दीर्घकालिक बचत फंड, स्टॉक्स आदि के फायदे एवं नुकसानों का आंकलन कर सकते हैं | इससे बेहतर पोर्टफोलियो प्रबंधन और एसेट आवंटन की सुविधा मिलती है |

2. जोखिम और रिटर्न, दोनों पर विचार करें

सामान्य वित्तीय अनुसाशन दर्शाता है कि निवेश में जोखिम जितना अधिक होगा,रिटर्न उतने ही बेहतर होंगे | हालांकि यह सर्वमान्य नहीं है, पर फिर भी इस अवधारणा को कई वित्तीय उत्पादों पर लागू किया जा सकता है | दुर्भाग्यवश, कई बार निवेशक उच्च रिटर्न के आकर्षण में अंधे हो जाते हैं और निवेश के जोखिम घटकों पर ध्यान नहीं देते | प्रभावी निवेश प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए, हर साधन के साथ जुड़े जोखिम में समान ध्यान दें | वर्तमान स्थिति में, अधिक जोखिम उठाना आपके वित्तीय लक्ष्यों के लिए हानिकारक हो सकता है | कोई भी निर्णय लेने से पहले, संभावित निवेशों को हर दृष्टिकोण से देखना महत्वपूर्ण है |

3. वैश्विक अवसरों पर निवेश करें

विविधीकरण, निवेश प्रबंधन के प्रमुख सिद्धांतों में से एक है | यह शब्द आजकल और भी ज्यादा प्रासंगिक हो गया है क्यूंकि यह आपको किसी विशेष क्षेत्र/निवेश की अनिश्चितताओं को दूर करने में मदद करता है| वैश्विक अवसरों में निवेश करना, पोर्टफोलियो में विविधीकरण लाने का एक बेहतरीन तरीका है | भारतीय रुपये के गिरते मूल्य को भी अन्तराष्ट्रीय बाजार के अच्छे रिटर्न से बढ़त मिलेगी| संपन्न ग्राहक,विभिन्न क्षेत्रों पर भी विचार कर सकते है जैसे कि स्वास्थ्य देखभाल, तकनीक, ऑटोमोबाइल आदि |

4. एक आपातकालीन फंड अलग करें

इस मुश्किल वक़्त में वित्तीय तरलता आपके लिए रक्षक के रूप में काम कर सकता है | एक ऐसा आपातकालीन फंड जो आपके 6-8 महीनो के खर्चों को पूरा कर सके,आपको अपने पैरों पर वापस खड़ा होने में मदद कर सकता है| इससे आपको आवश्यक तत्कालीन खर्चों के वहन करने में मदद मिलती है जैसे कि परिवार में चिकित्सीय आपातस्थिति में, या नौकरी खोने की स्थिती में आपको बचाये रखता है | और तो और, एक आपातकालीन फंड होने से आपको अपने रिटायरमेंट नियोजन खाते से पैसे निकालने के लिए मजबूर भी नहीं होना पड़ता है |

5. पैसे कमाने के अन्य तरीकों को ढूंढें

वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हुए, कई उच्च निवल मूल्य वाले व्यक्ति भी अपने दैनिक जॉब के अलावा आय के अतिरिक्त स्त्रोत खोज रहे हैं |वेतन कटौती के कारण नौकरी में असुरक्षा ,बोनस रद्द किया जाना और नौकरी से निकालना ,ये सब आय के वैकल्पिक स्त्रोत के निर्माण करने के अच्छे कारण हो सकते हैं| चाहे आप अपना खुद का व्यवसाय चलाते हो, एक छोटी सी कंपनी के लिए काम करते हो, या किसी बड़े फर्म में उच्च दर्जे के एग्जीक्यूटिव हो, अपनी किसी हॉबी (रूचि) को आय स्त्रोत में परिवर्तित करने से आपको अधिक कमाई भी हो सकती है और मन की शांति भी मिल सकती है |

6. स्वर्ण में निवेश करें

स्वर्ण सबसे सुरक्षित निवेशों में से एक माना जाता है | उसकी कीमत बाजार अस्थिरता के बावजूद बढ़ रही है , और रिटर्न भी अन्य निवेशों की तुलना में अधिक हैं | यह धातु भारत के पारम्परिक परिवेश में अहम् भूमिका निभाता है ,इसीलिए स्वर्ण में निवेश करना एक अच्छा विचार हो सकता है| आप सॉवरेन गोल्ड बांड का विकल्प भी चुन सकते हैं जो 2.5% प्रति वर्ष की ब्याज दर प्रदान करता है| स्वर्ण में निवेश करना,एक बेहतरीन रिटायरमेंट नियोजन रणनीति हो सकती है |

7. अपनी मौजूदा बजट पर फिर से काम करें

रिटर्न के कम होने और जीवन के खर्चों के बढ़ने के साथ,आप अपने बजट को फिर से बनाकर बर्बादी और संवेगपूर्ण खर्चों से बच सकते हैं | यह समय ज़रूरी चीज़ों पर ध्यान देते हुए अन्य अवांछित खर्चों,जो आप पर वित्तीय दबाव डालते हो, उनको कम करने के लिए है |

8. एक वित्तीय सलाहकार रखें

एक वित्तीय सलाहकार ग्राहक के लक्ष्यों को समझ सकता है और आवश्यक मार्गदर्शन दे सकता है | आप कई सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं जैसे कि सबसे आकर्षक वित्तीय उत्पादों पर अपनी जोखिम क्षमता अनुसार सुझाव, अपने पोर्टफोलियो के विविधीकरण के लिए मार्गदर्शन और स्टॉक्स, इक्विटी और अन्य बचत और निवेश साधनो के बीच एक संतुलन बनाये रखना |

अंतिम पंक्तियाँ

यह साल सबके लिए बहुत कठिन रहा है | पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है और कुछ समय तक आगे भी संघर्ष करेंगी | परन्तु ध्यान रखें कि बाजार चक्रीय तरीके से काम करता है ,जो आज गिरता है, वो कल उठ सकता है | निराशाजनक आंकड़ों पर दुःख जताने की बजाय, आपको एक संपत्ति प्रबंधन सेवा से सलाह लेनी चाहिए और यह सोचना चाहिए कि आप ऐसी स्थिति से कैसे निकल सकते हैं |

आपको यह भी याद रखना चाहिए कि 'संपत्ति' शब्द व्यक्तिपरक होता है | दस्तावेज़ों में, ऐस लग सकता है कि आपके निवेश गिर गए हैं परन्तु आपको तब तक नुकसान नहीं होगा जब तक आप उन्हें कम दाम पर बेच नहीं देते| इसिलए, सय्यम रखें और बाजार और आपकी संपत्ति के सँभलने का इंतज़ार करें|  




संबंधित लेख