LIC raises stake in Gautam Adani Groups 4 companies post Hindenburg report, congress criticizes in hindi

LIC Stake In Adani Group: जीवन बीमा निगम (एलआईसी) ने मार्च तिमाही में 6 में से 4 कंपनियो- अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी टोटल गैस, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी ट्रांसमिशन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।

LIC Stake In Adani Group: घाटा खाकर भी एलआईसी का अडानी ग्रुप पर नहीं टूटा भरोसा, 4 कंपनियों में बढ़ाई हिस्सेदारी से भड़की कांग्रेस

LIC Stake In Adani Group: हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट आने के बाद गौतम अडानी की कंपनी अडानी ग्रुप के दिन ठीक नहीं चल रहे हैं और ऐसे में उन्हें भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का साथ मिला है। जी हां, मार्च तिमाही के दौरान एलआईसी ने अडानी ग्रुप के 4 शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी है। बीमाकर्ता ने मार्च तिमाही में अडानी ग्रीन एनर्जी, अडानी टोटल गैस, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी ट्रांसमिशन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है, जबकि इसने दो अन्य अंबुजा सीमेंट्स और अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन में अपनी हिस्सेदारी कम की है। 

अडानी ग्रुप्स मामले में नरेंद्र मोदी सरकार पर हमलावर कांग्रेस ने अब फिर से निशाना साधा है। कांग्रेस के सीनियन नेता जयराम रमेश ने कहा है कि अडानी एंटरप्राइजेज के स्टॉक वैल्यू तेजी से गिरने के बावजूद LIC ने उसके लाखों शेयर खरीदे। यह खुलासा पीएम मोदी से जुड़े अडानी महाघोटाले में संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की मांग को और मजबूत करता है। 

स्टॉक एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, अडानी एंटरप्राइजेज में एलआईसी की हिस्सेदारी दिसंबर तिमाही में 4.23 फीसदी से बढ़कर मार्च के अंत में 4.26 फीसदी हो गई है। अडानी ग्रीन एनर्जी के मामले में संस्थागत निवेशक के पास 31 मार्च, 2023 तक 2,14,70,716 शेयर या 1.36 पर्सेंट हिस्सेदारी थी। यह 31 मार्च, 2023 तक अडानी कंपनी में उसके पास मौजूद 1.28 पर्सेंट हिस्सेदारी से 8 बेस पॉइंट ज्यादा था। अडानी टोटल गैस में एलआईसी ने दिसंबर तिमाही के अंत में 5.96 पर्सेंट के मुकाबले अपनी हिस्सेदारी 6 बेस पॉइंट बढ़ाकर 6.02 पर्सेंट कर ली।

अडानी ट्रांसमिशन में एलआईसी की हिस्सेदारी क्रमिक रूप से 3 बेस पॉइंट की बढ़ी है। एलआईसी ने हिस्सेदारी 3.65 फीसदी से बढ़ाकर 3.68 फीसदी कर दी। आपको बता दें कि पिछले महीने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा को सूचित किया कि अडानी ग्रुप की कंपनियों में एलआईसी का ऋण जोखिम 31 दिसंबर, 2022 के 6,347 करोड़ रुपये से 5 मार्च तक मामूली रूप से गिरकर 6,183 करोड़ रुपये हो गया।

संवादपत्र

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