Long term investment tips: जानिए तरीका ₹100 से ₹20 लाख कमाने का

वैश्विक मंदी के माहौल में किस तरह छोटी बचत से बड़ी रकम जुटाने के लिए कारगर इन्वेस्टमेंट टिप्स।

कारगर इन्वेस्टमेंट टिप्स

Long term investment tips: मौजूदा परिस्थितियों में वैसे तो ब्याज की दरों में वृद्धि हो रही है लेकिन बचत खाते (saving account), मियादी जमा खाते (Reoccurring Account), या फिर फिक्स्ड डिपॉजिट पर जो ब्याज मिलता है वह मुद्रास्फीति की दर से कहीं कम है। ऐसी स्थिति में निवेशक बैंक के ऊपर ज्यादा भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। पर्सनल फाइनैंस के विशेषज्ञ और बजाज कैपिटल में एक सीएमओ रह चुके विश्वजीत पराशर का मानना है कि इस तरह की स्थितियों में यदि अधिक मुनाफा कमाना है तो निवेशक को म्यूचुअल फंड में निवेश बेहतर विकल्प एचपी सकते हैं। 

कैसे जुटाएँ लाखों का फ़ंड

अगर प्रतिदिन ₹100 की बचत की जाए तो एक महीने में ₹3000 की बचत की जा सकती है और यह राशि म्यूचुअल फंड में लगाई जा सकती है। वर्तमान में कई तरह के म्यूचुअल फंड स्कीम में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के जरिए निवेश किया जा सकता है। यदि प्रतिमाह ₹3000 के औसत से 15 वर्षों से निवेश किया जाए तो अवधि पूरी होने पर 15 साल बाद ₹20,00,000 मिल सकते हैं।

यह भी पढ़ें: ७ वित्तीय नियम

कंपाउंडिंग से बढ़ाएँ अपना कोष 

गेट म्यूचुअल फंड स्कीम में यदि ₹3000 का निवेश करना निश्चित हो जाए और यह निवेश लंबी अवधि तक किया जाए तो एक अच्छा लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। 15 वर्षों में लगभग ₹5.40 लाख का निवेश किया जाएगा तो ₹20 लाख रिटर्न मिलेगा। यानी सीधे-सीधे ₹14.60 लाख का मुनाफा प्राप्त किया जा सकता है। इसमें कंपाउंडिंग का लाभ मिलता है। 

एसआईपी (SIP) बेहतरीन विकल्प 

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए एसआईपी एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। जब बाजार में अनिश्चितता बनी हुई हो तब एक समय में बड़ी राशि का निवेश करना मुश्किल हो जाता है। इससे खतरा भी बढ़ता है। एसआईपी का तरीका अपनाने से बाजार के उतार-चढ़ाव के अनुसार निवेश की राशि नहीं बदलती। बाजार चढ़ने पर भी राशि वही रहती है और बाजार गिरने पर भी वही राशि देनी होती है। पूर्व निर्धारित तरीके से निवेश किया जाए तो एवरेजिंग के फायदे मिलते हैं। 

म्यूचुअल फंड रिटर्न की ही बात करें तो बाजार में कई विकल्प हैं जो 15% या उसके ऊपर का रिटर्न दे रहे हैं। एक स्मार्ट निवेशक अपनी सुरक्षा के लिए एक ही म्यूचुअल फंड में पूरा निवेश नहीं करना चाहेगा। उसके लिए बेहतर तरीका यह होगा कि निवेश की राशि को अलग-अलग म्यूचुअल फंड में विभाजित कर दिया जाए। उदाहरण के तौर पर प्रतिमाह ₹3000 का निवेश करना है तो उसे एक एक हजार करके अलग-अलग म्यूचुअल फंड स्कीमों में लगाया जा सकता है। 

निवेश रुकने पर पेनाल्टी नहीं 

एसआईपी (SIP) आपको अपना निवेश बीच में रोकने की भी सुविधा उपलब्ध कराता है। मान लीजिए किसी ग्राहक ने 15 साल की योजना के हिसाब से ₹3000 प्रतिमाह निवेश करना शुरू किया। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि वह ग्राहक पूरे 15 साल निवेश करता रहे। आमदनी कम होने पर या असुविधा होने पर वह चाहे तो निवेश रोक सकता है। एसआईपी के जरिए निवेश करने पर यदि निवेश बीच में रुक भी जाए तो पेनाल्टी नहीं लगती। सुविधा होने पर निवेश पुनः चालू किया जा सकता है   

यह भी पढ़ें: मार्केट में निफ़्टी ५० से रिटर्न कैसे पाए?

Long Term Investment के 5 मंत्र

Long term investment tips: मौजूदा परिस्थितियों में वैसे तो ब्याज की दरों में वृद्धि हो रही है लेकिन बचत खाते (saving account), मियादी जमा खाते (Reoccurring Account), या फिर फिक्स्ड डिपॉजिट पर जो ब्याज मिलता है वह मुद्रास्फीति की दर से कहीं कम है। ऐसी स्थिति में निवेशक बैंक के ऊपर ज्यादा भरोसा नहीं कर पा रहे हैं। पर्सनल फाइनैंस के विशेषज्ञ और बजाज कैपिटल में एक सीएमओ रह चुके विश्वजीत पराशर का मानना है कि इस तरह की स्थितियों में यदि अधिक मुनाफा कमाना है तो निवेशक को म्यूचुअल फंड में निवेश बेहतर विकल्प एचपी सकते हैं। 

कैसे जुटाएँ लाखों का फ़ंड

अगर प्रतिदिन ₹100 की बचत की जाए तो एक महीने में ₹3000 की बचत की जा सकती है और यह राशि म्यूचुअल फंड में लगाई जा सकती है। वर्तमान में कई तरह के म्यूचुअल फंड स्कीम में सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी के जरिए निवेश किया जा सकता है। यदि प्रतिमाह ₹3000 के औसत से 15 वर्षों से निवेश किया जाए तो अवधि पूरी होने पर 15 साल बाद ₹20,00,000 मिल सकते हैं।

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कंपाउंडिंग से बढ़ाएँ अपना कोष 

गेट म्यूचुअल फंड स्कीम में यदि ₹3000 का निवेश करना निश्चित हो जाए और यह निवेश लंबी अवधि तक किया जाए तो एक अच्छा लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। 15 वर्षों में लगभग ₹5.40 लाख का निवेश किया जाएगा तो ₹20 लाख रिटर्न मिलेगा। यानी सीधे-सीधे ₹14.60 लाख का मुनाफा प्राप्त किया जा सकता है। इसमें कंपाउंडिंग का लाभ मिलता है। 

एसआईपी (SIP) बेहतरीन विकल्प 

म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए एसआईपी एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरा है। जब बाजार में अनिश्चितता बनी हुई हो तब एक समय में बड़ी राशि का निवेश करना मुश्किल हो जाता है। इससे खतरा भी बढ़ता है। एसआईपी का तरीका अपनाने से बाजार के उतार-चढ़ाव के अनुसार निवेश की राशि नहीं बदलती। बाजार चढ़ने पर भी राशि वही रहती है और बाजार गिरने पर भी वही राशि देनी होती है। पूर्व निर्धारित तरीके से निवेश किया जाए तो एवरेजिंग के फायदे मिलते हैं। 

म्यूचुअल फंड रिटर्न की ही बात करें तो बाजार में कई विकल्प हैं जो 15% या उसके ऊपर का रिटर्न दे रहे हैं। एक स्मार्ट निवेशक अपनी सुरक्षा के लिए एक ही म्यूचुअल फंड में पूरा निवेश नहीं करना चाहेगा। उसके लिए बेहतर तरीका यह होगा कि निवेश की राशि को अलग-अलग म्यूचुअल फंड में विभाजित कर दिया जाए। उदाहरण के तौर पर प्रतिमाह ₹3000 का निवेश करना है तो उसे एक एक हजार करके अलग-अलग म्यूचुअल फंड स्कीमों में लगाया जा सकता है। 

निवेश रुकने पर पेनाल्टी नहीं 

एसआईपी (SIP) आपको अपना निवेश बीच में रोकने की भी सुविधा उपलब्ध कराता है। मान लीजिए किसी ग्राहक ने 15 साल की योजना के हिसाब से ₹3000 प्रतिमाह निवेश करना शुरू किया। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि वह ग्राहक पूरे 15 साल निवेश करता रहे। आमदनी कम होने पर या असुविधा होने पर वह चाहे तो निवेश रोक सकता है। एसआईपी के जरिए निवेश करने पर यदि निवेश बीच में रुक भी जाए तो पेनाल्टी नहीं लगती। सुविधा होने पर निवेश पुनः चालू किया जा सकता है   

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