What is ESG theme Investment: ईएसजी थीम निवेश क्या है

ईएसजी (ESG), यानी नए समय का नया निवेश, एनवायरनमेंटल सोशल और कॉर्पोरेट गवर्नेंस थीम पर आधारित निवेश है।

ईएसजी ESG

ESG Investments: ईएसजी इन्वेस्टमेंट (ESG Investment) नए जमाने के नए निवेश का एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रहा है। ईएसजी का मतलब है एनवायरनमेंटल सोशल और कॉर्पोरेट गवर्नेंस। जैसा कि देखा गया है निवेशकों की रुचि थीम पर आधारित निवेश की ओर बढ़ रही है, ऐसे में ईएसजी थीम निवेशकों के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। कई म्यूचुअल फंड कंपनियों ने भी ईएसजी के प्रति अपनी रुचि दिखाई है। कॉर्पोरेट क्षेत्र में पर्यावरण से संबंधित विषयों के बारे में जागरूकता बढ़ी है। वहीं सोशल और गवर्नेंस के सिद्धांत भी मुख्यधारा में आ रहे हैं। अब ज्यादातर कंपनियाँ और कॉर्पोरेट क्षेत्र ईएसजी के नियमों के आधार पर क्षेत्र में बिज़नेस बढ़ाने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। 

बाजार में माना जा रहा है कि वे कंपनियाँ जिनमें भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की योग्यता है वे इन सिद्धांतों को अपनाती हैं। ईएसजी में निवेश का मतलब है कि उन कंपनियों में निवेश करना जो एनवायरमेंटल सोशल और गवर्नेंस संबंधी उच्च मानदंडों को पूरा करती हैं। इसमें वित्तीय जोखिम की संभावना भी कम होती है। 

यह भी पढ़ें: ७ सुनहरे वित्तीय नियम

ईएसजी के फायदे 

ईएसजी के ऊँचे मानदंडों को पूरा करने वाली कंपनियाँ अक्सर मजबूत होती हैं। इन कंपनियों में निवेश करने से बेहतर रिटर्न की संभावना बहुत अधिक हो जाती है। वहीं जिन कंपनियों में ये मानदंड स्तरीय नहीं होते वहाँ जोखिम ज्यादा होता है।

म्यूचुअल फंड का भी भरोसा 

किसी भी कंपनी के प्रदर्शन और जोखिम का जब आकलन किया जाता है तो जिम्मेदारी, नैतिक मूल्य और स्टेबिलिटी पर ध्यान दिया जाता है। ये सभी कंपनियाँ जो ईएसजी के मानदंड ऊँचे रखती हैं वे इसी श्रेणी में गिनी जाती हैं। इसके चलते एसेट मैनेजमेंट कंपनियाँ इन कंपनियों में सक्रिय निवेश कर रही हैं। 

ईएसजी थीम से जुड़ी कंपनियाँ बैंकिंग और नॉन बैंकिंग सेक्टर के लिए भी महत्त्वपूर्ण हो चली हैं। ये दोनों ही सेक्टर क्रेडिट मूल्यांकन करते समय इस बात पर ध्यान रखते हैं कि किस प्रकार रिस्क या जोखिम कम किया जाए, सही मूल्यांकन हो सके, और लोन अग्रीमेंट और अवधि के निर्धारण सही तरीके से लागू किया जा सके। 

ईएसजी थीम अपनाने से कंपनियों को भी खासा फायदा 

इन सिद्धांतों के अपनाने से संसाधनों का इस्तेमाल बेहतर तरीके से होता है जिससे टॉपलाइन ग्रोथ बढ़ती है और पूंजी भी बढ़ाई जा सकती है। कुल मिलाकर ये सिद्धांत कॉर्पोरेट ग्रोथ के लिए फ़ायदेमंद हैं। वहीं इनका अप्रत्यक्ष रूप से फायदा भी मिलता है। कंपनी की छवि निवेशकों के बीच बेहतर होती है। यह भी देखा गया है कि यदि ईएसजी से संबंधित गलत खबरें आने से कंपनी के कीमतों पर इसका उल्टा असर पड़ता है। साथ ही, ईएसजी थीम वित्तीय प्रणाली और बैंकिंग नेटवर्क मजबूत होने में भी सहायक है। 

ईसीजी अभी प्रारंभिक चरण में 

वैश्विक संस्थागत निवेशकों ने अपनी ईएसजी पॉलिसी और कल्चर को बहुत अच्छी तरह परिभाषित कर लिया है। वहीं म्यूचुअल फंड ने भी ईएसजी टीम पर भरोसा दिखाया है। हालांकि भारत में निवेशकों का एक बड़ा समूह अभी भी ईएसजी के प्राथमिक चरण में ही है। हालांकि हालिया रुझान में ऐसा देखा गया है कि निवेशक उन कंपनियों में निवेश से बच रहे हैं जिनका ईएसजी मापदंड अच्छा नहीं है। 

यह भी पढ़ें: मार्केट में उतार-चढ़ाव के दौरान निफ़्टी ५० से बेहतर रिटर्न कैसे पाए?

What is ESG Investing

ESG Investments: ईएसजी इन्वेस्टमेंट (ESG Investment) नए जमाने के नए निवेश का एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभर रहा है। ईएसजी का मतलब है एनवायरनमेंटल सोशल और कॉर्पोरेट गवर्नेंस। जैसा कि देखा गया है निवेशकों की रुचि थीम पर आधारित निवेश की ओर बढ़ रही है, ऐसे में ईएसजी थीम निवेशकों के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। कई म्यूचुअल फंड कंपनियों ने भी ईएसजी के प्रति अपनी रुचि दिखाई है। कॉर्पोरेट क्षेत्र में पर्यावरण से संबंधित विषयों के बारे में जागरूकता बढ़ी है। वहीं सोशल और गवर्नेंस के सिद्धांत भी मुख्यधारा में आ रहे हैं। अब ज्यादातर कंपनियाँ और कॉर्पोरेट क्षेत्र ईएसजी के नियमों के आधार पर क्षेत्र में बिज़नेस बढ़ाने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। 

बाजार में माना जा रहा है कि वे कंपनियाँ जिनमें भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की योग्यता है वे इन सिद्धांतों को अपनाती हैं। ईएसजी में निवेश का मतलब है कि उन कंपनियों में निवेश करना जो एनवायरमेंटल सोशल और गवर्नेंस संबंधी उच्च मानदंडों को पूरा करती हैं। इसमें वित्तीय जोखिम की संभावना भी कम होती है। 

यह भी पढ़ें: ७ सुनहरे वित्तीय नियम

ईएसजी के फायदे 

ईएसजी के ऊँचे मानदंडों को पूरा करने वाली कंपनियाँ अक्सर मजबूत होती हैं। इन कंपनियों में निवेश करने से बेहतर रिटर्न की संभावना बहुत अधिक हो जाती है। वहीं जिन कंपनियों में ये मानदंड स्तरीय नहीं होते वहाँ जोखिम ज्यादा होता है।

म्यूचुअल फंड का भी भरोसा 

किसी भी कंपनी के प्रदर्शन और जोखिम का जब आकलन किया जाता है तो जिम्मेदारी, नैतिक मूल्य और स्टेबिलिटी पर ध्यान दिया जाता है। ये सभी कंपनियाँ जो ईएसजी के मानदंड ऊँचे रखती हैं वे इसी श्रेणी में गिनी जाती हैं। इसके चलते एसेट मैनेजमेंट कंपनियाँ इन कंपनियों में सक्रिय निवेश कर रही हैं। 

ईएसजी थीम से जुड़ी कंपनियाँ बैंकिंग और नॉन बैंकिंग सेक्टर के लिए भी महत्त्वपूर्ण हो चली हैं। ये दोनों ही सेक्टर क्रेडिट मूल्यांकन करते समय इस बात पर ध्यान रखते हैं कि किस प्रकार रिस्क या जोखिम कम किया जाए, सही मूल्यांकन हो सके, और लोन अग्रीमेंट और अवधि के निर्धारण सही तरीके से लागू किया जा सके। 

ईएसजी थीम अपनाने से कंपनियों को भी खासा फायदा 

इन सिद्धांतों के अपनाने से संसाधनों का इस्तेमाल बेहतर तरीके से होता है जिससे टॉपलाइन ग्रोथ बढ़ती है और पूंजी भी बढ़ाई जा सकती है। कुल मिलाकर ये सिद्धांत कॉर्पोरेट ग्रोथ के लिए फ़ायदेमंद हैं। वहीं इनका अप्रत्यक्ष रूप से फायदा भी मिलता है। कंपनी की छवि निवेशकों के बीच बेहतर होती है। यह भी देखा गया है कि यदि ईएसजी से संबंधित गलत खबरें आने से कंपनी के कीमतों पर इसका उल्टा असर पड़ता है। साथ ही, ईएसजी थीम वित्तीय प्रणाली और बैंकिंग नेटवर्क मजबूत होने में भी सहायक है। 

ईसीजी अभी प्रारंभिक चरण में 

वैश्विक संस्थागत निवेशकों ने अपनी ईएसजी पॉलिसी और कल्चर को बहुत अच्छी तरह परिभाषित कर लिया है। वहीं म्यूचुअल फंड ने भी ईएसजी टीम पर भरोसा दिखाया है। हालांकि भारत में निवेशकों का एक बड़ा समूह अभी भी ईएसजी के प्राथमिक चरण में ही है। हालांकि हालिया रुझान में ऐसा देखा गया है कि निवेशक उन कंपनियों में निवेश से बच रहे हैं जिनका ईएसजी मापदंड अच्छा नहीं है। 

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