महिलाओं को अक्सर ’न क्यों कहना चाहिए और इसे अदब से कैसे करना चाहिए

’नहीं' कब एक गंदा शब्द बन गया? इसे पुनः सुधारने और अपना जीवन वापस पाने का समय आ गया है!

महिलाओं को अक्सर ’न क्यों कहना चाहिए और इसे अदब से कैसे करना चाहिए

"नहीं।"

आपने आखिरी बार ये कब कहा था? यदि आप याद नहीं कर पा रहे हैं, तो याद करने के लिए एक मिनट लें जब अंतिम बार आपने दबाव में आकर कोई सामाजिक सभा में भाग लिया था या किसी सहकर्मी को अपना काम पूरा करने में मदद की थी जब आप वास्तव में ऐसा नहीं चाहते थे। यदि आप पिछली बार 'न' कहे गए समय को याद करने के मुकाबले ऐसी स्थिति को अधिक आसानी से याद कर सकते हैं, तो आपको - अधिकांश महिलाओं की तरह - अधिक बार 'ना' कहना सीखना होगा ।

कम उम्र से ही महिलाओं में सहमत होने और बहुत विनम्र होने के गुण होते हैं। पुरुषों को कभी 'आकर्षक' बनना नहीं सिखाया जाता है; उन्हें मजबूत, स्मार्ट और सफल होना सिखाया जाता है। ये तीन महत्वपूर्ण गुण हैं जो महिलाओं के पास भी हैं, लेकिन इसे संवारना कठिन होता है क्योंकि यह उनके सामाजिक अनुकूलन के खिलाफ होता है।

हालाँकि, हर किसी को हर किसी चीज़ के लिए 'हाँ' कहना पेशेवर और व्यक्तिगत ,दोनों तरह से महिलाओं के लिए हानिकारक है। यहां बताया गया है क क्यों आपको अब से अधिक बार 'न' कहना शुरू करना चाहिए:

  • आप अपने समय और ऊर्जा को बेहतर तरीके से प्राथमिकता दे सकते हैं

आप किसी से भी बेहतर जानते हैं कि दिन में 24 घंटे हर उस चीज के लिए पर्याप्त नहीं है जो आप करना चाहते हैं और जो आपको करना है। उन चीजों और लोगों को न कहने में सक्षम होना, जो आपके लक्ष्यों या प्राथमिकताओं के साथ संरेखित नहीं करते, आपकी ऊर्जा को संरक्षित करने और आपके प्रयासों और समय को प्राथमिकता देने का एक प्रभावी तरीका है। इसके बारे में सोचो - क्या आप अपने सप्ताहांत को सोने पर खर्च करना चाहेंगे या फिर आप (अनिच्छा से) अपने जिम के लोगों के साथ ट्रेक पर जाना चाहेंगे, जिन्हें आप अच्छे से जानते भी नहीं हैं?

  • यह आपको विषाक्त लोगों से छुटकारा पाने में मदद करता है

यह जीवन का एक तथ्य है कि मनुष्य जाने या अनजाने में एक दूसरे के लिए विषाक्त हो सकता है। जब आप उन चीजों को न कहने की आदत डालते हैं जो आपको सही नहीं लगती हैं, तो आप अपने जीवन से विषाक्त लोगों को भी बाहर का रास्ता दिखाते हैं। क्या आपका कोई मित्र है जो केवल आपके पास तब पहुँचता है जब उन्हें किसी चीज़ की आवश्यकता होती है लेकिन उसके अलावा कभी आपका हालचाल नहीं पूछता हैं? अगली बार जब वे आपसे मिलना चाहें तो उनकी समस्याओं को सुनने के लिए ''न'' कहें। ''ना'' कहना आपके जीवन से सभी जोड़तोड़ करने वालों, ऊर्जा लेने वालों और जीवन के जोंक से छुटकारा पाने में मदद करेगा।

  • यह आपको अच्छे मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है

जब आप अधिक बार ''न'' कहने की आदत को अपनाते हैं, तो आप अपने मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए बहुत कुछ करते हैं। ज्यादा सहमति दिखाने से और अच्छा बनने के कारण महिलाओं में बहुत सी गंभीर चिंताएँ पैदा हो जाती हैं - इम्पोस्टर सिंड्रोम से लेकर अवसाद तक। महिलाएं उम्र के साथ-साथ अधिक सुस्त और क्रोधी हो जाती हैं, क्योंकि वर्षों से बिना किसी चीज के लिए मना किये वे हर चीज़ में सहमत होती है जिससे उनके अंदर बहुत अधिक अवसाद की भावनाएं विकसित होती है।

  • यह सीमाओं के निर्माण और रखरखाव में आपकी सहायता करता है

दोनों व्यक्तिगत और पेशेवर सीमाएं महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे आपको अपने विश्वासों पे बने रहने और खुद के लिए खड़े होने में मदद करते हैं। हालांकि, सीमाओं का निर्माण छली और मुश्किल है क्योंकि लोग अक्सर उन्हें पार करने पर जोर देते हैं। हर बार जब आप किसी को किसी चीज़ के लिए मना करते हैं - चाहे वह कार्यस्थल पर अपने पार्किंग स्थल को देना हो या अपने काम को घर ले जाना - वे आपको आघात करने की कोशिश करेंगे। लेकिन आपको दृढ़ रहना होगा और अपने लिए खड़े होना होगा। ऐसा करना आपको 'बलि का बकरा' बनने से रोकता है और आपको अपनी सीमाओं को बनाए रखने देता है।

अब, यह सब सुनने में अच्छा लग सकता है, लेकिन वास्तव में कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को चोट पहुंचाए बिना या अपमान किए बिना ये कैसे कह सकता है? अदब से 'न' कहने के कई तरीके हैं, और संदर्भ और स्थिति के आधार पर, आप निम्न में से किसी भी दृष्टिकोण का उपयोग कर सकते हैं।

  • उन्हें किसी और की तरफ निर्देशित करें

यह दृष्टिकोण विशेष रूप से काम में सहायक है। जब कोई आपके पास किसी चीज़ के लिए आता है, और आप उनकी मदद नहीं कर सकते हैं क्योंकि आप खाली नहीं हैं या नहीं जानते हैं कि कैसे मदद करना है, तो साफ़ मना मत करें। इसके बजाय, उन्हें किसी और की तरफ निर्देशित करें जो उस स्थिति में उनकी मदद करने में सक्षम हो।

  • तुरंत जवाब न दें

हालांकि, तुरंत जवाब देने के लिए दबाव महसूस करना आम बात है,पर ऐसा न करें । इसके बजाय, अगली बार जब कोई आपसे कुछ पूछता है, तो उनसे कहें ,'मैं आपसे वापस मिलता हूँ'। यह आपको सोचने के लिए पर्याप्त स्थान और समय देता है कि आप इसके लिए तैयार हैं या नहीं बजाय इसके की आप तुरंत हामी भर दे और फिर बाद में मना कर दें ।

  • अपने कारण दीजिए और ईमानदार रहिए

कभी-कभी किसी व्यक्ति की दुविधा आपके दिल को छू सकती है, और आप मदद करना चाहते होंगे, लेकिन अपने लक्ष्यों और पूर्व प्रतिबद्धताओं को किनारे किये बिना ऐसा नहीं कर पाएंगे। ऐसी स्थिति में, मना करने के लिए अपने ईमानदार कारण को बताएं और हो सके तो अपनी मनाही को किसी प्रशंशा के साथ व्यक्त करें ताकि अजीब न लगे ।

  • स्पष्टीकरण में मत उलझो

वैकल्पिक रूप से, कुछ स्थितियों में, बस एक सरल 'न' ही पर्याप्त होगा। उदाहरण के लिए, यदि आपका बॉस आपसे रविवार को काम करने की उम्मीद करता है, तो आप बस कह सकते हैं, “मुझे डर है कि यह संभव नहीं होगा; मेरी कुछ व्यक्तिगत प्रतिबद्धताएं हैं।” चूँकि रविवार आपके छुट्टी का दिन है वैसे भी, तो आपको क्षमाप्रार्थी होने का कोई कारण नहीं है या आप क्या कर रहे हैं और क्यों नहीं आ सकते हैं ,इसकी विस्तृत व्याख्या देने की भी ज़रूरत नहीं है।

  • टाल दें

किसी चीज़ से बाहर निकलने का सबसे आसान और कम अजीब तरीका है, "शायद अगली बार" या "क्या हम इसे बाद में कर सकते हैं?" यह सामाजिक परिस्थितियों में शानदार ढंग से काम करता है - जैसे कि जब कोई आप से रात के खाने पर आने या किसी कार्यक्रम में उनके साथ जाने के लिए कहता है।

  • ''हाँ'' कहो लेकिन अपनी शर्तों पर

कभी-कभी सीधा 'हां या ना' होना जरूरी नहीं है - जवाब इसके बीच में भी हो सकता है।उदाहरण के लिए, यदि आपके मित्र ने आपको अपने बच्चे की जन्मदिन की पार्टी के लिए उसे घर सजाने में मदद करने के लिए कहा है, तो आप उसे बता सकते हैं कि आप ऐसा कर पाएंगे, लेकिन केवल दोपहर तक। यदि आप अपनी शर्तों को सामने रखते हैं, तो आप में से किसी को भी नाराजगी महसूस करने की आवश्यकता नहीं होगी, और आप दूसरे व्यक्ति की मदद भी कर सकेंगे ।

इन युक्तियों को आज़माएं और जल्द ही आप देखेंगे कि आप अपनी शर्तों पर जीवन जी रहे हैं - अधिक आत्मविश्वास, संतुष्ट और खुश महसूस कर रहे हैं!

 

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