मिलेनियल घर खरीदारों के लिए भारत की सर्वाधिक लोकप्रिय शहरें

हाउसिंग की मांग बढ़ गई है क्योंकि नए-युग के मिलेनियल्स के बीच घर के ओनरशिप को शीर्ष प्राथमिकता मिल रही है।

 मिलेनियल घर खरीदारों के लिए भारत की सर्वाधिक लोकप्रिय शहरें

यह न केवल नए-युग के मिलेनियल्स के लिए अपने खुद का मालिक होने का एक सपना है, बल्कि एक उल्लेखनीय फाइनेंस और भवानात्मक निवेश भी है। हाल के सांख्यिकी से यह पता चलता है कि दुनिया भर के 70% मिलेनियल्स ने पहले से ही घरों में निवेश कर रखा है और 91% मिलेनियल्स अगले 5 वर्षों में ऐसा करने की योजना बना रहा है। 

हाउसिंग की मांग दुनिया भर में बहुत तेजी से बढ़ी है क्योंकि बाजार प्राथमिक रूप से ऐसे युवाओं और नए परिवारों द्वारा संचालित है जो रीयल इस्टेट के एक ऐसे टुकड़े का मालिक बनना चाहते हैं जिसे वह अपना कह सकें। भारतीय परिदृश्य बहुत अलग नहीं है। 

मिलेनियल्स घर क्यों खरीदना चाहते हैं?

मांग में होने वाले इस परिवर्तन का मुख्य कारण रहा है गृह ऋण के अधिक से अधिक विकल्पों तक पहुंच, किफायती ईएमआई, और 30 वर्ष की आयु तक अपने खुद के घर में रहने की अभिलाषा। प्रायोगिक और व्यावहारिक होने के अलावा, आइए हम कुछ दूसरे कारणों पर एक नजर डालें जो मिलेनियल्स को घर खरीदार बनने के लिए प्रेरित करते हैं।

  • तेज शहरीकरण: भारत की मेट्रो और टियर2/टियर3 की शहरों में निजी कंपनियों द्वारा समर्थित विस्तार के कारण बहुत तेजी से शहरीकरण हुआ है। सरकार ने इसका लाभ उठाया और भारत भर में ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने का निर्णय लिया।
  • प्रयोज्य आय (डिस्पोजेबल इनकम) में वृद्धि शहरीकरण के परिणामस्वरूप पेशेवर रूप से योग्य मिलेनियल्स अब अपने करियर के सोपान को बहुत तेजी से बढ़ा रहे हैं। अच्छे पे पैकेज के साथ निजी और पब्लिक सेक्टर कंपनियों में काम करने से उन्हें अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही बड़े पैमाने पर प्रयोज्य आय मिलने लगती है।
  • सोच में बदलाव: मिलेनियल्स के लिए, सुविधा स्टाइल से बढ़कर है जहां तक घर में निवेश करने का मामला है। तकनीकी रुचि रखने वाले परिवार स्मार्ट होम्स पसंद करते हैं जिन घरों में आधुनिक सुविधाएं और अमेनिटीज होती हैं। वे एकीकृत सुरक्षा प्रणालियों वाले घरों के लिए प्रीमियम का भुगतान करना पसंद करते हैं।
  • सरकारी सहायता: भारत सरकार द्वारा उल्लेखनीय कर लाभों के साथ-साथ 'सभी के लिए घर’ पहल इस बात का एक दूसरा कारण है कि क्यों मिलेनियल्स घर को एक मुख्य निवेश के रूप में देखते हैं।

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मिलेनियल घर खरीदारों के लिए भारत के बेहतरीन शहर

अनेक ऐसे पहलु हैं जिनपर मिलेनियल्स अपना पहला घर खरीदते समय विचार करते हैं। शहर, पड़ोस, प्रति वर्गमीटर कीमत, आधारभूत संरचना, उपलब्ध नागरिक सुविधाओं के विकल्प, सभी मिलकर उन्हें एक निर्णय पर पहुंचने में मदद करते हैं। इन सभी को ध्यान में रखते हुए, यहां मिलेनियल्स होम बायर्स के लिए बेहतरीन भारतीय शहरों की हमारी सूची उपलब्ध है।

हैदराबाद

उच्च कोटि की आधारभूत संरचना के साथ, हैदराबाद भारता का एक टियर 1 शहर है जो मिलेनियल्स घर खरीदारों के लिए बहुत तेजी से शीर्ष गंतव्य बन रहा है। इसके तेजी से बढ़ते आईटी सेक्टर से जॉब मार्केट में वर्षों से लगातार वृद्धि में मदद मिली है, जिससे युवाओं के लिए लंबे समय तक इस शहर में बसने के बारे में विचार करने का अवसर मिल रहा है।

आगे आने वाले समय में विकसित होने वाले पड़ोसी शहर जैसे गाचिबोली और कुदतपल्ली ने रीयल इस्टेट डेवलपर्स को आकर्षित किया है, जो नए परिवारों के लिए सस्ती हाउसिंग बनाने में भारी रूप से निवेश कर रहे हैं। शहर में पर्याप्त सार्वजनिक सेवाएं, नागरिक सुविधाएं, अच्छे-अच्छे स्कूल, और कम प्रदूषण स्तर, ये सभी इसे मिलेनियल्स के यहां रहने के लिए भारत की सबसे अच्छी शहर बनाते हैं।

अहमदाबाद

अहमदाबाद के प्रॉपर्टी बाजार में 2030 तक 25% की वृद्धि होने की संभावना है। स्मार्ट और आधुनिक शहर होने के अलावा, यह मध्यपूर्व और अफ्रीकी बाजारों के लिए एक गेटवे भी है, जिससे यह शहर ऐसे मिलेनियल्स के लिए एक आदर्श है जो इन क्षेत्रों में बहुत से बिजनेस करते हैं। इस शहर में कुछ शीर्ष सार्वजनिक और निजी सेक्टर कंपनियां हैं और जॉब मार्केट को बढ़ा रही हैं।

अमहदाबाद के तेजी से बढ़ते रीयल इस्टेट मार्केट में ढेर सारे नए-युग के प्रॉजेक्ट्स है जो विश्व-स्तरीय सुविधाएं और आसान परिवहन प्रदान करते हैं। ऊंची-ऊंची इमारतों से लेकर प्रीमियम विला तक, इस शहर में हरेक बजट के लिए कुछ न कुछ है, जिसके कारण यह शहर मिलेनियल्स के लिए एक आकर्षक शहर बन जाता है।

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पुणे

पुणे 'पेंशनर’ के शहर की पहचान को छोड़कर उस शहर की पहचान पा चुका है जहां युवा और मिलेनियल्स रहते हैं। यहां सेवा/विनिर्माण उद्योगों और स्टार्ट-अप के लिए वृद्धि के अवसर हैं, और यह वैश्विक आईटी कंपनियों के लिए एक पसंदीदा जगह है जिन्होंने हिंजेवाड़ी, खरडी, विमान नगर इत्यादि में दूकानें खोल रखी हैं।

रीयल इस्टेट डेवलपर्स अब किफायती हाउसिंग प्रॉजेक्ट्स का एक मिश्रण तैयार करने पर ध्यान दे रहे हैं जिनसे अनुमान के मुताबिक बाजार में 15% से 20% तक की वृद्धि होगी। वकाड, बानेर और बालेवाड़ी जैसी पड़ोसी जगहें पहले से ही युवा प्रोफेशनल में लोकप्रिय हैं। इस शहर में अनेक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रॉजेक्ट्स के साथ एक बड़े फेसलिफ्ट की उम्मीद है जैसे रिंग रोड, बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस), और पाइपलाइन में एक प्रतिष्ठित मेट्रो प्रॉजेक्ट है।

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नवी मुम्बई और ठाणे

यद्यपि मुम्बई सपनों का शहर हो सकता है, लेकिन यह बजट में निवेश करने के लिए युवा मिलेनियल्स के लिए एक कठिन काम हो सकता है। नवी मुम्बई और ठाणे, सुव्यवस्थित आधारभूत संरचना, चौड़ी सड़कों, और भरपूर प्राकृतिक सुंदरता के साथ, ये शहर एक व्यवाहारिक विकल्प प्रदान करते हैं। ये उपनगर लोकल ट्रेनों के जरिए मुम्बई से सुविधानजक रूप से जुड़े हैं। बड़े-बड़े टाउनशिप जो विस्तृत और किफायती दोनों हैं, इन उपनगरों में रीयल इस्टेट बाजार को बढ़ रहे हैं।

नवी मुम्बई और ठाणे में शीर्ष-स्तर की नागरिक सुविधाएं हैं जिनमें शामिल हैं स्वास्थ्य केंद्र, शैक्षणिक संस्थानें और मनोरंजन के स्थान। रिलायंस, एल&टी, और ऐक्सेंचर जैसी कंपनियों के नवी मुम्बई में ऑफिस हैं, और इनसे स्थानीय जॉब मार्केट में तेजी आई है। आगे विकसित होने वाले नवी मुम्बई इंटरनैशनल एयरपोर्ट को धन्यवाद, रीयल इस्टेट की कीमतें भी बढ़ रही हैं।

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अंतिम शब्द

आर्थिक रूप से सक्षम मोलेनियल्स ऐसे घरों में निवेश करना चाहते हैं जो उनके पारिवारिक जीवन को स्थिरता प्रदान कर सके और उनके भविष्य को सुरक्षित बन सके। इसके अलावा, अच्छी तरह से डिजाइन किया हुआ और सुगठित स्थान, कनेक्टिविटी, और सुविधा उच्चवर्गीय स्थान में रहने की प्राथमिकता है। अपने गृह शहर या किसी बड़े शहर में घर खरीदना: ऐसा क्या है जो वित्तीय समझ पैदा करता है?




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