निवेश करते वक़्त इन जोखिमों से बचें

निवेश करने से पहले जोखिम और रिवॉर्ड के बीच के सम्बन्ध को समझना महत्वपूर्ण है ताकि ऐसा एसेट पोर्टफोलियो बन सके जो आपके रिटर्न को बढ़ाते हुए आपके जोखिम को न्यूनतम करता जाये |

निवेश करते वक़्त इन जोखिमों से बचें

अपनी मेहनत के पैसे को काम पर लगाते वक़्त ,यह ज़रूरी है कि आप विभिन्न निवेशों से जुड़े जोखिमों को पहचानें | गहरे ज्ञान द्वारा आपको दीर्घकालिक निवेश रणनीति बनाने और उसे बनाये रखने में मदद मिलेगी जिससे आपके बचत में वृद्धि होगी |

यह आमतौर पर कहा जाता है कि जोखिम और रिवॉर्ड (इनाम) एक ही सिक्के के दो पहलु होते हैं | जोखिम जितना ज्यादा होगा,रिवॉर्ड भी उतना ज्यादा मिलेगा | इसका वास्तव में मतलब है कि : जितना ज्यादा जोखिम,रिवॉर्ड की संभावना भी उतनी ज्यादा |

सबसे पहला कदम आपको अपने निवेश लक्ष्यों और जोखिम क्षमता को परिभाषित करना है | जोखिम क्षमता, अनिश्चितता का वह स्तर है जिसे आप उच्च संभावित रिटर्न के लिए स्वीकार करने को तैयार होते हैं| अब यह तो स्वाभाविक है कि किसी भी दो व्यक्ति की जोखिम की एक जैसी इच्छा नहीं होती होगी | आय,समय अवधि, रिटर्न की अनुमानित दर,आयु और रिटायरमेंट योजना ,अन्य वित्तीय संसाधनें, आदि एक व्यक्ति की जोखिम क्षमता को निर्धारित करती है |

एक बार आपको एहसास हो जाए की आप जोखिम-रिवॉर्ड के विस्तृत श्रेणी में कहाँ आते हैं , आप एक उचित निवेश योजना और एक पोर्टफोलियो के ढाँचे को बनाने की स्थिति में होंगे जो आपके उद्देश्य की पूर्ति करता हो |

निवेश साधनों की तलाश करना बहुत भारी लग सकता है | क्या आपको अपने पैसे को स्टॉक मार्केट में डालना चाहिए ? या बांड्स के साथ बने रहकर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं ? या क्या आपको म्यूच्यूअल फंड के रास्ते जाना चाहिए ? चूँकि हर निवेश साधन की अपनी अलग जोखिम प्रोफाइल होती है ,इसलिए आपको निवेश करने से पहले संभावित रिवॉर्ड से जुड़े जोखिम को तौल लेना चाहिए|

आइये कुछ जोखिमों पर विचार करते हैं जिसके बारे में सभी निवेशक जानते हैं |

  • अपना मूलधन खोना- निवेश किये गए अपने सभी पैसो को खो देना एक स्वाभाविक चिंता है | अपने मूलधन को खोने का खतरा, इक्विटी की स्थिति में और भी ज्यादा होता है | कंपनी के दिवालिया होने की स्थिति में,आपने शेयरों की खरीदी के लिए जो पैसे चुकाए थे ,उसे पुनः प्राप्त नहीं कर पाएंगे | इस जोखिम को कम करने के लिए आप सरकार द्वारा समर्थित प्रतिभूतियों में निवेश कर सकते हैं जो आपके मूलधन के सुरक्षा की गारंटी देता है | हालांकि, इसके लिए आपको बहुत कम रिटर्न के साथ समझौता करना पड़ सकता है|
  • मुद्रास्फीति का जोखिम- इस जोखिम में आपके निवेश आय, जीवन के बढ़ते खर्चों के साथ मेल नहीं खा सकते ,इसलिए क्रय शक्ति भी कम हो जाती है | यह फिक्स्ड रिटर्न साधनों जैसे कि बांड, नगद ,और बचत बैंक खातों जैसे नगद समकक्ष के रिटर्न को काट देता है | शेयरों से मुद्रास्फीति के खिलाफ कुछ सुरक्षा मिलती है क्यूंकि कई कंपनियां उन कीमतों में वृद्धि कर सकती हैं जो वे अपने ग्राहकों से वसूलते हैं| अचल संपत्ति मुद्रास्फीति के खिलाफ बचाव का काम करता है |
  • तरलता जोखिम: संभावना है कि जब आपको पैसे की ज़रूरत हो,तब आप अपने निवेशों को अच्छे दाम में बेचकर उसे नगद में न परिवर्तित कर पाएं ,उसे ही तरलता जोखिम कहते हैं | जब मुद्रस्फीति होती है तो अचल संपत्ति अच्छे काम आ सकती है परन्तु उनके साथ सबसे अधिक तरलता जोखिम जुड़े होते हैं |
  • अपर्याप्त रिटर्न: आपके अनुमानित रिटर्न की मात्रा के न मिल पाने की संभावना,एक और आम जोखिम है| उदाहरण के लिए, आपके रिटायरमेंट के बाद की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए आपकी आय पर्याप्त नहीं होना |
  • अस्थिरता का जोखिम: किसी विशेष एसेट के बाजार मूल्य में लगातार अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव ,कुछ निवेशकों के लिए हतोत्साहित करने वाला हो सकता है |

आगे, आइये कुछ लोकप्रिय निवेशों से सम्बंधित कुछ जोखिम प्रोफाइल का आंकलन करते हैं :

  • स्टॉक: अन्य निवेश साधनों के तुलना में स्टॉक्स अधिक रिटर्न दर प्रदान करते हैं | हालांकि, इक्विटी शेयरहोल्डर को अपने पैसे खोने का डर होता है क्यूंकि जब कंपनी वित्तीय संकट के दौर से गुज़र रही होती है तो यह उनका अंतिम दावा हो सकता है| ब्लू-चिप कंपनियां ,हालांकि महंगी हैं, पर उनकी अपेक्षाकृत स्थिर स्टॉक मूल्य होती है ,वे नियमित रूप से लाभांश का भुगतान करते हैं और अपेक्षाकृत सुरक्षित होते हैं| वैकल्पिक रूप से, छोटी कंपनियां जैसे कि पेन्नी स्टॉक फर्म या स्टार्ट-अप ज्यादा स्थिर रिटर्न प्रदान करते हैं |
  • बांड्स- यदि आप अपने स्टॉक से भरे पोर्टफोलियो में से कुछ जोखिम को कम करना चाहते हैं तो बांड्स एक सुरक्षित रास्ता है|रेटिंग एजेंसियों द्वारा आवंटित किया गया क्रेडिट स्कोर उनके जोखिम के स्तर को मापने में मदद करता है | उदाहरण के लिए, AAA रेटेड बांड्स सबसे सुरक्षित होते हैं क्यूंकि उनकी डिफ़ॉल्ट जोखिम सबसे कम होती है | दूसरी ओर, कम रेटिंग वाली बांड्स (निवेश ग्रेड और जंक बांड्स) अधिक रिटर्न का दावा करती है परन्तु उनमे जोखिम भी बहुत अधिक होते हैं|
  • म्यूच्यूअल फंड्स- म्यूच्यूअल फंड्स को पेशेवर पोर्टफोलियो प्रबंधकों और विशेषज्ञों द्वारा संभाला जाता है जिससे वह काफी आकर्षक लगता है | अनुभवहीन निवेशक ,फंड प्रबंधकों की विशेषज्ञता से लाभान्वित हो सकते हैं | म्यूच्यूअल फंड्स में विभिन्न जोखिम प्रोफाइल के विभिन्न श्रेणी के एसेट्स शामिल हैं - बड़े कंपनी के स्टॉक्स से लेकर बड़े और छोटे स्टॉक के मिश्रण तक ,बांड्स और स्वर्ण जैसे कीमती धातु से विदेशी कंपनी स्टॉक्स तक| ये सब एक बेहतरीन बचाव साधन होते हैं परन्तु उच्च शुल्क और रखरखाव के लागत आपके संभावित रिटर्न को ख़त्म कर सकते हैं |

अंतिम पंक्तियाँ :

हालांकि जोखिम की कोई सही मात्रा या प्रकार नहीं होता, पर फिर भी जानकार होने से और अपने पोर्टफोलियो के विविधीकरण के लिए सही निवेशों के मिश्रण से आप बाजार के उतार-चढ़ाव में भी अपने पैसे को सुरक्षित कर सकते है और तेजी के बाजार में अधिक रिटर्न पा सकते हैं |

डिस्क्लेमर : यह लेख केवल सामान्य जानकारी उद्देश्यों के लिए है और इसे निवेश या कर या कानूनी सलाह के रूप में नहीं लगाया जाना चाहिए। इन क्षेत्रों में निर्णय लेते समय आपको अलग से सलाह प्राप्त करनी चाहिए ।

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