01 जुलाई 2022 से प्रभावी क्रेडिट कार्ड के लिए नए नियम

01 जुलाई 2022 से प्रभावी क्रेडिट कार्ड के लिए नए नियम

01 जुलाई 2022 से प्रभावी क्रेडिट कार्ड के लिए नए नियम

आरबीआई ने अप्रैल 2022 में एक परिपत्र जारी किया है जिसका नाम ‘मास्टर निदेश - क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड - जारी और आचार संबंधी निदेश, 2022’ है। निदेश 01 जुलाई 2022 से प्रभावी होंगे। ये निदेश सभी बैंकों और एनबीएफसी पर लागू होंगे। अधिकतर नियम 01 जुलाई 2022 से लागू होंगे, लेकिन तीन नियमों को 01 अक्‍टूबर 2022 से लागू करने के लिए छूट प्रदान की गई है। यह ब्लॉग 01 जुलाई 2022 से लागू होने वाले नियमों पर चर्चा करता है और बताता है कि नए नियमों से उपभोक्ताओं को कैसे लाभ होगा। 

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अब और गलत बिल नहीं

नए नियमों के अनुसार, आप किसी भी शुल्क पर तर्क-वितर्क कर सकते हैं, और क्रेडिट कार्ड कंपनी को 30 दिनों के भीतर आपको जवाब देना होगा। साथ ही, तर्क-वितर्क और समाधान का डॉक्‍यूमेंट करने की जिम्मेदारी क्रेडिट कार्ड कंपनी की होगी। साथ ही, जब तक ट्रांजेक्‍शन विवाद में रहता है, क्रेडिट कार्ड कंपनी ट्रांज़ैक्शन पर ब्याज नहीं लगा सकती है।

अब बिलों में कोई देरी नहीं

साथ ही, आरबीआई ने सभी क्रेडिट कार्ड जारीकर्ताओं के लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य कर दिया है कि बिल बनाने और भुगतान के लिए ग्राहक को भेजने में कोई देरी न हो। साथ ही, ब्याज लगाने से पहले ग्राहक के पास बिल का भुगतान करने के लिए पर्याप्त समय होना चाहिए। क्रेडिट कार्ड कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ग्राहक को समय पर बिलिंग स्‍टेटमेंट प्राप्त हो। ग्राहक द्वारा कोई ब्याज लगाने से पहले बिल का भुगतान करने के लिए कम से कम 15 दिन का समय मिलेगा। 

बिलिंग साइकल

साथ ही, कार्ड जारीकर्ताओं को बिलिंग साइकल को सुव्यवस्थित करना होगा। अब बिलिंग साइकल पिछले महीने की ग्यारहवीं तारीख से शुरू होकर मौजूदा महीने की दस तारीख तक होगी। यह सभी क्रेडिट कार्ड जारीकर्ताओं के लिए बिलिंग साइकल को सुव्यवस्थित करेगा।

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बिलिंग साइकल बदलने का विकल्‍प

साथ ही, यदि ग्राहक बिलिंग साइकल को बदलना चाहता है, तो ग्राहक को अपना बिलिंग साइकल बदलने का एक बार मौका मिलेगा। यह ग्राहकों के लिए उनके फाइनेंस को प्रबंधित करने और लेट पेमेंट फीस से बचने में मदद करने के लिए है।

रिफंड की राशि को देय भुगतान से समायोजित किया जाएगा

मान लें कि आप स्‍टेटमेंट जनरेट होने के बाद एक ट्रांज़ैक्शन के लिए तर्क-वितर्क करते हैं। पहले, आपको राशि का भुगतान करने की आवश्‍यकता होती थी, और रिफंड की राशि को अगली बिलिंग साइकल से समायोजित किया जाता था। लेकिन नए नियमों में, आपकी रिफंड की राशि को देय राशि से तभी समायोजित किया जाएगा यदि रिफंड भुगतान की देय तिथि से पहले क्रेडिट होता है। इस प्रकार, आप विवादित ट्रांज़ैक्शन राशि पर बचत कर सकते हैं।

कोई अनचाहे क्रेडिट कार्ड नहीं

आपको अनचाहे क्रेडिट कार्ड न मिले, इसके लिए आरबीआई ने सख्त नियम जारी किए हैं। यदि आपको कोई अनचाहा क्रेडिट कार्ड जारी किया जाता है, या यदि आपकी सहमति के बिना आपका क्रेडिट कार्ड अपग्रेड किया जाता है, तो क्रेडिट कार्ड कंपनी को तुरंत चार्ज को रिवर्स करना होगा और आपको रिवर्स किये गए चार्ज का दोगुना जुर्माना देना होगा। यह अनचाहे क्रेडिट कार्ड जारी करने को रोकेगा। 

निष्‍कर्ष

इन नए क्रेडिट कार्ड नियमों से ग्राहकों को मदद मिलने की उम्मीद है। ये नियम शक्ति को ग्राहकों के हाथों में रखेगा और उन्हें कपटपूर्ण शुल्क और अनचाहे क्रेडिट कार्ड से बचाएंगे। साथ ही, बिलिंग साइकल के नियम ग्राहकों को उनके फाइनेंस को उनकी आय चक्र के अनुसार सुव्यवस्थित करने में मदद करेंगे। ग्राहकों को बिल समय पर मिलेगा और बिल का भुगतान करने का समय भी मिलेगा।

संवादपत्र

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