फ़ोरेन रेमिटेंस पर TCS के बारे में सबकुछ जिन्हें आपको जानना चाहिए

फ़ोरेन रेमिटेंस पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) के बारे में सबकुछ जानें।

फ़ोरेन रेमिटेंस पर TCS के बारे में सबकुछ जिन्हें आपको जानना चाहिए

टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) खरीदार की ओर से किसी निश्चित वस्तुओं के विक्रेता द्वारा प्राप्त आयकर का एक स्वरूप है। यह तब होता है जब उन वस्तुओं को बेचने वाला व्यक्ति पूर्वनिर्धारित तिथि पर खरीदार की ओर कर वसूलने और राशि को सरकार के पास जमा की जिम्मेदारी होती है।

TCS वसूलने के लिए कौन जिम्मेदार होता है?

कुछ विशेष वस्तुओं के सभी विक्रेता वस्तुओं के खरीदारों से TCS की वसूली करेंगे। निम्नलिखित परिस्थितियों में TCS की वसूली की जाएगी:

  1. जब राशि डेबिट हो जाती है जो खरीदार द्वारा भुगतान योग्य होता है, या
  2. खरीदार से ऐसी राशि की पावती प्राप्त होती है, जो भी पहले हो।

यहां कुछ आयटम दिए गए हैं जिनपर फ़ॉरेन रेमिटेंस के अलावा TCS लागू होता है:

  • जनता उपभोक्ताओं के लिए शराब/लिकर
  • तेंदु पता
  • फॉरेस्ट लीज के अंतर्हत खरीदी गई लकड़ी
  • फॉरेस्ट लीज के अलावा किसी भी स्रोत से खरीदी गई लकड़ी
  • कोई भी जंगली उत्पाद जो लकड़ी या तेंदु पत्ते न हों
  • कबाड़
  • खनिज कैसे कोयला या लिग्नाइट या लौह अयस्क
  • पार्किंग लॉट, टोल, खनन एवं खदान
  • बुलियन यदि धनराशि 2 लाख रुपए से अधिक हो या ज्वेलरी यदि धनराशि 5 लाख रुपए से अधिक हो (या नगद प्राप्त कोई भी राशि)
  • खुद की कार (नई या पुरानी) की बिक्री जब बिक्री की कीमत 10 लाख से अधिक हो
  • 2 लाख रुपए से अधिक की नगद में किसी भी वस्तु की बिक्री
  • ऐसी सेवा को छोड़कर जिसपर 2 लाख रुपए से अधिक का TDS समायोजित किया गया हो, किसी भी प्रकार की सेवा प्रदान करना

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फ़ोरेन रेमिटेंस पर TCS

फाइनेंस बिल (2020) में हुए हाल के संशोधन के अनुसार, लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के अंतर्गत जो 1 अक्टूबर 2020 से प्रभाव में आया, भारत के बाहर धनराशि के रेमिटेंस पर 5% की दर से TCS लगेगा। हालांकि, यदि उच्च शिक्षा हेतु लिए गए लोन के लिए रेमिटेंस किया जाता है, तो रेमिटेड राशि के लिए 0.5% TCS दर लागू होगी। इस उद्देश्य के लिए सेक्शन 206C में एक नया सब-सेक्शन (1G) तैयार किया गया है।

ऐसे रेमिटेंस जिनके लिए TCS लागू होगा, ऐसे होते हैं जहां धनराधि RBI के LRS के तहत देश के बाहर भेजा जाता है या विदेशी यात्रा पैकेज खरीदने के लिए किया जाता है। LRS के अंतर्गत, निवासी व्यक्तियों को यात्रा, मेडिकल उपचार, पढ़ाई, उपहार और दान, निकट के रिश्तेदारों की आजीविका पूर्ति, एवं अन्य गतिविधियों के लिए प्रति वित्तीय वर्ष $250,000 तक भेजने की अनुमति होती है।

इसके अलावा, रेमिट की हुई राशि को शेयर्स, डेट इंस्ट्रूमेंट में निवेश किया जा सकता है, और भारत के बाहर अचल संपत्तियों की खरीद के लिए किया जा सकता है। व्यक्ति योजना के तहत स्वीकृत लेनदेनों के लिए भारत के बाहर स्थिति बैंकों में विदेशी मुद्रा खाता खोल सकता है, उसका रखरखाव कर सकता है और होल्ड कर सकता है। लेकिन LRS देश के बाहर विदेशी विनिमय की खरीद और बिक्री या लॉटरी टिकट्स या स्वीपस्टेक स्कीम्स, प्रोस्क्राइब्ड मैगाजीन इत्यादि की खरीद की अनुमति नहीं देता है। साथ ही, जिन देशों में धनराशि को नहीं भेजा जा सकता है उन देशों को फाइनेंस ऐक्शन टास्क फोर्स द्वारा नॉन-कोऑपरेटिव कंट्रीज और टेरिटरीज के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

7 आख रुपए से अधिक के फ़ॉरेन रेमिटेंस पर TCS लगेगा, बशर्ते कि उसी राशि पर स्रोत पर टैक्स की कटौती (TDS) हो चुकी हो। राशि पर TCS लागू होगा यदि यह एक वित्तीय वर्ष में 7 लाख रुपए से अधिक होता है और कुल राशि पर नहीं लागू होगा।

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केस अध्ययन

फ़ॉरेन रेमिटेंस लागू होने वाले TCS पर बेहतर समझ के लिए यहां एक उदाहरण दिया गया है। आइए हम मान लें कि एक वित्तीय वर्ष में LRS के अंतर्गत उपलब्ध कुल फ़ॉरेन ऐक्सचेंज प्लैटफॉर्म 10 लाख रुपए हैं, और व्यक्ति देश के बाहर धनराशि भेजना चाहता है। इस स्थिति में, 3 लाख रुपए पर 5% के दर से TCS लागू होगा। (रु. 10 लाख - रु. 7 लाख) और वसूला गया टैक्स 15,000 होगा। इसके अलावा, कोई व्यक्ति जो किसी भी कारण से 10 लाख रुपए का रेमिटेंस करता है (किसी भी टुअर पैकेज के विदेशी भुगतान के अलावा) उसे 10,15,000 रुपए (10 लाख + 3 लाख का 5%) का भुगतान करना होगा।

TCS लगाने के पीछे का आइडिया यह है कि आयकर विभाग ने यह निष्कर्ष निकाला है कि भारत के बाहर भुगतान की गई धनराशि उसके द्वारा फाइल किए गए टैक्स रिटर्न से संबंधित नहीं है। इसलिए, विदेशी यात्रा पैकेज की खरीद के अलावा अन्य उद्देश्य के लिए किसी भी राशि पर या 7 लाख रुपए से अधिक किए गए रेमिटेंस पर टैक्स की वसूली की जाएगी।

ऐसे लोग जो विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए जाना चाहते हैं, और ऐसे लोग जिन्होंने वित्तीय सयाहता प्रदाता से शिक्षा ऋण ले रखे हैं, सेक्शन 80E में परिभाषित प्रावधान के अनुसार 7 लाख रुपए से अधिक की राशि पर 0.5% की दर से TCS लगेगा। यदि खरीदार अपने पैन या आधार कार्ड का विवरण नहीं देता है, तो 5% की दर से टैक्स वसूला जाएगा। यदि LRS के तहत विभिन्न अन्य उद्देश्यों के लिए धनराशि भेजी जाती है, तो टैक्स की वसूली 5% (यदि खरीदार पैन या आधार कार्ड का विवरण प्रदान करता है) या 10% की दर से की जाएगी।

TCS की वसूली कैसे की जाएगी?

स्कीम के अनुसार, TCS टैक्स की वसूली राशि प्राप्त करने के पर की जाएगी या राशि डेबिट होने पर होगी, जो भी पहले होगा। स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर के तहत दरों में आगे वृद्धि हो सकती है यदि खरीदार NRI है या विदेशी कंपनी है।

TCS की वसूली पैकेज के अधिकृत डीलर या सेलर द्वारा की जाएगी। RBI के LRS के अंतर्गत, व्यक्ति हरेक साल अधिकतम $250,000 रुपया विदेश भेज सकता है। बैंकों या टैक्स मामलों से संबंधित डीलिंग के समय व्यक्ति को सही विवरण प्रदान करना चाहिए। व्यक्ति को आयकर वेबसाइट पर जाकर देखना चाहिए कि उसके अकाउंट पर TCS क्रेडिट आया या नहीं।

किसी भी नैतिक व्यक्ति के लिए, 1 अक्टूबर के बाद से चिंता करने की कोई बात नहीं है। फ़ॉरेन रेमिटेंस के लिए, यह नोट करना महत्वपूर्ण है कि TCS लागू नहीं होगा यदि व्यक्ति विदेश यात्रा की व्यवस्था खुद करता है। यह तब भी लागू नहीं होगा यदि आयकर अधिनियम 1961 के अनुसार रेमिटेंस में TDS के तहत कटौती हो चुकी है। इन्हें पढ़ें भारतीय मुद्रा के बारे में 8 तथ्य जिन्हें जानकर आप हैरान हो जाएंगे




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