India's most popular savings scheme PPF interest rate reduced by 1.7%! भारत की सबसे लोकप्रिय बचत योजना पीपीएफ की ब्याज दर 1.7% घटी!

पीपीएफ की ब्याज़ दर में कमी से निवेशकों का योजना से मोहभंग

 पीपीएफ की ब्याज़ दर में कमी

PPF interest rate: पीपीएफ या पब्लिक प्रोविडेंट फंड भारत की सबसे लोकप्रिय बचत योजनाओं में शामिल है। केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित योजना होने के कारण इस योजना में लगाये गए पैसे सुरक्षित रहते हैं और लाभ की भी गारंटी रहती है। इसके अलावा पीपीएफ में निवेश करने से कर में भी छूट मिलती है क्योंकि यह योजना करलाभ श्रेणी में आती है। पीपीएफ में निवेश करने के पहले साल मे धारा 80 सी के तहत कर में छूट मिलती है। साथ ही, निवेश राशि और अर्जित ब्याज पर भी कोई कर नहीं देना होता।

उपरोक्त कारणों से यह योजना निवेशकों में सबसे अधिक लोकप्रिय रही है। वर्ष 2014 में पीपीएफ में हर वर्ष निवेश की जाने वाली रकम की सीमा एक लाख रुपए से डेढ़ लाख कर दी गई, लेकिन, ब्याज दर को 8.8% से घटाकर 7.1% कर दिया गया। 2013 से पीपीएफ की ब्याज दर लगातार कम होती जा रही है। आंकड़ों के अनुसार 2013 और 2022 के बीच कुल दस सालों में ब्याज की दर 1.7% घट गई है ।

पीपीएफ की ब्याज दर हर तीसरे महीने वित्त मंत्रालय वारा संशोधित की जाती है। दिसंबर 2022 के अंत तक वित्तीय वर्ष व 2022-23 की अगली तिमाही के लिए ब्याज दर की घोषणा की जाएगी। 

यह भी पढ़ें: ७ वित्तीय नियम

पीपीएफ की अब तक की ब्याज दरों पर एक नज़र 

01.04.2012 से 31.03.2013 के बीच पीपीएफ की ब्याज दर 8.8% और निवेश की सीमा एक लाख रुपये प्रति वर्ष थी। जबकि 01.04.2013 से 31.03.2014 के बीच पीपीएफ की ब्याज दर 0.1% कम होकर 8.7% थी, निवेश की सीमा पूर्ववत बनी रही।

01.04.2016 से 30.09.2016 के बीच पीपीएफ की ब्याज दर को संशोधित करके 8.1% कर दिया गया, साथ ही निवेश की सीमा एक लाख रुपए प्रति वर्ष से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए कर दी गई थी।

01.10.2016 से 31.03.2017 के बीच पीपीएफ ब्याज दर में और 0.1% की कमी आई और इसे घटाकर 8% कर दिया गया जबकि निवेश की सीमा निवेश की सीमा पूर्ववत डेढ़ लाख रुपए रही।

01.04.2017 से 30.06.2017 के बीच, पीपीएफ ब्याज दर को संशोधित कर या कह सकते हैं कम करके 7.9% किया गया और 01.07.2017 से 30.09.2017 के बीच, इसे संशोधित कर 7.8% कर दिया गया।

वर्ष 2018 में भी यही हुआ। 01.01.2018 से 30.09.2018 के बीच पीपीएफ की ब्याज दर को संशोधित कर 7.6% कर दिया गया और निवेश की सीमा में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।

अगले वर्ष यानी 2019 में, 01.10.2018 से 30.06.2019 के बीच पीपीएफ ब्याज दर को बढ़ाकर 8% किया गया पर निवेश की सीमा पूर्ववत बनी रही।

01.07.2019 से 31.03.2020 के बीच पीपीएफ ब्याज दर को फिर से घटाया गया। 01.04.2020 से वर्ष 2021 और 2022 में भी पीपीएफ ब्याज दर 7.1% पर अपरिवर्तित है और निवेश की सीमा में भी कोई बलाव नहीं किया गया है, यह पूर्ववत 1.5 लाख प्रति वर्ष पर स्थिर है। 

पीपीएफ बचत योजना खाताधारकों को कई लाभ प्रदान करती है, लेकिन इसके ब्याज दर के कम किए जाने से निवेशक संतुष्ट नहीं है। 

यह भी पढ़ें: मार्केट में निफ़्टी ५० से रिटर्न कैसे पाए?

PPF Interest Calculation

PPF interest rate: पीपीएफ या पब्लिक प्रोविडेंट फंड भारत की सबसे लोकप्रिय बचत योजनाओं में शामिल है। केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तावित योजना होने के कारण इस योजना में लगाये गए पैसे सुरक्षित रहते हैं और लाभ की भी गारंटी रहती है। इसके अलावा पीपीएफ में निवेश करने से कर में भी छूट मिलती है क्योंकि यह योजना करलाभ श्रेणी में आती है। पीपीएफ में निवेश करने के पहले साल मे धारा 80 सी के तहत कर में छूट मिलती है। साथ ही, निवेश राशि और अर्जित ब्याज पर भी कोई कर नहीं देना होता।

उपरोक्त कारणों से यह योजना निवेशकों में सबसे अधिक लोकप्रिय रही है। वर्ष 2014 में पीपीएफ में हर वर्ष निवेश की जाने वाली रकम की सीमा एक लाख रुपए से डेढ़ लाख कर दी गई, लेकिन, ब्याज दर को 8.8% से घटाकर 7.1% कर दिया गया। 2013 से पीपीएफ की ब्याज दर लगातार कम होती जा रही है। आंकड़ों के अनुसार 2013 और 2022 के बीच कुल दस सालों में ब्याज की दर 1.7% घट गई है ।

पीपीएफ की ब्याज दर हर तीसरे महीने वित्त मंत्रालय वारा संशोधित की जाती है। दिसंबर 2022 के अंत तक वित्तीय वर्ष व 2022-23 की अगली तिमाही के लिए ब्याज दर की घोषणा की जाएगी। 

यह भी पढ़ें: ७ वित्तीय नियम

पीपीएफ की अब तक की ब्याज दरों पर एक नज़र 

01.04.2012 से 31.03.2013 के बीच पीपीएफ की ब्याज दर 8.8% और निवेश की सीमा एक लाख रुपये प्रति वर्ष थी। जबकि 01.04.2013 से 31.03.2014 के बीच पीपीएफ की ब्याज दर 0.1% कम होकर 8.7% थी, निवेश की सीमा पूर्ववत बनी रही।

01.04.2016 से 30.09.2016 के बीच पीपीएफ की ब्याज दर को संशोधित करके 8.1% कर दिया गया, साथ ही निवेश की सीमा एक लाख रुपए प्रति वर्ष से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए कर दी गई थी।

01.10.2016 से 31.03.2017 के बीच पीपीएफ ब्याज दर में और 0.1% की कमी आई और इसे घटाकर 8% कर दिया गया जबकि निवेश की सीमा निवेश की सीमा पूर्ववत डेढ़ लाख रुपए रही।

01.04.2017 से 30.06.2017 के बीच, पीपीएफ ब्याज दर को संशोधित कर या कह सकते हैं कम करके 7.9% किया गया और 01.07.2017 से 30.09.2017 के बीच, इसे संशोधित कर 7.8% कर दिया गया।

वर्ष 2018 में भी यही हुआ। 01.01.2018 से 30.09.2018 के बीच पीपीएफ की ब्याज दर को संशोधित कर 7.6% कर दिया गया और निवेश की सीमा में कोई परिवर्तन नहीं हुआ।

अगले वर्ष यानी 2019 में, 01.10.2018 से 30.06.2019 के बीच पीपीएफ ब्याज दर को बढ़ाकर 8% किया गया पर निवेश की सीमा पूर्ववत बनी रही।

01.07.2019 से 31.03.2020 के बीच पीपीएफ ब्याज दर को फिर से घटाया गया। 01.04.2020 से वर्ष 2021 और 2022 में भी पीपीएफ ब्याज दर 7.1% पर अपरिवर्तित है और निवेश की सीमा में भी कोई बलाव नहीं किया गया है, यह पूर्ववत 1.5 लाख प्रति वर्ष पर स्थिर है। 

पीपीएफ बचत योजना खाताधारकों को कई लाभ प्रदान करती है, लेकिन इसके ब्याज दर के कम किए जाने से निवेशक संतुष्ट नहीं है। 

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PPF Interest Calculation

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