Update your KYC online from home: घर बैठे ऑनलाइन केवाईसी अपडेट करें

केवाईसी को लेकर रिज़र्व बैंक ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं जिसके अनुसार ब्रांच में जाने की जरूरत नहीं होगी।

Update your KYC online

KYC online: केवाईसी को लेकर बैंक में खाताधारकों की कई तरह की शिकायतें होती थीं। जिनके चलते रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। उनके अनुसार यदि केवाईसी को अपडेट करने की आवश्यकता होगी तो अब ब्रांच जाने की दरकार नहीं रहेगी।आरबीआई ने ग्राहकों को नए साल का सुंदर उपहार दिया है और ब्रांच के चक्कर लगाने की समस्या से छुटकारा दिया। 

केवाईसी करवाने के लिए वीडियो बेस्ड कस्टमर आइडेंटिफिकेशन यानी V-CIP प्रक्रिया के अंतर्गत केवाईसी अपडेट करा सकेंगे। इस सिलसिले में सभी बैंको को नए दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं। 

घर बैठे होगी KYC

यदि केवाईसी में कोई भी बदलाव नहीं है तो ग्राहक री-केवाईसी (Re-KYC) का सेल्फ डिक्लेरेशन विकल्प चुन सकते हैं। बैंको को दिए गए दिशानिर्देश के अनुसार व्यक्तिगत रूप से ब्रांच में न जाते हुए भी सेल्फ डिक्लेरेशन के विकल्प से केवाईसी अपडेट किया जा सकता है। आरबीआई के अनुसार यदि ग्राहक द्वारा सभी तरह के कानूनी दस्तावेज़ पहले ही जमा करा दिए गए हैं और पता आदि में कोई बदलाव न हो तो ब्रांच में जाने की अनिवार्यता नहीं होगी।

यह भी पढ़ें: ७ वित्तीय नियम 

ग्राहकों की समस्या थी कि ऑनलाइन कागजात जमा कराने के लिए जो भी ऐप बनाए गए थे वे ठीक तरह से काम नहीं कर रहे थे। ऐसे में पते आदि बदलाव के लिए भी ब्रांच के चक्कर काटने पड़ते थे। अब पते में होने वाले बदलाव के लिए ग्राहक अपने रजिस्टर्ड ईमेल आईडी, मोबाइल फ़ोन, ऑनलाइन बैंकिंग सुविधा, एटीएम या मोबाइल ऐप के जरिए अपना केवाईसी अपडेट री-केवाईसी (Re-KYC) के माध्यम से कर सकते हैं। गौरतलब है कि बैंको को दो महीनों में ही कस्टमर आइडेंटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 

जानिए कैसे करेंगे केवाईसी अपडेट 

आरबीआई ने जानकारी दी है कि ग्राहक अब अपने ब्रांच को वीडियो कॉल करके केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आरबीआई ने बंकों को इस विषय में अधिक जानकारी अपने खाता धारकों को मुहैया करवाने को कहा है। 

सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि इस केवाईसी की प्रक्रिया का उपयोग तभी किया जा सकता है जबकि बैंक में ग्राहक या खाताधारक के सभी कागजात ‘आधिकारिक रूप से वैध दस्तावेज’ की वर्तमान सूची के अनुसार हों। लेकिन यदि आप के कागजातों की वैधता समाप्त हो चुकी हो तो री-केवाईसी (Re-KYC) सेल्फ डिक्लेरेशन विकल्प का फायदा नहीं लिया जा सकता। ऐसे में नई केवाईसी की अनिवार्यता होगी।

यह भी पढ़ेंमार्केट में निफ़्टी ५० से रिटर्न कैसे पाए?

KYC online: केवाईसी को लेकर बैंक में खाताधारकों की कई तरह की शिकायतें होती थीं। जिनके चलते रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। उनके अनुसार यदि केवाईसी को अपडेट करने की आवश्यकता होगी तो अब ब्रांच जाने की दरकार नहीं रहेगी।आरबीआई ने ग्राहकों को नए साल का सुंदर उपहार दिया है और ब्रांच के चक्कर लगाने की समस्या से छुटकारा दिया। 

केवाईसी करवाने के लिए वीडियो बेस्ड कस्टमर आइडेंटिफिकेशन यानी V-CIP प्रक्रिया के अंतर्गत केवाईसी अपडेट करा सकेंगे। इस सिलसिले में सभी बैंको को नए दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं। 

घर बैठे होगी KYC

यदि केवाईसी में कोई भी बदलाव नहीं है तो ग्राहक री-केवाईसी (Re-KYC) का सेल्फ डिक्लेरेशन विकल्प चुन सकते हैं। बैंको को दिए गए दिशानिर्देश के अनुसार व्यक्तिगत रूप से ब्रांच में न जाते हुए भी सेल्फ डिक्लेरेशन के विकल्प से केवाईसी अपडेट किया जा सकता है। आरबीआई के अनुसार यदि ग्राहक द्वारा सभी तरह के कानूनी दस्तावेज़ पहले ही जमा करा दिए गए हैं और पता आदि में कोई बदलाव न हो तो ब्रांच में जाने की अनिवार्यता नहीं होगी।

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ग्राहकों की समस्या थी कि ऑनलाइन कागजात जमा कराने के लिए जो भी ऐप बनाए गए थे वे ठीक तरह से काम नहीं कर रहे थे। ऐसे में पते आदि बदलाव के लिए भी ब्रांच के चक्कर काटने पड़ते थे। अब पते में होने वाले बदलाव के लिए ग्राहक अपने रजिस्टर्ड ईमेल आईडी, मोबाइल फ़ोन, ऑनलाइन बैंकिंग सुविधा, एटीएम या मोबाइल ऐप के जरिए अपना केवाईसी अपडेट री-केवाईसी (Re-KYC) के माध्यम से कर सकते हैं। गौरतलब है कि बैंको को दो महीनों में ही कस्टमर आइडेंटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 

जानिए कैसे करेंगे केवाईसी अपडेट 

आरबीआई ने जानकारी दी है कि ग्राहक अब अपने ब्रांच को वीडियो कॉल करके केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। आरबीआई ने बंकों को इस विषय में अधिक जानकारी अपने खाता धारकों को मुहैया करवाने को कहा है। 

सबसे महत्त्वपूर्ण बात यह है कि इस केवाईसी की प्रक्रिया का उपयोग तभी किया जा सकता है जबकि बैंक में ग्राहक या खाताधारक के सभी कागजात ‘आधिकारिक रूप से वैध दस्तावेज’ की वर्तमान सूची के अनुसार हों। लेकिन यदि आप के कागजातों की वैधता समाप्त हो चुकी हो तो री-केवाईसी (Re-KYC) सेल्फ डिक्लेरेशन विकल्प का फायदा नहीं लिया जा सकता। ऐसे में नई केवाईसी की अनिवार्यता होगी।

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संवादपत्र