क्या रिवर्स मॉर्गेज वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक व्यावहारिक विकल्प है?

ऐसे वरिष्ठ नागरिकों लक्षित करता है जिनके पास आवासीय संपत्ति है लेकिन कोई वित्तीय आय नहीं है, रिवर्स मॉर्गेज में कैविएट (चेतावनी) अटैच होता है।

क्या रिवर्स मॉर्गेज वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक व्यावहारिक विकल्प है?

भारत में, वरिष्ठ नागरिकों के लाभ के लिए 2007-08 के यूनियन बजट में रिवर्स मॉर्गेज लाया गया था। इसके अनुसार, ऐसे वरिष्ठ नागरिक इसके लिएआवेदन कर सकते हैं जिनके पास संपत्ति होती है लेकिन आय का कोई नियमित स्रोत नहीं होता। जब किसी संपत्ति मालिक को किसी वित्तीय संस्थान से रिवर्स मॉर्गेज मिलता है, तो उन्हें निर्धारित अवधि तक या उनकी मृत्यु होने तक, जो भी पहले हो, वित्तीय संस्थान से एक नियमित धनराशि मिलता रहता है। उधारकर्ता की मृत्यु की स्थिति में, उधारदाता संपत्ति को बेच सकते हैं। यदि अधिक राशि प्राप्त होती है तो उसे उधारकर्ता के कानूनी वारिश को दे दिया जाता है। 

यहां इस बात पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है कि उधारकर्ता नियमित आय के बदले संपत्ति का अधिकार त्याग देता है। इसलिए, इससे वरिष्ठ नागरिकों की वित्तीय स्वतंत्रता को बल मिलता है, लेकिन उत्तराधिकारी को संपत्ति का अधिकार नहीं मिल पाता। हालांकि, उत्तराधिकारी अन्य स्रोतों से रिवर्स मॉर्गेज का भुगतान करके संपत्ति को अपने अधिकार में ले सकता है।

इस अनोखी विशेषताओं और शर्तों को ध्यान में रखते हुए, यहां कुछ ऐसी बातें बताई गई हैं जिनपर आपको अपनी संपत्ति पर रिवर्स मॉर्गेज लेने से पहले विचार करनी चाहिए।

इससे जुड़ी बातें: होम इक्विटी लोन या ‘सेकंड मॉर्गेज’ डीमिस्टिफाइड

  • विरासत: माता-पिता आमतौर पर अपनी संपत्ति अपने बच्चों को हस्तांतरित करना चाहते हैं। वे घर को एक पारिवारिक विरासत के रूप में देखते हैं। रिवर्स मॉर्गेज का अर्थ होगा कि उनके संतानों को कोई नया घर देखना होगा। इसके बावजूद आप इसे ले सकते हैं यदि आपको इस बात की उम्मीद है कि आपके बच्चे लोन की राशि का भुगतान करके घर का स्वामित्व ले लेंगे। रिवर्स मॉर्गेज ऐसे दंपति के लिए आदर्श होता है जिनकी बेटी का एक सफल करियर होता है, मान लें कि अमेरिका में, और भारत वापस लौटने की संभावना नहीं है। हालांकि, ऐसा नहीं कहा जा सकता यदि वह आसपास में रहती है और विरासत उसकी वित्तीय स्थितियों के लिए उपयोगी होगा।
  • संपत्ति की कीमत: रिवर्स मॉर्गेज के तहत उधारदाता संपत्ति की कीमत निर्धारित करते हैं। वे किसी आंतरिक विशेषज्ञ या बाहरी कंसल्टेंट के जरिए कीमत का निर्धारण कर सकते हैं। संपत्ति की कीमत उन कारकों में से एक होत है जिससे लोन की राशि का निर्धारण होता है। इसलिए, एक उधारकर्ता के रूप में, आपको यह देखना चाहिए कि घर की कीमत आपकी संतुष्टि के मुताबिक है या नहीं। 
  • शामिल खर्चे: लोन में शामिल खर्च को मूलधन में जोड़ दिया जाता है और उसपर ब्याज लगाया जाता है। इसलिए, रिवर्स मॉर्गेज लेते समय, आपको अप्रेजल फी, असेसमेंट फी, ओरिजिनेशन फी, डॉक्युमेंटेशन चार्ज, कमिटमेंट फी इत्यादि पर ध्यान देना होगा। अधिकांश ऐसे चार्जेज और लोन की ब्याज दर का निर्धारण बैंक द्वारा होता है और इनपर मोलभाव किया जा सकता है।

इससे जुड़ी बातें: होम लोन से संपत्ति लेते समय कानूनी सलाह क्यों जरूरी है?

  • पेआउट: एक नियमित आय स्रोत के रूप में, ज्यादातर वरिष्ठ नागरिक कुछ ऐसा चाहेंगे जिनसे उनकों जीवनभर रिटर्न मिले। रिवर्स मॉर्गेज सीमित अवधि के लिए होते हैं, और जो लोन अवधि के बाद तक जीवित रहते हैं, उन्हें वित्तीय कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। आइए मान लें कि पति की आयु 60 वर्ष है और पत्नी की आयु 58 वर्ष है और उन्होंने 15 वर्षों के लिए रिवर्स मॉर्गेज लिया है। यदि दोनों लोन अवधि के बाद तक जीवित रहते हैं, तो उनकी नियमित आय क्रमश: 75 और 73 की आयु पर बंद हो जाएगी। संपत्ति के एक भाग को रेंट पर लगाना, को-ओनर शामिल करना, या संपत्ति के एवज में लोन लेने से रिवर्स मॉर्गेज सिनैरियो में एक डिफॉल्ट हो जाएगा। यहां तक कि संपत्ति से जुड़े आय के स्रोत खत्म हो जाते हैं, तो दंपति को मरम्मतों और रखरखाव, संपत्ति करों, और संपत्ति बीमा का भुगतान करना होता है। 

इससे जुड़ी बातें: प्रॉपर्टी के एवज में लोन क्या है?

अंतिम शब्द

अमेरिका जैसे देशों में, रिवर्स मॉर्गेज वृद्धावस्था आय विकल्प के रूप में बहुत सफल है। इसका इस्तेमाल प्राय: रुपए के एक अस्थायी स्रोत के रूप में किया जाता है जो चुकौती फंड की व्यवस्था हो जाने पर बंद हो जाता है। हालांकि, यदि कोई उधारकर्ता रिवर्स मॉर्गेज को अपनी वृद्धावस्था के लिए एक दीर्घ-कालिक आय विकल्प के रूप में लेता है, तो उसे ऋण व्यवस्था की सभी खूबियों और खामियों पर अच्छी तरह से विचार करना चाहिए। आपको क्या पता होना चाहिए यदि आपका डेवलपर बैंक लोन रीपेमेंट पर डिफॉल्ट करता है?

भारत में, वरिष्ठ नागरिकों के लाभ के लिए 2007-08 के यूनियन बजट में रिवर्स मॉर्गेज लाया गया था। इसके अनुसार, ऐसे वरिष्ठ नागरिक इसके लिएआवेदन कर सकते हैं जिनके पास संपत्ति होती है लेकिन आय का कोई नियमित स्रोत नहीं होता। जब किसी संपत्ति मालिक को किसी वित्तीय संस्थान से रिवर्स मॉर्गेज मिलता है, तो उन्हें निर्धारित अवधि तक या उनकी मृत्यु होने तक, जो भी पहले हो, वित्तीय संस्थान से एक नियमित धनराशि मिलता रहता है। उधारकर्ता की मृत्यु की स्थिति में, उधारदाता संपत्ति को बेच सकते हैं। यदि अधिक राशि प्राप्त होती है तो उसे उधारकर्ता के कानूनी वारिश को दे दिया जाता है। 

यहां इस बात पर ध्यान दिया जाना आवश्यक है कि उधारकर्ता नियमित आय के बदले संपत्ति का अधिकार त्याग देता है। इसलिए, इससे वरिष्ठ नागरिकों की वित्तीय स्वतंत्रता को बल मिलता है, लेकिन उत्तराधिकारी को संपत्ति का अधिकार नहीं मिल पाता। हालांकि, उत्तराधिकारी अन्य स्रोतों से रिवर्स मॉर्गेज का भुगतान करके संपत्ति को अपने अधिकार में ले सकता है।

इस अनोखी विशेषताओं और शर्तों को ध्यान में रखते हुए, यहां कुछ ऐसी बातें बताई गई हैं जिनपर आपको अपनी संपत्ति पर रिवर्स मॉर्गेज लेने से पहले विचार करनी चाहिए।

इससे जुड़ी बातें: होम इक्विटी लोन या ‘सेकंड मॉर्गेज’ डीमिस्टिफाइड

  • विरासत: माता-पिता आमतौर पर अपनी संपत्ति अपने बच्चों को हस्तांतरित करना चाहते हैं। वे घर को एक पारिवारिक विरासत के रूप में देखते हैं। रिवर्स मॉर्गेज का अर्थ होगा कि उनके संतानों को कोई नया घर देखना होगा। इसके बावजूद आप इसे ले सकते हैं यदि आपको इस बात की उम्मीद है कि आपके बच्चे लोन की राशि का भुगतान करके घर का स्वामित्व ले लेंगे। रिवर्स मॉर्गेज ऐसे दंपति के लिए आदर्श होता है जिनकी बेटी का एक सफल करियर होता है, मान लें कि अमेरिका में, और भारत वापस लौटने की संभावना नहीं है। हालांकि, ऐसा नहीं कहा जा सकता यदि वह आसपास में रहती है और विरासत उसकी वित्तीय स्थितियों के लिए उपयोगी होगा।
  • संपत्ति की कीमत: रिवर्स मॉर्गेज के तहत उधारदाता संपत्ति की कीमत निर्धारित करते हैं। वे किसी आंतरिक विशेषज्ञ या बाहरी कंसल्टेंट के जरिए कीमत का निर्धारण कर सकते हैं। संपत्ति की कीमत उन कारकों में से एक होत है जिससे लोन की राशि का निर्धारण होता है। इसलिए, एक उधारकर्ता के रूप में, आपको यह देखना चाहिए कि घर की कीमत आपकी संतुष्टि के मुताबिक है या नहीं। 
  • शामिल खर्चे: लोन में शामिल खर्च को मूलधन में जोड़ दिया जाता है और उसपर ब्याज लगाया जाता है। इसलिए, रिवर्स मॉर्गेज लेते समय, आपको अप्रेजल फी, असेसमेंट फी, ओरिजिनेशन फी, डॉक्युमेंटेशन चार्ज, कमिटमेंट फी इत्यादि पर ध्यान देना होगा। अधिकांश ऐसे चार्जेज और लोन की ब्याज दर का निर्धारण बैंक द्वारा होता है और इनपर मोलभाव किया जा सकता है।

इससे जुड़ी बातें: होम लोन से संपत्ति लेते समय कानूनी सलाह क्यों जरूरी है?

  • पेआउट: एक नियमित आय स्रोत के रूप में, ज्यादातर वरिष्ठ नागरिक कुछ ऐसा चाहेंगे जिनसे उनकों जीवनभर रिटर्न मिले। रिवर्स मॉर्गेज सीमित अवधि के लिए होते हैं, और जो लोन अवधि के बाद तक जीवित रहते हैं, उन्हें वित्तीय कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। आइए मान लें कि पति की आयु 60 वर्ष है और पत्नी की आयु 58 वर्ष है और उन्होंने 15 वर्षों के लिए रिवर्स मॉर्गेज लिया है। यदि दोनों लोन अवधि के बाद तक जीवित रहते हैं, तो उनकी नियमित आय क्रमश: 75 और 73 की आयु पर बंद हो जाएगी। संपत्ति के एक भाग को रेंट पर लगाना, को-ओनर शामिल करना, या संपत्ति के एवज में लोन लेने से रिवर्स मॉर्गेज सिनैरियो में एक डिफॉल्ट हो जाएगा। यहां तक कि संपत्ति से जुड़े आय के स्रोत खत्म हो जाते हैं, तो दंपति को मरम्मतों और रखरखाव, संपत्ति करों, और संपत्ति बीमा का भुगतान करना होता है। 

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अंतिम शब्द

अमेरिका जैसे देशों में, रिवर्स मॉर्गेज वृद्धावस्था आय विकल्प के रूप में बहुत सफल है। इसका इस्तेमाल प्राय: रुपए के एक अस्थायी स्रोत के रूप में किया जाता है जो चुकौती फंड की व्यवस्था हो जाने पर बंद हो जाता है। हालांकि, यदि कोई उधारकर्ता रिवर्स मॉर्गेज को अपनी वृद्धावस्था के लिए एक दीर्घ-कालिक आय विकल्प के रूप में लेता है, तो उसे ऋण व्यवस्था की सभी खूबियों और खामियों पर अच्छी तरह से विचार करना चाहिए। आपको क्या पता होना चाहिए यदि आपका डेवलपर बैंक लोन रीपेमेंट पर डिफॉल्ट करता है?

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