सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प की तलाश में हैं, तो यहां लगाएं पैसे

साल खत्म होने से पहले जान लें रिटायरमेंट में मिले पैसों से हर महीने रेगुलर इनकम पाने के सर्वश्रेष्ठ निवेश विकल्प

 सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प की तलाश में हैं

निवेश को लेकर लोग अक्सर उलझन में रहते हैं। निवेश के बहुत सारे विकल्प मौजूद हैं। बैंक और डाकघर में पैसा रखना सबसे सुरक्षित माना जाता है। हालाँकि सबसे अधिक जोखिम माने जाने वाले शेयरों और म्युचुअल फंड स्कीम में भी आप निवेश कर सकते हैं। 

>निवेश से पहले कुछ बातों का ध्यान रखें:

निवेश करने से पहले कुछ बातों को जरूर ध्यान में रखें। सबसे पहले जानिए कि आपके निवेश का मकसद क्या है, आपकी उम्र कितनी है, आप कितना निवेश करना चाहते हैं, आप कितना जोखिम ले सकते हैं, इत्यादि। आप यह सुनिश्चित कीजिए कि क्या आपके निवेश का मकसद रेगुलर इनकम है या फिर आप सिर्फ सिक्यूरिटी के लिए निवेश करना चाहते हैं। इसी तरह, आपका मकसद एसेट बिल्ड करना है या फिर आप रिटायरमेंट के बाद रेगुलर पेंशन पाना चाहते हैं। जो भी आपका मकसद हो, उसी अनुसार आपको अपना इन्वेस्टमेंट प्लान बनाना चाहिए। 

हर निवेश में जोखिम होता है, इसलिए अपने पैसों को कहीं लगाने से पहले उस निवेश विकल्प के जोखिमों को पता कर लें। आप कितना जोखिम ले सकते हैं, यह आपकी उम्र पर भी निर्भर करता है। जानकार कम उम्र वाले लोगों को ज्यादा जोखिम वाले निवेश साधनों जैसे शेयर और म्युचुअल फंड स्कीम में निवेश की सलाह देते हैं। लेकिन जैसे-जैसे आप रिटायरमेंट के नजदीक पहुंचते हैं, कम जोखिम वाले निवेश विकल्पों जैसे बैंक और पोस्ट ऑफिस स्कीम में पैसे लगाना बेहतर विकल्प माना जाता है।

>रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम के लिए कहां पैसे लगाएं?

बात जब निवेश की उम्र की हो, तो कुछ मूलभूत बातों का ध्यान रखना जरुरी है। उदाहरण के लिए, मान लीजिए आप अगले 6 महीने में रिटायर होने वाले हैं और रिटारमेंट के बाद आपको एकमुश्त ₹30 लाख मिलने वाले हैं। नौकरी करते हुए आपने अपने घर, अपने बच्चों की जरूरतों को पूरा तो किया, लेकिन रिटायरमेंट के बाद रेगुलर इनकम के लिए निवेश करना भूल गए, तो अब उसके लिए आपको क्या करना चाहिए?

सबसे पहले इमर्जेंसी फंड बनाएं: 

आपको जैसे ही रिटायरमेंट के बाद एकमुश्त ₹30 लाख मिले, आप एक फाइनेंशियल प्लान बना लें। इसके तहत आप कुछ पैसों को इमरजेंसी फंड के लिए रखें। अब बचे हुए पैसों को किसी एक निवेश विकल्प में निवेश करने के बजाय अलग-अलग स्कीम में लगाएं। जानकारों का मानना है कि ₹30 लाख में से ₹10 लाख को इमरजेंसी फंड के रूप में बैंक या पोस्ट ऑफिस में जमा करना सुरक्षित विकल्प है। यहां आपका मूल पैसा सुरक्षित भी रहेगा और ब्याज भी जुड़ता रहेगा। यहां बचत खाते पर साल भर में 3-4 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। 

नेशनल सेविंग्स मंथली इनकम स्कीम में पैसे लगाएं: 

डाकघर की ये स्कीम हर महीने रेगुलर इनकम के लिए काफी लोकप्रिय स्कीम है। पहले ये पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम के नाम से जाना जाता था। इसमें एकमुश्त पैसा लगाने पर हर महीने रेगुलर इनकम होगी। 

इसमें सिंगल अकाउंट के जरिये एकमुश्त ₹4.5 लाख और ज्वायंट अकाउंट के जरिये ₹9 लाख निवेश कर सकते हैं। फिलहाल इसमें (अक्टूबर-दिसंबर 2021) पैसा लगाने पर हर साल 7.3 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है। कहने का मतलब हुआ कि अभी इसमें ₹9 लाख निवेश करने पर साल भर में ₹65,700 ब्याज मिलेगा। इसको 12 महीनों में बांट दिया जाए तो हर महीने आप करीब ₹5,500 निकाल सकते हैं। 

इस तरह से आपने रिटायरमेंट फंड के ₹30 लाख में से ₹19 लाख निवेश कर दिया। अब आपके पास कुल ₹11 लाख बचे। 

म्युचुअल फंड का सिस्टमैटिक विद्ड्रॉल प्लान (एसडब्लूपी):

म्युचुअल फंड स्कीम के एसडब्लुपी यानी सिस्टमैटिक विद्ड्रॉल प्लान में पैसा लगाकर आप रेगुलर इनकम पा सकते हैं। इस स्कीम में हर महीने जितने पैसों की जरूरत हो, उतना पैसा निकाला जा सकता है। आप एक तय राशि हर महीने, हर तिमाही, हर छह महीने पर या हर साल निकाल सकते हैं। 

उदाहरण के लिए, मान लीजिए कि आप किसी ऐसी म्युचुअल फंड स्कीम में ₹10 लाख निवेश करते हैं, जो कि साल भर में 10 प्रतिशत रिटर्न देती है, ऐसे में आपको हर महीने ₹8,333 मिलते रहेंगे। यहाँ यह जानना जरुरी है कि म्युचुअल फंड में बैंक या पोस्ट ऑफिस की तरह तय रिटर्न नहीं मिलता है। इसमें मिलने वाला रिटर्न बाजार जोखिमों पर निर्भर करता है। 

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड(एसजीबी):

अब आपके ₹30 लाख के रिटायरमेंट फंड में से ₹1 लाख बचा। आप इस ₹1 लाख को सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में लगाकर हर साल 2.5 प्रतिशत ब्याज पा सकते हैं। यानी ₹1 लाख निवेश करने पर आप हर साल ₹2,500 पा सकते हैं। ये सरकारी स्कीम है। इसमें सोने की बढ़ी कीमत का भी फायदा मिलता है।  

 

डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। आपको कहां पैसा निवेश करना है, इस मामले में स्वतंत्र फैसला लें या किसी वित्तीय सलाहकार से संपर्क करें।    

संवादपत्र

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