सही वार्षिकी योजना की ओर कैसे जाएँ

क्या आप अपने अंतिम समय में नियमित तथा सुनिश्चित आय की खोज कर रहे हैं?

Moving Towards The Right Financial Plan

लेखक- संजीव सिन्हा

क्या आप अपने अंतिम समय में नियमित तथा सुनिश्चित आय की खोज कर रहे हैं? इसका उत्तर आपके द्वारा मेहनत से कमाये गये धन को किसी उपयुक्त वार्षिकी उत्पाद में निवेश करना हो सकता है? वास्तव में, ऐसे उत्पाद का डिजाइन विशेष रूप से लंबी अवधि की सेवा-निवृति आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किया गया है।  फिर भी, अन्य व्यौरे की ओर जाने से पहले, हम उत्पाद को समझने की कोशिश करें।

वार्षिकी योजनाएँ क्या है?

अधिकांश सामान्य प्रकार की वार्षिकी योजनाएँ, शुद्ध बीमा योजना के विपरीत कार्य करती है। किसी शुद्ध बीमा योजना में, जिसे सावधि बीमा योजना के नाम से भी जाना जाता है, कोई व्यक्ति बीमा अवधि में किस्त का भुगतान करता है, और लाभकर्ता(अक्सर परिवार), पॉलिसी अवधि में बीमाधारक की मृत्यु हो जाने की स्थिति में, बीमा किया गया धन प्राप्त करता है। किसी वार्षिकी योजना में, संचय अवधि में यदि कोई व्यक्ति कुल किस्त या नियमित भुगतान कर देता है तो वह अपने पूरे जीवन काल में या पूर्व-निर्धारित नियत अवधि तक वह नियमित वेतन पाता/पाती है।  

“जीवन बीमा परिवार की असहायता को पीछे छोड़कर ‘युवावस्था में मृत्यु’ की वित्तीय जोखिम को कवर करती है, जबकि कोई वार्षिकी योजना ‘लंबे अवधि तक जीवन’ को आरामदायक जीवन व्यतीत करने के लिए पर्याप्त धन के बिना, वित्तीय जोखिम को कवर करती है,” ऐसा ओपेन वर्ल्ड मनी वित्तीय सेवाओं के संस्थापक तथा मुख्य मेंटर डॉ॰ P नंदगोपाल का कहना है। 

अपनी विशेषताओं पर आधारित विभिन्न प्रकार के वार्षिकीयों का किस प्रकार चुनाव करें?  

वार्षिकी योजनाएँ कई प्रकार के होते हैं। आवश्यक रूप में इसे लाभ की अवधि, लाभ की परिवर्तनशीलता तथा लाभ के कवरेज के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।

अवधि

यदि कोई व्यक्ति वार्षिकी योजना को तत्काल प्रारंभ करना चाहता है, तो उसे ‘तत्काल वार्षिकी योजना’ खरीदना चाहिए। यदि वह नियमित पेंशन बेतन निर्दिष्ट अवधि (सामान्यतः सेवा निवृत्ति के बाद) पर प्रारंभ करना चाहता है, तो उसे ‘डेफर्ड वार्षिकी योजना’ की ओर जाना चाहिए। यह विकल्प क्रय निर्णय के समय की आयु पर निर्भर करती है।

यदि उसने अपने कैरियर की शुरूआत हाल ही में किया है, और सेवा-निवृत्ति से काफी दूर है, तो डेफर्ड वार्षिकी योजना का चुनाव करना बुद्धिमानी होगा, क्योंकि उसे नियमित पेंशन भुगतान की तब तक आवश्यकता नहीं होगी जब तक कि वह मासिक बेतन प्राप्त कर रहा है।  कोई तत्काल वार्षिकी खरीदना उसके लिए उपयुक्त होगा जो अभी सेवा-निवृत हुए हैं और अपने वेतन के स्थान पर नियमित आय की आवश्यकता है। ऐसी स्थिति में, कोई व्यक्ति किसी प्रकार की राशी के बारे में सोच सकता है, जो कि उन्हें सेवा-निवृत्ति पर मिलता है, जैसे- तत्काल वार्षिकी को खरीदने के लिए ग्रेच्विटी या भविष्य निधि।

परिवर्तनशीलता

यदि वार्षिकी राशी स्थित राशी है, गारंटी या वगैर गारंटी के, तो इसे ‘स्थित वार्षिकी’ कहते हैं। यदि यह दिये गये निवेश के प्रदर्शन के आधार पर परिवर्तित होता है, तो यह ‘परिवर्तनशील वार्षिकी’ है।

“कम जोखिम लेने वाला कोई व्यक्ति स्थिर वार्षिकी का चुनाव कर सकता है, जहाँ प्रतिफल कम हो सकता है, जहाँ परिवर्तनशील वार्षिकी में, प्रतिफल बाजार के शर्तों के आधार पर परिवर्तित हो सकती है। अतः यहाँ उच्च जोखिम है, लेकिन बड़े प्रतिफल की भी संभावनाएँ हैं। 

कवरेज

एक वार्षिकी योजना एक ही जीवन(जैसे-पति) या दो जीवन (पति और पत्नी) को कवर कर सकती है, जहाँ एक व्यक्ति की मृत्यु के बाद दूसरा व्यक्ति जिंदगी भर वार्षिकी वेतन प्राप्त करता रहेगा/रहेगी। संयुक्त जीवन वार्षिकी के मामले में, वार्षिकी पहले प्राथमिक सदस्यों (जीवन बीमा किये गये) को दिया जाता है। प्राथमिक सदस्यों की मृत्यु के बाद, द्वितीय सदस्य (पति-पत्नी) को वार्षिकी मिलना जारी रहता है। द्वितीयक सदस्यों की मृत्यु के बाद, वार्षिकी बेतन बंद कर दी जाती है।

एक संयुक्त जीवन वार्षिकी खरीदने का लाभ यह है कि आपकी मृत्यु के बाद आपका वित्तीय आश्रित (पति-पत्नी) को बेतन मिलना जारी रहेगा, जबकि व्यक्तिगत जीवन वार्षिकी की स्थिति में आपके सहयोगी (पति-पत्नी) को आपके गुजर जाने के बाद नकद सहायता नहीं मिलेगी। फिर भी, यह देखा जाता है कि संयुक्त जीवन वार्षिकी की तुलना में एकल जीवन वार्षिकी में उच्च आय स्तर प्राप्त होता है। इसका कारण है कि यह आपके सहयोगी (पति-पत्नी)  को आपकी मृत्यु की स्थिति में आय उपलब्ध नहीं कराती है। इसीलिए, एकक जीवन वार्षिकी उसके लिए उपयुक्त है, जिसका कोई वित्तीय आश्रित नहीं है।

आप जिस किसी विकल्प का चुनाव करते हैं, इसके अतिरिक्त भी कई वैकल्पिक लक्षण तथा लाभ है, जैसे- आंशिक निकासी सुविधा, निर्देशिका लाभ जिसे वार्षिकी योजनाओं में शामिल किया जा सकता है।

किसी वार्षिकी योजना के चुनाव के लिए मापदण्ड

किसी अन्य वित्तीय उत्पाद की तरह, वार्षिकी चुनाव के लिए मुख्य मापदंड है-  (a) सुरक्षा, (b) प्रतिफल, और (c) लिक्विडिटी

सुरक्षा

वार्षिकी में सुरक्षा पहलू सर्वोपरि है क्योंकि यह काफी लंबी अवधि का उत्पाद होता है। यदि कोई व्यक्ति किसी स्वीकृत वार्षिकी का चुनाव करता है तो वह बीमा कंपनी को भुगतान किये जाने किस्तों के माध्यम से सेवा-निवृत्ति से पहले तक, यानि लंबी अवधि तक अर्थात् 20-30 वर्षों तक नियमित रूप से बचत करता रहेगा। सेवा-निवृत्ति पर वह आशा करेगा कि औसतन 20-30 वर्षों तक प्रतिफल जारी रहे।

“इसका तात्पर्य है कि वार्षिकी उपलब्धकर्ता देयराशी उपलब्ध कराने की स्थिति में हो जो कि विभिन्न तथ्यों जैसे- अवधि बढ़ाने, ब्याज दर,  घटाने, मुद्रास्फीति इत्यादि के कारण तत्काल परिवर्तित हो सकता है। इसलिए वार्षिकी उपलब्ध कराने वाली कंपनी की संपन्नता महत्त्वपूर्ण होती है। कंपनी की जितनी अधिक वित्तीय दृढ़ता होती है, यह उतना ही बेहतर होती है,” ऐसा डॉ॰ नंदगोपाल का मानना है।

 
प्रतिफल

सुरक्षा के बाद, प्रतिफल एक मुख्य भूमिका निभाती है। क्योंकि वार्षिकी उत्पाद की अवधि काफी लंबी होती है, अधिकांश कंपनियाँ प्रतिफल देने के क्रम में रुढ़िवादी होती है। ये कंपनियाँ कुल प्रतिफल ग्राहकों को पास नहीं करती है, परंतु प्रतिफल का कुछ भाग अनिश्चितताओं को पूरा करने के उद्देश्य से अपने पास रख लेती है। यह रूढ़िवादी तरीका बुढ़े व्यक्तियों के लिए, जो कि जीवन-खर्च के लिए पूरी तरह से वार्षिकी वेतन पर आश्रित है, हानिकारक हो सकता है। ज्योंहि मुद्रा-स्फीति प्रतिफल, अल्प वार्षिकी वेतन का वास्तविक मूल्य किसी स्थिति में वित्तीय विपत्ति का कारण बनता है तो वे इसे बेहतर प्रदाता में परिवर्तित करने में कठिनाई महसूस करेगा। 

लिक्विडिटी

किसी पेंशन पॉलिसी का चुनाव करते समय ध्यान में रखने के लिए लिक्विडिटी एक अन्य पहलू है। “जहाँ वार्षिकी उत्पाद अपने विस्तृत संरचना के कारण बहुत अस्थित नहीं होता है और आवश्यकता पड़ने पर सावधि जमा, जीवन बीमा पॉलिसी या म्युचुवल फंड की तरह जमा नहीं हो सकता है, ऐसे में किसी वित्तीय संकट की संभावना भी हो सकती है जो कि ग्राहकों को ऐसे विकल्पों की ओर जाने के लिए विवश कर सकता है। नाजुक परिस्थिति में, आंशिक निकसी- जो कि सामान्यतः अनुमोदित नहीं होती है- की आवश्यकता तत्काल पड़ सकती है,” ऐसा डॉ॰ नंदगोपाल का कहना है।

सही वार्षिकी उत्पाद तक कैसे जाएँ?

विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे अच्छा तरीका है कि उत्पाद की गुणवत्ता या प्रोन्नति के लिए चलाये जा रहे वार्षिकी प्रदाता का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड देखें। उद्योग का ट्रैक रिकॉर्ड, पिछले वार्षिकी पर उपलब्ध कराया गया प्रतिफल और कंपनी की हाल का वित्तीय सामर्थ्य, कुछ कुख्य तथ्य हैं जिसके ऊपर किसी वार्षिकी उत्पाद की ओर जाने से पहले ध्यान दिया जा सकता है, ऐसा विशेषज्यों का मानना है।

स्रोत: इकनॉमिक टाइम्स

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