पीपीएफ में निवेश द्वारा बच्चे की शिक्षा के लिए पैसे कैसे बचाएं?

पीपीएफ में निवेश करके अपने बच्चे के लिए बड़ी राशि छोड़ें

पीपीएफ में निवेश द्वारा बच्चे की शिक्षा के लिए पैसे कैसे बचाएं

अपने बच्चे के लिए पैसे जमा करना आज की जरूरत है। शिक्षा के अलावा, उसके जीवन में ऐसे मौके आएंगे जब आपको आर्थिक रूप से उसकी सहायता करनी होगी। यदि आप जल्दी बचत और निवेश करना शुरू कर देते हैं, तो आप अपने बच्चों को पूरी तरह से आराम और बेहतर अवसर प्रदान कर सकते हैं। आज महंगाई हर तिमाही में रिकॉर्ड तोड़ रही है, और इस प्रकार पैसे की बचत करना और ऐसी जगह निवेश करना बेहद आवश्यक हो गया है, जहां यह लगातार बढ़ता रहे। आपको इसे सक्रिय रूप से मैनेज करने की आवश्यकता नहीं है।

ऐसी कई योजनाएं हैं जो ऐसे निवेश और वृद्धि का विकल्प प्रदान करती हैं, लेकिन उनमें से कोई भी प्रोविडेंट फंड्स के रूप में बेहतर नहीं है। कर्मचारी भविष्य निधि(एम्प्लॉई प्रोविडेंट फंड्स) और पब्लिक प्रोविडेंट फंड्स मध्यम वर्ग और वेतन वाले परिवारों के लिए लंबी अवधि के लिए पैसे बनाने के सबसे अच्छे स्रोतों में से एक हैं।

आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप पीपीएफ के साथ अपने बच्चे के लिए एक बड़ा फंड और उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं। जबकि ईपीएफ आंशिक रूप से कंपनी द्वारा और आंशिक रूप से कर्मचारी द्वारा योगदान दिया जाता है और केवल कामकाजी लोगों के लिए उपलब्ध है, यह आश्रितों को कवर नहीं करता है। आश्रितों को कवर करने के लिए, एक पब्लिक प्रोविडेंट फंड है जहां कोई भी निवेश कर सकता है और लंबी अवधि के लिए पैसा बचा सकता है। 

आइए पीपीएफ खातों के बारे में बताते हैं।

पब्लिक प्रोविडेंट फंड क्या है?

पीपीएफ खाते 1968 में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रकार की निवेश और बचत योजना है। यहां आप नियमित रूप से एक निश्चित राशि का योगदान करके खाते में पैसा बचा सकते हैं, वहीं पैसा ब्याज के साथ बढ़ता है। 

पीपीएफ खातों को 15 साल के लिए लॉक करने की जरूरत होती है, और आप बीच में आपात स्थिति के बिना पैसे नहीं निकाल सकते। इसलिए, यदि आप कम उम्र में अपने बच्चे के लिए खाता खोलते हैं, तो वह ग्रेजुएट होने या 18 वर्ष का होने पर उनका लाभ उठा सकता है। 

कितना पैसा जमा किया जा सकता है?

अभिभावक के रूप में, आप अपने बच्चे के पीपीएफ खाते में हर साल न्यूनतम 100 रुपये और अधिकतम 1,50,000 रुपये जमा कर सकते हैं। कोई व्यक्ति केवल एक पीपीएफ खाता खोल सकता है और उसमें निवेश कर सकता है, इसलिए यदि आपके पास पहले से एक खाता है, तो आपको इसे बंद करना पड़ सकता है और एक नया खाता खोलना पड़ सकता है या लाभ लेने के लिए अपने बच्चों को उस खाते में जोड़ना पड़ सकता है। 

पीपीएफ खाता कब मैच्चोर होता है?

कोई पीपीएफ खाता, खाता खोलने की तारीख से 15 साल में मैच्योर होता है, और आप पूरी राशि को बढ़ाने या निकालने का विकल्प चुन सकते हैं। यदि आप कार्यकाल बढ़ाने का निर्णय लेते हैं, तो आप इसे पांच वर्षों के अनुभाग में कर सकते हैं। 

इसके अलावा, यदि पंद्रहवें साल से पहले कोई आपात स्थिति आती है, तो आप अपने पीपीएफ खाते से ऋण ले सकते हैं या आंशिक रूप से निकासी का विकल्प चुन सकते हैं। ऐसी किसी भी स्थिति में, मैच्योर होने वाली राशि प्रभावित होगी।

बड़ी राशि बनाने वाली यह योजना, सालाना 7.1% की ब्याज दर प्रदान करती है। जब आप 15 साल के लिए राशि में लॉक करते हैं, चक्रवृद्धि ब्याज से रिटर्न चौका देना वाले होते हैं।

इसको ऐसे समझें, कि यदि आप इस खाते में हर साल 1.5 लाख रुपये का निवेश करते हैं और इसे 15 साल तक जारी रखते हैं, तो आपके पास 40,20,301 रुपये की एक बचत वाली आय हो सकती है, जहां आपका शुरूआती निवेश सिर्फ 22,50,000 रुपये है। यदि आप इसे हर साल अधिकतम करते हैं तो यह योजना आपके लिए बेहतरीन परिणाम ला सकती है, और जब भी आप इसे सौंपने का फैसला करेंगे तो आपके बच्चे के पास जीवनयापन लिए एक बड़ा फंड होगा। पीपीएफ निवेश धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कर कटौती भी प्रदान करता है। साथ ही मैच्योरिटी राशि (ब्याज सहित) कर से मुक्त है।

तो आज ही यह खाता खोलिए, और अपने बच्चों के लिए उज्जवल भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं।

संवादपत्र

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