Joint home loan: क्या ज्वाइंट होम लोन लेने का फैसला सही है?

ज्वाइंट होम लोन लेने के कई फायदों के साथ कुछ नुकसान भी हैं।

ज्वाइंट होम लोन

Joint home loan: अपना घर पाने का सपना हर कोई देखता है, मार घर खरीदने या बनाने के लिए बहुत अधिक पैसों की जरूरत होती है। इसलिए अधिकतर लोग घर पाने के लिए होम लोन लेने का विकल्प चुनते हैं। किसी बैंक या वित्तीय संस्था से होम लोन के लिए आवेदन करने से पहले भी आपको कुछ रकम का डाउन पेमेंट करने की जरूरत होती है। ऐसे में जब किसी व्यक्ति के पास कम पैसे होते हैं या वह अकेले बैंक के पात्रता मानदंड को पूरा करने में असमर्थ होता है, तो वह ज्वाइंट होम लोन लेने की बात सोचता है। ज्वाइंट होम लोन लेने से आपकी उधार लेने की क्षमता बढ़ सकती है, बशर्ते कि आप जिसके साथ ज्वाइंट होम लोन लेने का मन बना रहे हैं वह भी बॉरोअर लेंडर की बुनियादी पात्रता मानदंडों को पूरा करता हो।

ज्वाइंट होम लोन लेने के पहले यह जानना ज़रूरी है कि इसके लिए लिए कौन आवेन कर सकता है और आप किसके साथ ज्वाइंट होमलोन ले सकते हैं।

आप अपने परिवार के सदस्यों या माता-पिता, पति या पत्नी, बच्चे, अविवाहित महिला या साथ रहने वाले भाइयों जैसे करीबी संबंधियों के साथ ज्वाइंट होम लोन ले सकते हैं। इसके लिए को-बॉरोअर का प्रॉपर्टी में को-ओनर होना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, कर में लाभ पाने, कर में लागू छूट का लाभ उठाने के लिए लिए, को-बॉरोअर का भी प्रॉपर्टी का को-ओनर होना जरूरी है। 

यह भी पढ़ें: ७ वित्तीय नियम

ज्वाइंट होम लोन के फायदे और नुकसान

ज्वाइंट होम लोन के फायदे:

  • वित्तीय संस्थाओं द्वारा कई कारणों से लोन रिजेक्ट हो सकते हैं, जैसे कि क्रेडिट स्कोर का खराब होना, अपर्याप्त आय आदि। जबकि, एक ज्वाइंट होम लोन के ज़रिए आप पात्रता मानदंडों के अंतर को पूरा कर सकते हैं। 
     
  • अगर ज्वाइंट होम लोन में, को-बॉरोअर संपत्ति का को-ओनर भी है, तो उसे धारा 24 और धारा 80 सी के तहत तय सीमा के भीतर कर छूट का लाभ भी मिल कर सकता है। ज्वाइंट लोन लेने वाले 1.5 लाख रुपए और 2 लाख रुपए तक कर छूट का फायदा उठा सकते हैं, यानी आयकर अधिनियम के अनुसार उन्हें कुल 7 लाख रुपए का लाभ मिल सकता है।
     
  • लोन देने वाल अक्सर ज्वाइंट ओनर्स को पसंद करते हैं क्योंकि इससे जोखिम कम होता है। अगर होम लोन लेने वालों में से एक महिला हो तो कुछ बैंक कम ब्याज दर पर होम लोन देते हैं। 

ज्वाइंट होम लोन के नुकसान

  • अगर एक को-बॉरोअर समय पर होम लोन की ईएमआई चुकाने में विफल रहता है, तो इससे दोनों बॉरोअर्स के क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है।
     
  • अगर को-बॉरोअर्स के बीच कोई विवाद होता है, तो दोनों को इसका नतीजा भुगतना पड़ सकता है। 
     
  • अक्सर लोन के दबाव को कम करने के लिए एक को-बॉरोअर जोड़ा जाता है, लेकिन अगर वह निर्धारित वर्षों के बाद भी लोन का भुगतान करने में असफल रहता है, तो लोन की पूरी राशि की जिम्मेदारी आप पर आ जाती है।

ज्वाइंट होम लोन लेने का फैसला करने से पहले को-बॉरोअरों को सभी नियम और शर्तों तथा भविष्य में परेशानी का कारण बन सकने वाली बातों पर अच्छी तरह विचार कर लेना चाहिए।

यह भी पढ़ें: मार्केट में निफ़्टी ५० से रिटर्न कैसे पाए?

Lowest Home Loan Interest Rates

Joint home loan: अपना घर पाने का सपना हर कोई देखता है, मार घर खरीदने या बनाने के लिए बहुत अधिक पैसों की जरूरत होती है। इसलिए अधिकतर लोग घर पाने के लिए होम लोन लेने का विकल्प चुनते हैं। किसी बैंक या वित्तीय संस्था से होम लोन के लिए आवेदन करने से पहले भी आपको कुछ रकम का डाउन पेमेंट करने की जरूरत होती है। ऐसे में जब किसी व्यक्ति के पास कम पैसे होते हैं या वह अकेले बैंक के पात्रता मानदंड को पूरा करने में असमर्थ होता है, तो वह ज्वाइंट होम लोन लेने की बात सोचता है। ज्वाइंट होम लोन लेने से आपकी उधार लेने की क्षमता बढ़ सकती है, बशर्ते कि आप जिसके साथ ज्वाइंट होम लोन लेने का मन बना रहे हैं वह भी बॉरोअर लेंडर की बुनियादी पात्रता मानदंडों को पूरा करता हो।

ज्वाइंट होम लोन लेने के पहले यह जानना ज़रूरी है कि इसके लिए लिए कौन आवेन कर सकता है और आप किसके साथ ज्वाइंट होमलोन ले सकते हैं।

आप अपने परिवार के सदस्यों या माता-पिता, पति या पत्नी, बच्चे, अविवाहित महिला या साथ रहने वाले भाइयों जैसे करीबी संबंधियों के साथ ज्वाइंट होम लोन ले सकते हैं। इसके लिए को-बॉरोअर का प्रॉपर्टी में को-ओनर होना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, कर में लाभ पाने, कर में लागू छूट का लाभ उठाने के लिए लिए, को-बॉरोअर का भी प्रॉपर्टी का को-ओनर होना जरूरी है। 

यह भी पढ़ें: ७ वित्तीय नियम

ज्वाइंट होम लोन के फायदे और नुकसान

ज्वाइंट होम लोन के फायदे:

  • वित्तीय संस्थाओं द्वारा कई कारणों से लोन रिजेक्ट हो सकते हैं, जैसे कि क्रेडिट स्कोर का खराब होना, अपर्याप्त आय आदि। जबकि, एक ज्वाइंट होम लोन के ज़रिए आप पात्रता मानदंडों के अंतर को पूरा कर सकते हैं। 
     
  • अगर ज्वाइंट होम लोन में, को-बॉरोअर संपत्ति का को-ओनर भी है, तो उसे धारा 24 और धारा 80 सी के तहत तय सीमा के भीतर कर छूट का लाभ भी मिल कर सकता है। ज्वाइंट लोन लेने वाले 1.5 लाख रुपए और 2 लाख रुपए तक कर छूट का फायदा उठा सकते हैं, यानी आयकर अधिनियम के अनुसार उन्हें कुल 7 लाख रुपए का लाभ मिल सकता है।
     
  • लोन देने वाल अक्सर ज्वाइंट ओनर्स को पसंद करते हैं क्योंकि इससे जोखिम कम होता है। अगर होम लोन लेने वालों में से एक महिला हो तो कुछ बैंक कम ब्याज दर पर होम लोन देते हैं। 

ज्वाइंट होम लोन के नुकसान

  • अगर एक को-बॉरोअर समय पर होम लोन की ईएमआई चुकाने में विफल रहता है, तो इससे दोनों बॉरोअर्स के क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ता है।
     
  • अगर को-बॉरोअर्स के बीच कोई विवाद होता है, तो दोनों को इसका नतीजा भुगतना पड़ सकता है। 
     
  • अक्सर लोन के दबाव को कम करने के लिए एक को-बॉरोअर जोड़ा जाता है, लेकिन अगर वह निर्धारित वर्षों के बाद भी लोन का भुगतान करने में असफल रहता है, तो लोन की पूरी राशि की जिम्मेदारी आप पर आ जाती है।

ज्वाइंट होम लोन लेने का फैसला करने से पहले को-बॉरोअरों को सभी नियम और शर्तों तथा भविष्य में परेशानी का कारण बन सकने वाली बातों पर अच्छी तरह विचार कर लेना चाहिए।

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