फोन बैंक से जुड़े धोखे जिनमें फंसने से बचना चाहिए

ऑनलाइन लेनदेन के समय किसी तरह की धोखेबाज़ी से बचने के लिए नीचे बताई जा रही बातों पर ध्यान दें।

फोन बैंक से जुड़े धोखे जिनमें फंसने से बचना चाहिए

इंटरनेट एक ख़तरनाक जगह हो सकती है। ऐसा अक्सर उन लोगों की वजह से होता है जो आपकी निजी जानकारियों के ज़रिए आपका पैसा चुराने की कोशिश करते हैं। ग्राहक कई बार अनजाने में धोखाधड़ी करने वालों का शिकार बन जाते हैं। धोखाधड़ी करने वाले लोग ग्राहकों को फोन करते हैं और अपनी बातों में फंसा कर उनकी निजी जानकारियां हासिल कर लेते हैं।

आपको ऐसी ईमेल भी मिली होंगी जिनमें आपके खाते में किसी बड़ी रकम को ट्रांसफर करने की बात की जाती है। समझदारी इसी में है कि ऐसी ईमेल्स का कोई जवाब नहीं दिया जाए। अगर कोई अजनबी आपको हज़ारों या लाखों डॉलर देना चाहता है तो एक बार ध्यान से सोचें कि कोई ऐसा क्यों करेगा।

धोखा देने वाले लोग आपसे कई तरह की बातें करते हैं जिससे आपको उन पर भरोसा हो जाए और आप अपनी क्रेडिट या डेबिट कार्ड से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां उनको बता दें। जानिए कि आपको इस तरह के धोखे से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए : 

सीवीवी नबंर बताना: हो सकता है कि आपको किसी धोखेबाज़ का फोन आए जो बैंक से जुड़ी कुछ बातों को सत्यापित करने के नाम पर आपका सीवीवी ( यह संख्या आपके डेबिट या क्रेडिट कार्ड के पीछे लिखी होती है) नबंर मांगे। यह व्यक्ति सीवीवी नंबर मांगने के पीछे बहुत से कारण बताएगा। तीन अंको का यह नंबर कभी किसी को न बताएं। 
 
क्रेडिट कार्ड के आखिरी चार अंक बताना: कुछ धोखेबाज धोखा देने के लिए क्रेडिट कार्ड के आखिरी चार अंको का इस्तेमाल करते हैं। जब आप यह जानकारी उन्हें देते हैं तो वे आसानी से कार्ड के बाकि बचे अंको का पता लगा लेते हैं। इससे उन्हें आपकी पहचान पता चल जाती है और आपको बड़ा नुकसान हो सकता है। 
 
कर्ज़ देने की गारंटी: हो सकता है कि आपको किसी वित्तीय संस्थान के नाम पर फोन आए और कहा जाए कि आपको प्रीअप्रूव्ड कर्ज़ देने के लिए चुना गया है। इस कर्ज़ का आवेदन करने के लिए आपसे निजी जानकारियां ( जैसे बैंक से जुड़ी जानकारी) बताने और कुछ शुल्क देने के लिए कहा जाएगा। इस तरह के फोन कॉल्स पर भरोसा न करें। 
 
टैक्स रिफंड: आपको कहा जाएगा कि आपके टैक्स रिफंड का पैसा आ रहा है जिसके लिए आपको बैंक खाते या क्रेडिट कार्ड की जानकारी देनी होगी जिससे कि पैसा आपको खाते में डाला जा सके। हो सकता है कि आपका भरोसा जीतने के लिए धोखेबाज आपके पैन नंबर, वित्तीय वर्ष और टैक्स रिफंड की राशि की जानकारी भी आपको दे। 

पेटीएम अपग्रेड: नोटबंदी के बाद लोग बड़ी संख्या में मोबाइल पेमेंट ऐप्स का इस्तेमाल कर रहे हैं और इससे धोखेबाज़ों को भी धोखा देने का मौका मिल गया है। आपको पेटीएम या किसी मोबाइल वॉलेट के नाम पर फोन किया जाएगा। आपसे कहा जाएगा कि आपके खाते को अपग्रेड किया जा रहा है जिससे आपको ज़्यादा कैशबैक ऑफर मिलेंगे। इस तरह के फोन कॉल का मकसद बैंक से जुड़ी आपकी गोपनीय जानकारियां हासिल करना होता है। 

बीमा अवधि पूरा होना: आपको कहा जाएगा कि आपने बहुत पहले एक बीमा पॉलिसी ली थी जिसकी समय सीमा अब पूरी हो गई है। फोन करने वाला कहेगा कि आपकी बैंक जानकारियों को सत्यापित करना है जिससे बीमा का पैसा आपको खाते में ट्रांसफर किया जा सके। हो सकता है कि उन्हें पहले से ही आपका नाम- पता मालूम हो और केवल बैंक खाते से जुड़ी जानकारियों की जरूरत हो। इसलिए सावधान रहें!

लकी ड्रा: हो सकता है कि आपको फोन आए जिसमें कहा जाए कि आपने किसी शॉपिंग वेबसाइट का लकी ड्रा जीत लिया है। फोन करने वाला आपसे बैंक डिटेल देने या लॉजिस्टिक चार्ज के नाम पर किसी बैंक खाते में पैसा जमा करने के लिए कहेगा। इस तरह के फोन बस धोखा देने के लिए होते हैं जो आपका पैसा और बैंक की जानकारियां ले लेते हैं। 

अगर आपने कभी ऐसी स्थितियों का सामना किया है तो सही यही है कि कोई भी जानकारी देने से पहले फोन करने वाले की प्रामाणिकता की जांच कर लें। आपका बैंक या आयकर विभाग कभी भी आपके बैंक खाते की जानकारी या कार्ड डिटेल लेने के लिए फोन नहीं करेगा। किसी भी संदिग्ध ईमेल का जवाब न दें और अपना सीवीवी नंबर कभी किसी को न बताएं। 

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