कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट कार्ड क्या हैं और वे कैसे काम करते हैं

कॉन्टैक्टलेस कार्ड का लक्ष्य निकटवर्ती संचार (एन.एफ.सी.) प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना है। प्वाइंट-ऑफ-सेल (PoS) टर्मिनल पर आसानी से क्लिक करें और भुगतान करें, इस प्रकार लेन-देन पूरा होने का समय कम हो जाता है।

कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट कार्ड क्या हैं और वे कैसे काम करते हैं

तकनीकी प्रगति ने लगभग हर डोमेन में तेजी से प्रवेश किया है, जिसमें डिजिटल भुगतान भी अछूता नहीं है। डिजिटल भुगतान की सुविधा के लिए उपलब्ध मोड में से एक एन.एफ.सी. से चलने वाले कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट कार्ड हैं।

क्या चीज़ कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट कार्ड को नए-युग का ट्रेंड बनाता है?

इन कार्डों में कार्ड से रीडर तक डेटा ट्रांसफर की सुविधा के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी की आवश्यकता नहीं होती है। बस कार्ड मशीन से एक कार्ड को लगभग 2 सेमी की निकटता पर टैप करना होगा और भुगतान बहुत थोड़े समय में पूरा हो जाएगा। आइए ऐसे कार्डों की कार्यक्षमता के बारे में जानें। PoS उपकरण रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक के द्वारा एन.एफ.सी. चिप्स में लगे कार्ड क्रेडेंशियल्स को कैप्चर करेंगे।

लाभ क्या हैं?

प्रमुख लाभों में से एक शीघ्र भुगतान पूरा होना है जिसमे पैरिंग की आवश्यकता नहीं होती है। इसके अलावा, सुविधा यह है की नकद रखने की आवश्यकता नहीं है और कार्ड टर्मिनल के माध्यम से कार्ड स्वाइप करने में समय बिताने की आवश्यकता भी ख़त्म हो जाती है। इससे नकदी पर निर्भरता कम होगी और भारत को अधिक पारदर्शी, नकदरहित अर्थव्यवस्था में बदलने में मदद मिलेगी। विश्व स्तर पर, ऐप्पल पे और सैमसंग पे जैसे प्रमुख तकनिकी कंपनियों ने एन.एफ.सी. प्रौद्योगिकी को अपने स्मार्टफ़ोन में एकीकृत किया है। कार्ड मशीन के साथ भौतिक संपर्क की कमी और व्यापारी को कार्ड सौंपने की ज़रूरत नहीं होने के कारण धोखाधड़ी के जोखिम का दायरा काफी कम हो जाता है। एक अतिरिक्त सुरक्षा सुविधा के रूप में, क्रेडिट कार्ड नंबर, एक्सपायरी डेट, कार्डधारक का नाम और सी.वी.वी., एन.एफ.सी. प्रौद्योगिकी के तहत एन्क्रिप्ट कर भेजा जाता है। डेटा चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में भी, गोपनीय विवरणों को पढ़ना असंभव होगा।

चोरी के मामले में क्या होता है?

यदि कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट कार्ड चोरी हो जाते हैं, तो अनधिकृत व्यक्तियों के लिए कार्ड का उपयोग करना असंभव होगा। कार्डधारक को चोरी की रिपोर्ट करने और तुरंत एन.एफ.सी. कार्ड को ब्लॉक करने की आवश्यकता है। भारत में, कार्ड धोखाधड़ी के मामले में, बैंक को अनिवार्य रूप से नुकसान उठाना पड़ता है, इस प्रकार कार्डधारक सुरक्षित रहते हैं।

नुकसान क्या हैं?

नुकसान यह है कि इस तरह के कार्ड का उपयोग वर्तमान में प्रति दिन 4-5 लेनदेन की सीमा के साथ 2,000 रुपये प्रति लेनदेन तक सीमित है। इस प्रकार, कोई भी एक बार में 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन को निष्पादित करने में असमर्थ होगा। इसके अलावा, चूंकि बिना कॉन्टैक्ट का विकल्प कार्ड चिप में अंतर्निहित है, इसलिए इसे बाद में निष्क्रिय नहीं किया जा सकता है।

विशेषज्ञ समय बचाने के लिए, कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट कार्ड का लाभ उठा रहे हैं। यह माना जाता है कि स्वाइप करने से पारंपरिक क्रेडिट कार्ड को लगभग 2 मिनट लगते हैं, जबकि कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट कार्ड को भुगतान के लिए लगभग 12 सेकंड की आवश्यकता होती है। क्रेडिट कार्ड में एन.एफ.सी. तकनीक अभी भी भारत में एक नवजात अवस्था में है। ग्राहकों को अनेको डिजिटल भुगतान विकल्पों में से पसंद करने के खराब आदत को देखते हुए, कॉन्टैक्टलेस क्रेडिट कार्ड की बड़े पैमाने पर स्वीकृति सुनिश्चित करने के लिए बहुत कुछ करने की आवश्यकता है।

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