WhatsApp Pay to go live in 10 regional languages after NCPI approval

व्हाट्स-ऍप पे 140 बैंकों द्वारा समर्थित है और 10 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा|

एन.सी.पी.आई. की स्वीकृति के बाद व्हाट्सऍप पे 10 क्षेत्रीय भाषाओं में लाइव होने वाला है

भारत के राष्ट्रीय भुगतान कारपोरेशन (एन.पी.सी.आई.) ने आखिरकार व्हाट्सऍप को यूनाइटेड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (यु.पी.आई.) पर अपने ट्रांसेक्शन सेवा व्हाट्सऍप पे लांच करने की हामी भर दी है | यह स्वीकृति 5 नवंबर,2020 को सुप्रीम कोर्ट में महीनो की नियामक बाधाएं और कानूनी खींचतान के बाद दी गई थी |

व्हाट्सऍप पे की स्वीकृति में देरी का कारण क्या था ?

व्हाट्सऍप पे फरवरी 2018 से बीटा मोड में संचालित हो रही थी ,जिसमे 1 मिलियन उपयोगकर्ता तक की सेवा सीमित थी | हालांकि, आर.बी.आई. और एंटीट्रस्ट बॉडी कॉम्पीटीशन कमीशन ऑफ़ इंडिया को सेवाओं के संभावित गैर कानूनी बंडलिंग की चिंता थी और डेटा स्थानीयकरण नियमों का अनुपालन न करने की चिंता थी क्योंकि व्हाट्सएप भारत के बाहर कुछ भुगतान डेटा संग्रहीत कर रहा था ।

सेवा प्रदाता ने उस वक़्त ही अपनी संशोधित डाटा स्थानीयकरण नियमों के रिपोर्ट को जमा कर दिया था जो इस वर्ष के शुरुआत में डेलॉइट द्वारा बनाई गई थी और जून में आर.बी.आई. द्वारा अनुमोदित की गई थी |

व्हाट्सऍप पे के आने से क्या बदलाव आएगा ?

एन.सी.पी.आई. से अनुमोदन के बाद, शुरूआती चरण में जितने उपयोगकर्ता इस भुगतान सुविधा का व्हाट्सऍप प्लेटफार्म पर लाभ उठा सकते हैं ,वह 20 मिलियन तक सीमित कर दी गई है ,जिसमे सेवा को वर्गीकृत तरीके से पेश किया गया है |

ट्रांसेक्शन की कुल मात्रा को यु.पी.आई. नेटवर्क के कुल मात्रा के 30% तक सीमित कर दिया गया है | यह नियम 01 जनवरी 2021 से लागू होगा और इसका हिसाब यु.पी.आई. द्वारा पिछले 3महीनो में हुए ट्रांसेक्शन के आधार पर किया जाएगा |

यह नियम केवल व्हाट्सऍप पर ही लागू नहीं होता है परन्तु सभी अन्य तृतीय पक्ष ऐप जैसे कि गूगल-पे,फ़ोन-पे,पे टी एम पर भी लागू होता है | यु.पी.आई. पर मौजूदा खिलाडियों को 23 जनवरी तक का समय दिया जाएगा ताकि वो अपने यु.पी.आई. भुगतानों को कुल यु.पी.आई. भुगतानों के 30% के अंदर ला सकें | गूगल पे और फ़ोन-पे वर्तमान में मार्केट लीडर्स हैं जिनके पास यु.पी.आई. मार्केट शेयर का लगभग 40-40% शेयर है|

यह नियम इसलिए बनाया गया है क्यूंकि “कोई भी एकल खिलाड़ी का एकाधिकार न रहे और जोखिमों को जानकर यु.पी.आई. इकोसिस्टम के बढ़ने पर उसकी सुरक्षा की जाये ", जैसा कि एन.सी.पी.आई. वेबसाइट पर एक परिपत्र में लिखा था |

व्हाट्सऍप पे की सेवा सुविधाएं क्या हैं ?

व्हाट्सऍप पे एंड्राइड और आई.ओ.एस. प्लेटफार्म के नवीनतम संस्करण में भी उपलब्ध रहेगा | इसके कोई ट्रांसेक्शन खर्च नहीं हैं और इसकी भुगतान सुविधा 10 भारतीय क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध रहेगी और 140 बैंकों द्वारा समर्थित होगी|

फेसबुक के सी.इ.ओ. मार्क ज़ुकरबर्ग के अनुसार व्हाट्सऍप के माध्यम से पैसे भेजना ,एक सन्देश भेजने जितना आसान होगा | 

संवादपत्र