सोना खरीद रहे हैं? इन 5 बातों को ध्यान रखें

सोना सिर्फ गहने बनाने के लिए नहीं है, ये एक बेहतरीन निवेश विकल्प जिसमें आर्थिक उठा-पटक सहने की क्षमता है। सोना खरीदने के पहले आपको इन 5 बातों को ध्यान में रखना चाहिए।

Things to check before you buy a gold insurance

सोना – ये चमकीला है, सजावटी है और इसका वैभवशाली तेज आंखों को सुहाता है। ये दुनियाभर में सबसे पसंदीदा बहुमूल्य धातुओं में से एक है। क्या आपने कभी सोचा है कि सोना इतना महंगा क्यों होता है?

सोने के ऊंचे भाव के पीछे कई वजहें हैं। ये महंगाई के खिलाफ अच्छा बचाव निवेश विकल्प है और आर्थिक अस्थिरता में इसके मूल्य में गिरावट नहीं आती है। सोने आसानी से नकद में बदला जा सकता है और इसे खरीदने में न के बराबर जोखिम है, जो सोने को आदर्श निवेश विकल्प बनाता है।


हालांकि, सोना खरीदना हमेशा आसान नहीं होता है और ऐसी कुछ बातें हैं जिन्हें आपको ध्यान में रखना चाहिए ताकि आपको सबसे बेहतर सौदा मिल सके, बिलकुल जैसे आपकी मां और दादी किया करती थीं।

प्रति ग्राम मूल्य
सोना खरीदने के पहले उसके प्रति ग्राम मूल्य की जानकारी हासिल करें। इससे आपको बाजार में सोने की कीमत का अंदाजा लग जाएगा। ध्यान रखें कि अलग-अलग शोरूम में सोने का भाव अलग-अलग हो सकता है। क्योंकि, ये अलग-अलग सोने के जौहरी से जुड़े होते हैं। हालांकि, बड़े जौहरियों के सोने की कीमत करीब बराबर ही होती है।

सोने का मौजूदा प्रति ग्राम मूल्य जानने के लिए विश्वसनीय वेबसाइट्स की मदद लें या फिर कई शोरूम में जाकर सोने का भाव पता करें और उसकी तुलना करें।


सोने की शुद्धता
अलग-अलग शुद्धता वाला सोना बाजार में उपलब्ध है और इसका कीमत पर असर पड़ता है। जैसे 100 फीसदी सोना, जिसे 24 कैरट माना जाता है, सोने का सबसे शुद्ध रूप है। इस प्रकार का सोना काफी नरम होता है, इसलिए गहने बनाते वक्त इसमें दूसरे मिश्र धातु मिलाए जाते हैं। हालांकि, कौन से मिश्र धातु सोने में मिलाए गए हैं इसका भी असर कीमत पर पड़ता है।

उदाहरण के तौर पर 22 कैरट सोना 91.6 फीसदी सोना है, जिसमें 22 भाग सोना और 2 भाग अन्य धातु होता है। वैसे ही 18 कैरट सोना में 18 भाग सोना और बाकी 6 भाग दूसरे धातुओं का होता है, जो इसे 75 फीसदी सोना बनाता है। आपको जिस प्रकार का सोना खरीदना है उसकी जानकारी हासिल कीजिए और शुद्धता के स्तर के मुताबिक अलग-अलग कीमतों को जानिए।

असल प्रमाणन
सोना जिसमें बीआईएस (ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड) का प्रमाण नहीं हो वो नकली सोना हो सकता है। भारत में बीआईएस हॉलमार्क वाले 13,000 से ज्यादा गहनों के शोरूम हैं, जिनपर सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है कि बेचा जाने वाला सोना असल है और वो मापदंड़ों को पूरा करता है। हालांकि, द क्विंट के मुताबिक फिलहाल भारत में बेचे जाने वाले 3 गहनों में सिर्फ एक ही में शुद्धता और गुणवत्ता का प्रमाण यानि हॉलमार्क होता है।

  • गहनों के हॉलमार्क का क्या अर्थ है
  • द ब्यूरो ऑफ इंडिया स्टैंडर्ड (बीआईएस)
  • सोने की शुद्धता
  • परख केंद्र
  • जौहरी का पहचान चिन्ह
  • हॉलमार्किंग का साल
  • स्रोत: लाइवमिंट. नोट: परख केंद्र में सोने की हॉलमार्किंग की जाती है

इसलिए, चाहे आप पहनने के लिए सोने के गहने खरीद रहे हों या फिर निवेश के लिए सोने का सिक्का, खरीदारी करते वक्त बीआईएस हॉलमार्क की जांच जरूर करें।


अन्य शुल्क
सोने के गहनों की कीमत हमेशा स्पष्ट नहीं होती है। जरूरी नहीं है कि जौहरी पूछे बिना आपको शुल्क के बारे में जानकारी देंगे, इसलिए हमेशा शुल्क के बारे में पता करें। प्रति ग्राम मूल्य के अलावा आपको मेकिंग चार्ज और वेस्टिज चुकाना पड़ सकता है। अलग-अलग जौहरी अलग-अलग अतिरिक्त शुल्क लगाते हैं। जब आप गहना पसंद कर लें तो जौहरी से अन्य शुल्कों के बारे में पूछें।

जैसे, अगर आप 10 ग्राम का सोने का कंगन 30,000 रुपये में खरीदते हैं तो आप सोने के हर ग्राम के लिए 3,000 रुपये चुकाते हैं। सोने का प्रति ग्राम मूल्य जानिए और कंगन की प्रति ग्राम कीमत और सोने प्रति ग्राम मूल्य में अंतर है वो अन्य शुल्क हैं।

ध्यान रखने की बात है कि ज्यादा काम वाले गहनों में सोने में ज्यादा मिलावट हो सकती है, क्योंकि जौहरी सोने को और लचीला बनाने के लिए उसमें ज्यादा तांबा मिलाते हैं। इसलिए, चाहे प्रति ग्राम सोने की कीमत नहीं बढ़ती है, लेकिन इसमें मेकिंग चार्ज ज्यादा लगता है।

बाय बैक की शर्तें जानें
इन सब बातों के अलावा जौहरी से बाय बैक की शर्तों को जानना भी जरूरी है। पता लगाएं कि अगर आप खरीदा हुआ गहना एक्सचेंज करना चाहते हैं तो जौहरी उसका कितना मूल्य देगा। हालांकि, आपको बेचते वक्त सोना का पूरा भाव मिलना मुश्किल है, लेकिन इससे आप गहने के एक्सचेंज या जौहरी को वापस बेचने को लेकर सुनिश्चित हो सकते हैं।

आखिर में लेकिन अहम

सोना खरीदने पर हमेशा बिल मांगे। बिल में आपके खरीदारी से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें होती हैं जो पारदर्शिता बढ़ाती है। इसके अलावा गड़बड़ी होने या दावे की स्थिति में आप बिल योग्य प्राधिकारी के सामने पेश कर सकते हैं।

अगली बार जब आप सोना खरीदें, तब इन बातों का ध्यान रखें और निश्चिंत हो जाएं कि आप सबसे बेहतर सौदा ही मिलेगा।

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