8 कारण जिससे आपके स्वास्थ्य बीमा का दावा खारिज हो सकता है

आपके स्वास्थ्य बीमा कवर के एवज में किए गए दावे कुछ बहुत ही बुनियादी कारणों से खारिज हो सकते हैं। उनसे बचने के लिए उनकी जानकारी रखें।

8 कारण जिससे आपके स्वास्थ्य बीमा का दावा खारिज हो सकता है

आपातकालीन स्थिति के दौरान ही स्वास्थ्य बीमा के लाभ अच्छे से समझ आते हैं। इन दिनों चिकित्सा खर्चों की बढ़ती लागत इसे सबके लिए आवश्यक बनाती है। हालांकि, कुछ सामान्य कारण हैं कि क्यों स्वास्थ्य बीमा के दावे अक्सर विफल हो जाते हैं। आइए देखें कि ये क्या हैं |

1. गलत प्रक्रिया

हर बीमाकर्ता की एक मानक दावा प्रक्रिया होती है जिसका आपको पालन करना चाहिए । इसमें अस्पताल में भर्ती होने के बारे में बीमाधारक को सूचित करना, किसी मान्यता प्राप्त अस्पताल का चयन करना, दावे के फॉर्म को पूरी तरह और सही तरीके से भरना, सभी सहायक बिल और रिपोर्ट आदि प्रदान करना शामिल हो सकता है। इनमें से किसी को भी न करने से आपके दावे में देरी या अस्वीकृति हो सकती है।

2. पहले से मौजूद बीमारियाँ

स्वास्थ्य बीमा प्रदाताओं के पास पहले से मौजूद बीमारियों के लिए विशिष्ट नीतियां होती हैं। यदि आपकी स्वास्थ्य योजना में पहले से मौजूद रोग शामिल नहीं हैं, तो इस तरह के किसी भी बीमारी से संबंधित अस्पताल में भर्ती होने का दावा करने से कोई सुनवाई नहीं होगी।

3. पॉलिसी की अवधि

स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी एक विशिष्ट अवधि के लिए वैध रहती है। वैधता अवधि के बाहर उपचार का दावा करने से, निश्चित ही बीमाकर्ता द्वारा दावा अस्वीकार कर दिया जाएगा । इसलिए, स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी का समय पर नवीनीकरण अनिवार्य है।

4. प्रतीक्षा अवधि

बीमा कंपनियाँ कुछ चिकित्सकीय आपात स्थितियों की प्रतीक्षा अवधि के बारे में अपनी नीतियों में विशेष रूप से उल्लेख करती हैं। यदि आप उस प्रतीक्षा अवधि के भीतर इस तरह की बीमारी के लिए अस्पताल में भर्ती हो जाते हैं और दावे के लिए आवेदन करते हैं, तो बीमाकर्ता को इसे अस्वीकार करने का अधिकार है।

5. बहिष्करण

यद्यपि एक स्वास्थ्य योजना स्वास्थ्य बीमारियों को कवर करती है, लेकिन कुछ निश्चित चिकित्सा स्थितियां ऐसी होती हैं, जिन्हें बीमाकर्ता अपनी नीतियों से बाहर रखते है। इसमें कॉस्मेटिक सर्जरी, धूम्रपान-से उत्पन्न फेफड़े के रोग, शराब का सेवन करने के कारण जिगर की समस्या शामिल हैं। यदि आप इन में से किसी एक के कारण दावा करते हैं ,तो आपके दावे को खारिज कर दिया जाएगा।

6. तथ्यों को छिपाना

जब आपका दावा संसाधित किया जाता है, तो बीमा कंपनी आपके दस्तावेजों का अच्छी तरह से अध्ययन करती है। यदि उन्हें कोई विसंगतियां दिखती हैं, तो वे उसे नोट करेंगे। उदाहरण के लिए, यदि आपने बीमाकर्ता को बीमारी के पारिवारिक इतिहास के बारे में नहीं बताया है लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के लिए इसका उल्लेख किया है।

7. देरी से दावा दायर करना

बीमाकर्ता द्वारा पॉलिसी दस्तावेज़ में निर्दिष्ट की गई अवधि के ख़त्म होने के बाद कोई दावा दर्ज करने से ,दावे की अस्वीकृति हो सकती है। नकदरहित अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में यह संभव नहीं है, क्योंकि अस्पताल से मरीज को छुट्टी देने से पहले सभी दावों की औपचारिकता पूरी करनी होती है।

8. अत्यधिक दावा

प्रत्येक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में एक बीमा राशि होती है जो आपके बीमा कवर के एवज में दावा करने की अधिकतम सीमा होती है । पूर्वनिर्धारित सीमा के साथ स्वास्थ्य योजनाओं में पारिवारिक फ़्लोटर्स और व्यक्तिगत कवर होते हैं जिनका एक वर्ष में दावा किया जा सकता है। यदि आपका चिकित्सा व्यय बीमा राशि से अधिक हो जाता है, तो आप उस राशि का दावा नहीं कर पाएंगे जो इस बीमा राशि से अधिक होगा।

अपनी ओर से, आपको पॉलिसी खरीदते समय अपनी चिकित्सीय इतिहास का पूरा खुलासा करना चाहिए ताकि बाद में कोई भी असुविधा न हो । इसके अलावा, स्वास्थ्य योजना समाप्त होने के पहले उसे नवीनीकृत करना ज़रूरी है और बीमा कवर के एवज में दावा करने के लिए नियत प्रक्रिया का पालन करना महत्वपूर्ण है।