आपको कैंसर बीमा पॉलिसी पर ध्यान क्यों देना चाहिए?

क्या आपके बीमार की पहचान कैंसर के रूप में की गई है? कोई भी ऐसा बुरे सपने में भी नहीं सोच सकता है।

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लेखल- संजीव सिन्हा

क्या आपके बीमार की पहचान कैंसर के रूप में की गई है? कोई भी ऐसा बुरे सपने में भी नहीं सोच सकता है। फिर भी, सत्य यह है कि आज की जीवन शैली में कैंसर होने की संभावना बढ़ गई है। बदकिस्मती यह है कि कैंसर की  100 से अधिक किस्में हैं और शरीर का कोई भी भाग प्रभावित हो सकता है। आगे, इस प्रकार की घातक बीमारियों का कोई भी शिकार हो सकता है।

वास्तव में, ब्रिटिश कैंसर पत्रकार द्वारा ब्रिटेन में एक तत्काल अध्ययन किया गया और पाया गया कि कैंसर के निदान का आजीवन जोखिम समय के साथ बढ़ा है- जो कि 1930 में जन्म लेने वाले व्यक्ति में 38.5%  से 1960 में जन्म लेने वाले व्यक्ति में 53.5%  तक बढ़ा है। अध्ययन बताता है कि 1960 से जन्म लिये व्यक्ति में कैंसर का आजीवन जोखिम आज 50 प्रतिशत से अधिक है।

सिर्फ भारत में, प्रतिवर्ष लगभग 10 लाख लोगों के बीमारी की पहचान कैंसर के रूप में होता है तथा इससे छः से सात लाख लोग मरते हैं।  कुछ समय पहले लेंसेट आँकोलॉजी पत्रिका में प्रकाशित भारत में विशेष अनुसंधान पेपर के अनुसार 2035 तक, ये गिनतियाँ दोगुना होकर लगभग 17 लाख नये रोगी तथा प्रतिवर्ष 12 लाख मौत तक पहुँच सकती है।  

विशेषतः, कैंसर होने की संभावना क्रमानुसार बढ़ा है, तो हाल के वर्षों में उपचार का मूल्य कई गुणा बढ़ा है। वास्तव में, आजकल उपचार की लागत किसी व्यक्ति के आजीवन बचत को पूरी तरह से खर्च करने की क्षमता रखता है। इससे भी अधिक, टाइम्स आँफ इंडिया के रिपोर्ट के अनुसार, भारत के बाहर कैंसर के उपचार का खर्च भारत में उपचार खर्च से कई गुणा अधिक है।  

यही कारण है कि कैंसर के बिरुद्ध विस्तृत चिकित्सा बीमा आज की आवश्यकता बन चुकी है। बावजूद कि, आजकल बाजार में उपलब्ध अधिकांश स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियाँ कैंसर समेत लगभग सभी महत्तवपूर्ण बिमारियों को शामिल करती है, लेकिय ये पॉलिसियाँ सामान्यतः सिर्फ रोगी के अस्पताल तक के खर्च तथा भारत कर अस्पतालों में चिकित्सा उपचार का खर्च ही भुगतान करती है। ये उपचार के संपूर्ण खर्च को कवर नहीं करती है।  पॉलिसी राशी भी काफी अधीकनहीं हो सकती है ,क्योंकि आम जनता 5 लाख से अधिक की स्वास्थ्य बीमा तक नहीं जाता है। ऐसी सीमाओं से तब बचा जा सकता है, जब विशेष बीमारी(CI) बीमा का चुनाव किया जाए जिसका डिजायन चिकित्सा खर्च को कवर करने के लिए किया गया है तथा जो आपके सामान्य जीवन बीमा के अंतर्गत नहीं आता है।     

"विस्तृत चिकित्सा बीमा (सामान्यतः चलित पॉलिसियाँ जिसके अंतर्गत आपके परिवार के सभी सदस्य आते हैं) चिकित्सा समस्याओं के विस्तृत सीमा की देखभाल के लिए बीमा उपलब्ध कराती है। फिर भी, ऐसे पॉलिसियों द्वारा उपलब्ध कराये जाने वाले बीमा कवर के विभिन्न परिस्थितियों में भुगतान किये जाने वाले उप-सीमा होते हैं। क्रिटिकल बीमारी बीमा इस समस्या को हल करता है। क्रिटिकल बीमारी कवर का उद्देश्य विशिष्ट बिमारियों के लिए आवश्यक खर्चीले उपचार के भुगतान में मदद करना है। इसके अतिरिक्त, CI  बीमा विस्तृत चिकित्सा बीमा योजना की तुलना में काफी सस्ता है, क्योंकि इसके अंतर्गत सिर्फ विशिष्ट बिमारी ही आता है,” ऐसा BigDecisions.com के सह-संस्थापक और मुख्य उत्पाद, गौरव राय सूचित करते हैं। 

फिर भी, कई अतिरिक्त विशेषताओं तथा सकारात्मक बिदुओं यथा- बड़े कवरेज जैसे 15 लाख रूपये से 50 लाख रूपये तक  के विकल्प के होते हुए भी, क्रिटिकल बिमारी बीमा योजनाओं के भी कुछ सीमाएँ हैं। 

"इसमें सबसे बड़ी कमियाँ है कि यह योजना कैंसर के सिर्फ अग्रिम अवस्था को ही कवर करती है। जहाँ योजना आपकी पहली हृदय गति रूकावट और किडनी विसंगतियों की प्रारंभिक अवस्था को कवर कर सकती है, तथा डायलेसिस के लिए भी भुगतान कर सकती है, वहीं यह सामान्य ऊतकों के बनने या विनष्ट होने से अग्रिम अवस्था में यदि पीड़ित ट्यूमर अनियंत्रित वृद्धि दिखाता है तो सिर्फ कैंसर के लिए ही भुगतान करती है,” एक ET वेल्थ के रिपोर्ट के अनुसार। 

और, एक नियमित क्रिटिकल बीमारी योजना सिर्फ कुल लाभ ही उपलब्ध कराती है और बीमा किये गये व्यक्तियों द्वारा भुगतान किये गये भविष्य की किस्तों को इसमें शामिल नहीं करती है। ऐसे चीजों का देखभाल किसी समर्पित कैंसर उत्पाद द्वारा ही किया जा सकता है।    

संयोग से, आज बाजार में दो कैंसर देखभाल बीमा उत्पाद उपलब्ध हैं। बाजार में उपलब्ध कैंसर बीमा पॉलिसियों में शामिल हैं- ICICI प्रुडेंशियल द्वारा कैंसर केयर प्लस, और HDFC लाइफ कैंसर केयर। इससे अधिक क्या है? AEGON रेलिगेयर ने अभी-अभी अपने आई-केंसर बीमा योजना की शुरुआत की है।  

आइये, कैंसर केयर योजनाओं तथा इनके कुछ आम विशेषताओं पर एक दृष्टि डालें:

"कैंसर बीमा क्रिटिकल बीमारी पॉलिसी की एक विशेष स्थिति है। यदि आप हमेशा के लिए कैंसर से पीड़ित पाये जाते हैं तो यह आपको कवर उपलब्ध कराता है। सामान्यतः, एक कैंसर आधारित पॉलिसी, कैंसर निदान और उपचार से संबंधित कई मूल्यों को कवर करता है, जिसमें अन्य चीजों के साथ-साथ अस्पताल में लेकर जाना, रेडियेशन, किमोथिरैपी और सर्जरी शामिल है,” ऐसा रॉय का कहना है। 

सामान्यतः, विस्तृत कैंसर बीमा प्रारंभिक तथा अग्रिम अवस्था में, जो पुरुष तथा और दोनों के लिए होते हैं, उत्पाद कैंसर के अधिकांश रूपों को शामिल करता है। इस प्रकार, इन उत्पादों में कैंसर निदान के मामले में बीमा किया गया वित्तीय और मानसिक सुरक्षा उपलब्ध कराता है।

ऐसे बीमा योजनाओं शामिल कैंसर के आम रूपों में ब्रेस्ट कैंसर, लंग कैंसर, पेट का कैंसर, हाइपोलॉरिंस कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर शामिल है। सामान्यतः इसके अंतर्गत त्वचा कैंसर शामिल नहीं आता है। फिर भी कैंसर के अधिकांश प्रकारों में, निदान, उपचार और सर्जरी के विभिन्न अवस्थाओं, में पैसे का भुगतान किया जाता है जिसमें निम्न, उच्च और क्रिटिलल अवस्थाएँ भी शामिल होते हैं।

उदाहरण के लिए, यदि बीमा किये गये जीवन का निदान कैंसर से पीड़ित सीमित जोखिम के रूप में किया जाता है, कुल बीमा किये गये पॉलिसी रकम का एक प्रतिशत, जो कि उस सीमा पर निर्भर करता है, कुल भुगतान के रूप में दिया जाता है।  सामान्यतः, कैंसर लाभान्वितों के भुगतान के उद्देश्य के लिए, बीमारी को गंभीरता के विभिन्न अवस्थाओं में विभाजत किया गया है। बीमा का भुगतान कैंसर की अवस्था और पॉलिसी पर पहले लिए गये दावा पर निर्भर करता है। कुछ पॉलिसियाँ पूरे टर्म अवधि तक मुफ्त नियमित कैंसर जाँच उपलब्ध कराती है।

कुछ कैंसर देखभाल उत्पाद कुछ मामलों में किस्त अधित्याग लाभ भी प्रदान करती है। इस अधित्याग लाभ के अनुसार, एक बार जब किसी मुख्य अवस्था कैंसर लाभ के अंतर्गत का दावा मंजूर हो जाता है, तो शेष पॉलिसी टर्म के लिए पॉलिसी के सभी भविष्य के किस्त के भुगतान का अधित्याग हो जाएगा। फिर भी, यह नोट करना चाहिए कि इन सभी लाभों का भुगतान तभी किया जाएगा जब सभी बकाया राशी का भुगतान कर दिया गया है और पॉलिसी  जीवित है। 

जहाँ तक योग्यता का संबंध है, अधिकांश कैंसर विशिष्ट पॉलिसी के लिए, किस्त प्रविष्टि की आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 65 वर्ष है।  ,जबकि न्यूनतम बीमा की जाने वाली रकम  5 लाख रूपये तथा अधिकतम राशी 50 रूपये हैं। 65 वर्ष की आयु के बाद पॉलिसी के पुनः नवीनीकरण का कार्य अलग-अलग पॉलिसी पर निर्भर करता है।

कैंसर देखभाल योजना का दूसरा लाभ यह है कि ये स्वास्थ्य योजनाओं के अन्य प्रकारों की तुलना में यथोचित मूल्य के होते हैं। आगे, आयकर अधिनियम के धारा 80D के अंतर्गत भुगतान किया गया किस्त कार लाभ के योग्य है। फिर भी, ऐसे पॉलिसी के अंतर्गत, सामान्यतः किसी मृत्यु की अनुपस्थिति में, परिपक्वता या समर्पन राशी का भुगतान किया जाता है।

इसके कुछ अपवाद भी हैं। उदाहरण के लिए, जैसा कि पहले बताया गया है कि त्वचा कैंसर इसके अंतर्गत नहीं आता है। और, AIDS या HIV द्वारा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से यौन संपर्क रोग से हुए बीमारी के लिए किसी दावा का भुगतान नहीं किया जाता है। आगे, किसी जन्मजात तरीके, पहले से वर्तमान शर्त में, नभिकीय, दूसरे से जैव-वैज्ञानिक या रासायनिक संक्रमण से निर्मित कैंसर के लिए किये गये दावा का भुगतान नहीं किया जाएगा। 

उद्योग विशेषज्ञों का विचार है कि एक कैंसर विशिष्ट उत्पाद उस समय मददगार हो सकता है जब आप समझते हैं कि पर्यावरण या अन्य कारणों से आपको कैंसर होने का जोखिम हो सकता है। सामान्य स्थिति में, क्रिटिकल बीमारी योजना बेहतर विकल्प हो सकता है, क्योंकि यह बीमारी के विस्तृत सीमा को शामिल किये हुए हैं, विशेषज्ञों ने आगे अपना विचार दिया है।

स्रोत: इकनॉमिक टाइम्स

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