आयुष लाभ, यह क्या है और क्या आप आप अपनी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के तहत इसे प्राप्त करने योग्य हो सकती हैं

क्या आप वैकल्पिक चिकित्सा की शक्ति में विश्वास करते हैं? स्वास्थ्य बीमा में आयुष लाभ के बारे में जानने के लिए आगे पढ़ें।

आयुष लाभ, यह क्या है और क्या आप आप अपनी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के तहत इसे प्राप्त करने योग्य हो सकती हैं

भारत की अधिकांश शीर्ष बीमा कंपनियाँ आज भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आई.आर.डी.ऐ.आई. ) द्वारा 2013 में जारी किये सन्देश के बाद आयुष उपचार के लिए कवरेज प्रदान करती हैं। आयुष भारत में प्रचलित चिकित्सा की छह वैकल्पिक प्रणालियों के लिए एक लघुशब्द है - आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी।

यदि आप आश्वस्त हैं कि इनमें से कोई भी आयुष उपचार आपके लिए काम कर सकता है, तो जाँच करें कि क्या आप जिस स्वास्थ्य बीमा योजना को खरीदने के बारे में सोच रहे हैं, वह यह थेरेपी प्रदान करती है या नहीं।

सरकार का सहयोग

स्वास्थ्य बीमा में वैकल्पिक चिकित्सा उपचार को शामिल करने का कदम 1995 के बाद से सरकार के स्तर पर विकास की एक श्रृंखला का ही परिणाम है। उस वर्ष, भारतीय चिकित्सा पद्धति और होम्योपैथी (आई.एस.एम. एंड एच) विभाग को मुख्य धारा पारंपरिक (वैकल्पिक) चिकित्सा के लिए स्थापित किया गया था। । यह जनता के बीच पारंपरिक भारतीय चिकित्सा के बारे में बढ़ती जागरूकता का सीधा नतीजा था।

इस विभाग को 2003 में आयुष विभाग का नाम दिया गया था। इसके पीछे पहले की विचार प्रक्रिया का अधिक अच्छे संस्करण स्थापित करने की सोच थी : वैकल्पिक चिकित्सा का संयोजन - या बल्कि, आयुष के घटक - आधुनिक चिकित्सा के साथ जिससे नए चिकित्सा उपचारों को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए, विशेष रूप से असंक्रामक रोगों के इलाज के लिए उपयोग किया जाए ।

सरकार ने वैकल्पिक चिकित्सा को और अधिक संस्थागत बना दिया जब उसने 2014 में विभाग को एक अलग मंत्रालय में बदल दिया, जो आयुष से संबंधित संस्थानों और अनुसंधान परिषदों की देखरेख करता है। आज, भारत भर में 50 से अधिक अस्पतालों को आयुष उपचार प्रदान करने के लिए मान्यता प्राप्त है। इन अस्पतालों के लिए गुणवत्ता मानकों को राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रदाताओं (एनएबीएच) द्वारा निर्धारित किया गया है।

आयुष उपचार के लाभ

कई लोगों को एलोपैथिक या उपचार के नए रूपों की तुलना में आयुष में बेहतर प्रतिक्रिया मिली है, खासकर जब गैर-संक्रामक रोगों की बात आती है; यह इसका सबसे बड़ा फायदा है। और तो और , आयुष उपचार सस्ता है, और इसलिए बड़ी संख्या में भारतीयों के लिए सुलभ है।

आयुष उपचार के लिए व्यापक कवरेज

आयुष उपचार के लिए आप अपनी स्वास्थ्य योजना पर कितना कवरेज पा सकते हैं, यह बीमाकर्ता पर निर्भर करता है। कुछ योजनाएं केवल आयुर्वेदिक उपचार को कवर करती हैं जबकि अन्य कुछ मिश्रण को कवर करती हैं, और कुछ अन्य हैं जो अभी भी इस लाभ को शामिल नहीं करते हैं। इसलिए यह सलाह दी जाती है कि आप आयुष कवरेज के लिए व्यक्तिगत या पारिवारिक फ्लोटर योजनाओं की तुलना करें।

इन योजनाओं पर कवर की गई राशि पर एक सीमा होती है, जो आमतौर पर बीमित राशि के 7.5% से 25% तक होती हैं। कुछ बीमाकर्ता उप-सीमा के रूप में एक मानक राशि तय करते हैं। अक्सर, पॉलिसीधारकों को आयुष लाभों का दावा करने के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना ज़रूरी होता है , इसलिए यह दावा करने से पहले उन्हें विस्तार से समझना उचित होगा ।

आयु, स्थान और प्रचलित करों / जी.एस.टी. जैसे कारकों के आधार पर प्रीमियम भिन्न हो सकते हैं। विशेष रूप से, 1 जुलाई 2017 से प्रभावी होने वाली सभी वित्तीय सेवाओं पर 18% का जीएसटी लागू हुआ है। कुछ बीमाकर्ता मानक स्वास्थ्य योजना के तहत सामान्य से 5% से 10% अधिक प्रीमियम ले सकते हैं। फिर, कुछ योजनाओं में एक अनिवार्य सह-भुगतान खंड शामिल होता है, जहां स्वीकार्य दावा राशि का एक हिस्सा ग्राहक को वहन करना होता है।

नियमित स्वास्थ्य योजनाओं में , आयुष लाभ का दावा करने के लिए पॉलिसीधारक को 24 घंटे अस्पताल में भर्ती रहना चाहिए। कृपया ध्यान दें कि आप आयुष और एलोपैथिक उपचार दोनों के लिए एक साथ दावे नहीं कर सकते हैं।

प्रमुख आयुष बीमाकर्ता

नीचे सूचीबद्ध कुछ प्रमुख स्वास्थ्य बीमाकर्ता और उनकी आयुष योजनाओं की रूपरेखा दी गई है:

  • चोलामंडलम एमएस

योजना का नाम: (क) इंडिविजुअल हेल्थलाइन प्लान; (b) चोला हेल्थलाइन प्लान

कवरेज की गुंजाइश: (ए) आयुर्वेदिक उपचार के लिए बीमा राशि के 7.5% तक कवरेज के साथ-साथ 20% सह-भुगतान खंड ; (बी) आयुष उपचार के लिए कवरेज

  • एचडीएफसी एर्गो

योजना का नाम: हेल्थ सुरक्षा प्लान

कवरेज की गुंजाइश: रोगी के अस्पताल में भर्ती होने के लिए किए गए चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति के लिए बीमित राशि के 7.5% तक|

  • स्टार हेल्थ

प्लान का नाम: मेडी क्लासिक बीमा पॉलिसी

कवरेज की गुंजाइश: बीमा राशि का 25% तक कवरेज, जो प्रति पॉलिसी अवधि में 25,000 रुपये तक हो सकता है ।

  • टाटा ए.आई.जी.

योजना का नाम: मेडी प्राइम

कवरेज की गुंजाइश: 25,000 रुपये की अधिकतम राशि तक रोगी के इलाज की प्रतिपूर्ति।

  • न्यू इंडिया एश्योरेंस

योजना का नाम: मेडिक्लेम पॉलिसी

कवरेज की गुंजाइश: बीमा राशि का 25% तक का कवरेज।

आयुष के बीमा कवर के बारे में आमतौर पर पूछे जाने वाले कुछ प्रश्न यहां दिए गए हैं:

1. आयुष उपचार के तहत मैं किस तरह की कवरेज की उम्मीद कर सकता हूं?

आप बीमा राशि की निर्दिष्ट सीमा तक उपचार खर्चों की प्रतिपूर्ति की उम्मीद कर सकते हैं - कवर की गई राशि पर 7% से 25% तक की सीमा है। कुछ बीमाकर्ता एक उप-सीमा के रूप में एक मानक राशि तय करते हैं।

2. क्या बीमाकर्ता आयुष उपचार के तहत नकदरहित सुविधा प्रदान करते हैं?

बहुत कम बीमाकर्ता नकदरहित उपचार सुविधा प्रदान करते हैं; आपको योजना खरीदने से पहले बीमाकर्ता से यह सुनिश्चित करने की सलाह दी जाती है। आमतौर पर, अपेक्षित दस्तावेज जमा किए जाने के बाद दावा राशि की प्रतिपूर्ति की जाती है।

3. क्या किसी भी अस्पताल में आयुष उपचार होने से दावा प्रतिपूर्ति के लिए पात्र होगा?

आपके स्वास्थ्य योजना के तहत दावे को माने जाने के लिए भारत के क्वालिटी परिषद या एनएबीएच द्वारा मान्यता प्राप्त एक सरकारी अस्पताल में उपचार किया जाना चाहिए ।

4. मुझे अपनी बीमारी के लिए नियमित एलोपैथिक उपचार के अलावा आयुष की आवश्यकता है। क्या मैं दोनों के लिए प्रतिपूर्ति का दावा कर सकता हूं?

एक बार जब एलोपैथिक उपचार के लिए एक निर्दिष्ट बीमारी का दावा किया गया हो, तो आप उसी पॉलिसी अवधि के दौरान एक ही योजना के तहत एक ही बीमारी के लिए गैर-एलोपैथिक उपचार (आयुष) के लिए प्रतिपूर्ति का दावा नहीं कर सकते हैं, और इसके विपरीत भी संभव नहीं है ।

5. मुझे आयुष उपचार की आवश्यकता क्यों है?

कुछ लोग, विशेष रूप से 60 से ऊपर के लोग, आयुष के उपचार को अन्य रूपों की तुलना में बेहतर मानते हैं।

6. क्या आयुष उपचार की कोई सीमाएं हैं?

हाँ, दॊ है। सबसे पहला , केवल कुछ अस्पताल ही आयुष उपचार प्रदान करते हैं, जो आपके विकल्पों को सीमित कर देता है। दूसरा, स्वास्थ्य योजनाएँ कम से कम 24 घंटे के अस्पताल में भर्ती होने के लाभों को कवर करती हैं, जबकि आयुष चिकित्साएँ ज्यादातर अस्पताल के बाह्य विभागों द्वारा की जाती हैं।

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