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स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदने से पहले हमेशा अच्छी तरह विचार करना चाहिए। ज़रूरी है कि आप रिसर्च करके अपने लिए ऐसी पॉलिसी ढूंढें जो आपकी सारी ज़रूरतों से मेल खाती हो।

Best Insurance plan for women, a guideline

पुरुषों की तरह ही भारतीय महिलाओं को भी और खास तौर पर कामकाजी महिलाओं को, अपनी सुस्त जीवनशैली की वजह से कई बीमारियों का खतरा रहता है। आपके लिए यह सोचना और स्वीकार करना मुश्किल है। लेकिन यह बहुत ज़रूरी है कि आप भविष्य में आने वाली ऐसी किसी भी परिस्थिति का प्रभाव कम करने के लिए आज ही सुरक्षा के उचित उपाय करें। 
अगर आप कामकाजी हैं तो आपके पति और बच्चे आपकी आय पर निर्भर करते हैं। यदि आप घर संभालती हैं तो वे गृहस्थी चलाने के आपके विशेषज्ञ प्रबंधन पर निर्भर करते हैं। वो आपकी तरह घर नहीं संभाल सकते और ऐसे प्रबंधन के लिए उन्हें ज़्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। इसलिए ज़रूरी है कि किसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए तैयार रहते हुए, आप अपने परिवार को ऐसी स्थिति में वित्तीय सहायता देने की योजना बनाएं। 

कौन सी बीमारियां है जो महिलाओं के स्वास्थ्य पर बड़ा असर डालती हैं?

आइए भारतीय महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली कुछ प्रमुख बीमारियों पर नज़र डालते हैं। साथ ही इन बीमारियों के लिए कवर देने वाली पॉलिसियों को भी जानते हैं।

  • दिल से जुड़ी बीमारियां महिलाओं के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रही हैं। हील फाउंडेशन द्वारा करवाए गए एक सर्वे, “विज़ुअलाइज़िंग द एक्सटेंट ऑफ हार्ट डिज़ीज़ेज़ इन इंडियन विमेन” के मुताबिक, 2009 से 2013 के बीच महिलाओं में दिल की बीमारियां 16% से बढ़कर 20 % तक पहुंच गईं।
  • इसी तरह पिछले कुछ सालों में महिलाओं में कैंसर के मामले भी काफी बढ़ गए हैं। खास तौर पर स्तन कैंसर के आंकड़े तो ग्रामीण और शहरी, दोनों इलाकों में भयावह स्थिति पर हैं।
  • स्ट्रोक, स्वास्थ्य से जुड़ी एक और प्रमुख चिंता है जिसका असर भारत में बड़े पैमाने पर दिखने लगा है। प्रत्येक 1 लाख में से 200 महिलाएं स्ट्रोक से पीड़ित हैं। उम्र बढ़ने के साथ स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ता जाता है। हालांकि, अब यह 18 साल जितनी कम उम्र की महिलाओं को भी प्रभावित कर रहा है।
  • ऐसा देखने में आया है कि महिलाओं को गठिया, अनियमित बीपी और मधुमेह जैसे अन्य कई रोगों का ज़्यादा खतरा होता है।
  • गर्भावस्था से जुड़े विकार, एक महिला के लिए शारीरिक, भावनात्मक और वित्तीय मुश्किलें एवं तनाव पैदा कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त गर्भावस्था के दौरान स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है, जिसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

कैसे चुनें इन परिस्थितयों में सुरक्षा देने वाला प्लान?

खुद के लिए या अपने किसी परिजन के लिए सही पॉलिसी चुनना एक मुश्किल काम हो सकता है। यहां कुछ बातें दी गई हैं जो आपको सही पॉलिसी चुनने में मदद कर सकती हैं:

  • गंभीर बीमारी के लिए कवर:  आपको अपने लिए एक ऐसी पॉलिसी लेनी चाहिए जो कैंसर, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी की खराबी जैसी गंभीर बीमारियों के लिए कवर देती हो। अगर आपके परिवार में इन बीमारियों का इतिहास रहा है तो आपके लिए यह और भी ज़रूरी हो जाता है। इससे आपको एक ही पॉलिसी में संपूर्ण सुरक्षा मिल जाएगी और आपको अलग-अलग बीमारियों के लिए विभिन्न पॉलिसियां नहीं लेनी पड़ेंगी। अपने चुनाव को ऐसी पॉलिसियों तक सीमित करें जो आपको बीमारी का पता लगने पर एक मुश्त राशि देती हों चाहे आप अस्पताल में भर्ती हुई हों या नहीं। 
  • डेली हॉस्पिटल कैश बेनिफिट: एक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के बारे में पता करने वाली एक और ज़रूरी बात है कि वह अस्पताल में रहने के दौरान, खाने-पीने और आने-जाने जैसी विविध चीज़ों पर होने वाले खर्च की पूर्ती करती है या नहीं। अक्सर इस पर ध्यान नहीं दिया जाता लेकिन आपके वित्तीय स्रोतों में से, इलाज के कुल खर्च का एक बड़ा हिस्सा इन चीज़ों पर चला जाता है। अपने लिए एक ऐसी पॉलिसी चुनें जो आपको कुल बीमा राशि के एक निश्चित प्रतिशत के बराबर पैसा, डेली हॉस्पिटल कैश बेनिफिट के रूप में दे। 
  • रिकवरी से जुड़े लाभ: आपको उन खर्चों पर भी ध्यान देना होगा जो रिकवरी के उद्देश्य से अस्पताल में ज़्यादा दिनों तक रहने के दौरान होते हैं। इन्हें ‘स्वास्थ्य लाभ से जुड़े फायदे’ भी कहा जाता है। यह लाभ अस्पताल में भर्ती होने के कुछ निश्चित दिन, आम तौर पर 5 दिनों के बाद मिलता है। इस लाभ का एक उदाहरण है - अस्पताल में भर्ती होने के दौरान हुए आय के नुकसान से जुड़ी लागत।

निष्कर्ष


स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदने से पहले हमेशा पूरी सावधानी से विचार करना चाहिए। ज़रूरी है कि आप रिसर्च करके अपने लिए ऐसी पॉलिसी ढूंढें, जिसमें ऊपर दिए गए सभी फीचर मौजूद हों ताकि आपको पूरी सुरक्षा मिल सके।

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